उन्नाव में बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर बना सात फुट गहरा गड्ढा, मरम्मत कार्य शुरू
उन्नाव, एक सितंबर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में भारी बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया, जिससे करीब सात फुट गहरा गड्ढा बन गया। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रखरखाव एजेंसी ने यातायात को दूसरी लेन में परिवर्तित कर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक्सप्रेसवे की हालत को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तंज कसते हुए इसे देश का ‘पहला एक्सप्रेस वॉटरवे’ कहा और आरोप लगाया कि सरकार एक्सप्रेसवे को भ्रष्टाचार का ‘ड्रॉइंग रूम’ बना रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह क्षति प्रयागराज की ओर जाने वाले कैरिजवे पर 423.6 किलोमीटर पर बसीरतगंज टोल प्लाजा के पास रेस्ट एरिया के निकट हुई। क्षतिग्रस्त हिस्से से करीब 300 मीटर पहले अवरोधक लगाकर यातायात को दूसरी लेन में मोड़ दिया गया। एक्सप्रेसवे के करीब 200 किलोमीटर हिस्से का निर्माण करने वाली और उसके रखरखाव से जुड़ी कंपनी पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने रात में गश्त के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्से को देखा और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि क्षति का पता चलते ही तत्काल मरम्मत शुरू कर दी गई और कंक्रीट मिक्सर की मदद से गड्ढे को भर दिया गया, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के अन्य स्थानों पर जहां इसी तरह की क्षति सामने आई है, वहां भी मरम्मत कार्य जारी है। अधिकारी ने लखनऊ में कहा, ‘‘हम एक्सप्रेसवे की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि आवागमन में कोई बाधा न आए और यात्रा सुगम बनी रहे।’’ इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें गड्ढे पर एक शॉल पड़ी दिखाई दे रही है।
वीडियो में दावा किया गया कि गड्ढे को छिपाने के लिए शॉल रखी गई थी। हालांकि, शॉल किसने और क्यों रखी, इसकी कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंगलवार को गड्ढों और एक्सप्रेसवे पर बारिश का पानी जमा होने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए।
कुछ यात्रियों ने इस हिस्से से गुजरने में कठिनाई की बात कही और बेहतर रखरखाव से आवागमन सुगम होने की उम्मीद जताई। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने “एक्स” पर एक पोस्ट में एक वीडियो साझा करते हुए कहा, “ये है भाजपा ‘कालीन’ विकास। सुना तो ये था कि दरारों को कालीनों से ढका जाता है लेकिन यहां तो गंगा एक्सप्रेसवे के गड्ढे ढके जा रहे हैं, कुछ दिनों पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पंखे लगे थे।
भाजपा एक्सप्रेसवे को अपने भ्रष्टाचार का ‘ड्राइंग रूम’ बना रही है क्या?” यादव ने एक अन्य पोस्ट में वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे को दूसरी सड़क से जोड़ने वाले टोल प्लाजा पर जलभराव दिख रहा था। उन्होंने कहा, “भाजपा ने बनाया देश का पहला एक्सप्रेस वॉटर वे!” उन्नाव में पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस मानसून में जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क क्षति की यह दूसरी घटना है।
दही थाना क्षेत्र के सोनिक गांव के पास 17 अगस्त को 421 किलोमीटर पर सड़क का एक हिस्सा धंस गया था। करीब 200 मीटर तक सड़क किनारे की मिट्टी बह गई थी, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। रखरखाव कंपनी ने दो दिन में इसकी मरम्मत कर दी थी।
सोमवार देर रात हुई बारिश के दौरान सड़क फिर बसीरतगंज टोल प्लाजा के पास धंस गई। यह स्थान पहले वाली जगह से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार, बने गड्ढे की चौड़ाई करीब पांच फुट और गहराई सात फुट है।
करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में इसका उद्घाटन किया था।
चारधाम यात्रा में अगस्त में 2.31 लाख यात्री पहुंचे:4 साल में सबसे ज्यादा; बद्रीनाथ में सबसे ज्यादा 1.25 लाख श्रद्धालु आए
उत्तराखंड में अगस्त माह में बारिश भूस्खलन के बीच चारधाम यात्रा की रफ्तार ने नया रिकार्ड बनाया है। बीते चार वर्ष में यह पहला मौका है जब अगस्त में चारधाम में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। इस साल बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में कुल 2,31,518 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। बद्रीनाथ धाम में सबसे ज्यादा 1.25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीन साल बाद केदारनाथ में भी इस अगस्त में सबसे ज्यादा शिव भक्त पहुंचे। कोरोनाकाल के बाद अगस्त 2022 में चारधाम में 2 लाख 67 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे। इस साल 19 अप्रैल से शुरू उत्तराखंड चारधाम यात्रा की रफ्तार जुलाई में सुस्त रही, लेकिन अगस्त में तेज बारिश, बंद हाईवे और कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड बना। चारधाम यात्रा में बीते साल की तुलना में इस बार अगस्त माह में 93,680 और 2024 के मुकाबले 1,18,502 यात्री ज्यादा पहुंचे। हेमकुंड साहिब में भी बीते माह रिकार्ड श्रद्धालु पहुंचे उत्तराखंड में सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में अगस्त 2026 में रिकार्ड 67863 श्रद्धालु पहुंचे। 1 जून से शुरू हुई यात्रा में अभी तक 2.89 लाख श्रद्धालु आ चुके हैं। बीते वर्ष पूरे सीजन में 2 लाख 74 हजार श्रद्धालु आए थे। 40 दिन पहले ही रिकॉर्ड टूट गया है। चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर सेवा का दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होगा। उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, मानसून कमजोर होने के बाद मौसम हेलिकॉप्टर उड़ानों के लिए सुरक्षित रहने की उम्मीद है। यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया गया है। हेलिकॉप्टर सेवा की सुरक्षा के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, AAI और DGCA के साथ तालमेल किया जा रहा है। सहस्रधारा हेलीपोर्ट और सीतापुर में ATC व्यवस्था की गई है। बद्रीनाथ में जल्द ATC बनाने की योजना है, जबकि केदारनाथ में 2027 की यात्रा से पहले ATC स्थापित किया जाएगा। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… चारधाम यात्रा 2026- पहले हफ्ते में 3 लाख यात्री पहुंचे, केदारनाथ में 1.56 लाख पार, 24 लाख रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड की चारधाम यात्रा ने इस साल शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पहले ही सप्ताह में श्रद्धालुओं की संख्या 3 लाख के पार पहुंच गई है, जबकि कुल पंजीकरण करीब 24 लाख तक जा पहुंचा है। आस्था के इस बढ़ते सैलाब के बीच सरकार का दावा है कि व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त और नियंत्रण में हैं। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi











