हर्षिता गौर बोलीं- ‘मिर्जापुर’ ने पहचान दी:एक साल काम नहीं मिला तो डिप्रेशन में गईं; अल्लू अर्जुन की तारीफ ने बढ़ाया हौसला
‘मिर्जापुर’ की डिंपी यानी हर्षिता गौर लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान बना चुकी हैं। ‘साड्डा हक’ के बाद उन्हें करीब एक साल तक काम नहीं मिला। इस दौर में उन्हें खुद भी पता नहीं था कि वह डिप्रेशन से गुजर रही हैं। एक्टिंग वर्कशॉप ने उन्हें इससे बाहर निकलने में मदद की। ‘मिर्जापुर’ ने उनके करियर को नई पहचान दी और अब वह फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में हर्षिता ने करियर के उतार-चढ़ाव, लॉकडाउन, खुद को पहचानने की सीख और 2022 में अल्लू अर्जुन से हुई खास मुलाकात का किस्सा साझा किया। सवाल: ‘साड्डा हक’ के बाद आपके करियर में सबसे मुश्किल दौर कौन सा रहा? जवाब: ‘साड्डा हक’ खत्म होने के बाद करीब एक साल तक मेरे पास काम नहीं था। शो तीन साल चला था और मुझे लगा था कि अब फिल्मों में काम करूंगी। लेकिन काम मिलना आसान नहीं था। शुरुआत के एक-दो महीने घूमने-फिरने में निकल गए। उसके बाद मुंबई में बिना काम के रहना एक एक्टर के लिए काफी मुश्किल होता है। उस समय मैं डिप्रेशन में चली गई थी। सवाल: उस समय आपको पता था कि आप डिप्रेशन में जा रही हैं? जवाब: नहीं, उस समय मुझे बिल्कुल एहसास नहीं था। बाद में डिप्रेशन के लक्षणों के बारे में पता चला तो पीछे मुड़कर समझ आया कि मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा था। मैं मुंबई वाले घर में ही रहती थी। एक दिन पड़ोस वाली आंटी आईं और उन्होंने कहा कि काफी दिनों से दिखाई नहीं दीं। तब भी मैं किसी को ठीक से नहीं बता पा रही थी कि मेरे साथ क्या हो रहा है। सवाल: फिर इस दौर से बाहर कैसे निकलीं? जवाब: मैंने अतुल मंगिया के सजेस्ट करने पर एक एक्टिंग वर्कशॉप की। मैं आज भी उन्हें अपना गुरु मानती हूं। उन्होंने मुझे एक एक्टर के तौर पर बेहतर किया और मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे बचाया भी। वह अनुभव मेरे लिए थेरेप्यूटिक रहा। उसके बाद समझ आया कि ऐसा महसूस होने पर थेरेपिस्ट से भी बात की जा सकती है। उस समय मुझे मेंटल हेल्थ या डिप्रेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सवाल: ‘मिर्जापुर’ आपके करियर में कब आया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ मैंने अक्टूबर 2017 से करना शुरू किया था। उससे पहले मेरी एक्टिंग वर्कशॉप हो चुकी थी। यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ। शो ने मुझे लोगों तक पहुंचाया और डिंपी के किरदार से मुझे अलग पहचान मिली। सवाल: ‘मिर्जापुर’ की वजह से आपको आगे कितना फायदा मिला? जवाब: बहुत फायदा हुआ। ‘जहानाबाद’ का काम भी कहीं न कहीं ‘मिर्जापुर’ की वजह से मिला। साउथ की फिल्म ‘फलकनुमा दास’ भी मिली। जब लोग आपको किसी काम में देख चुके होते हैं तो उनका भरोसा बढ़ जाता है। ‘मिर्जापुर’ ने मेरे करियर में यह भरोसा बनाने में बहुत मदद की। सवाल: साउथ की फिल्म के बाद वहां आगे काम क्यों नहीं कर पाईं? जवाब: ‘फलकनुमा दास’ 2019 में रिलीज हुई थी। उसके बाद मैं वहां और काम करना चाहती थी, लेकिन लगातार दो लॉकडाउन आ गए। मैं वापस वहां जा ही नहीं पाई। वरना मेरी साउथ में और काम करने की इच्छा थी। सवाल: लॉकडाउन का समय आपके लिए कैसा रहा? जवाब: पहला लॉकडाउन मैंने मुंबई में अपने पड़ोसी अंकल-आंटी के साथ बिताया। उनके दो घर हैं और उनका परिवार जैसा माहौल मेरे लिए हमेशा अच्छा रहा है। हम साथ रहते थे, खाते थे और समय बिताते थे। इसलिए मुझे अकेलापन महसूस नहीं हुआ। सवाल: 2022 में फिर ऐसा समय आया जब आपको लगा कि एक्टिंग सही फैसला था या नहीं? जवाब: हां, 2022 में मैं पर्सनली और प्रोफेशनली दोनों स्तर पर मुश्किल दौर से गुजर रही थी। लगता था कि अब तक मुझे यह कर लेना चाहिए था, लेकिन चीजें वैसी नहीं हो रही थीं। मन में आया कि क्या मुझे कुछ और करना चाहिए? क्या एक्टिंग में पर्याप्त मौके मिल रहे हैं या मिलेंगे? क्या मुझे खुद में बदलाव करना चाहिए? उस समय मैं थोड़ा डगमगाई थी। सवाल: फिर ऐसा क्या हुआ जिससे आपका भरोसा वापस आया? जवाब: मेरे लिए वह अल्लू अर्जुन से हुई मुलाकात थी। मैं गोवा में थी और वह अपनी फैमिली के साथ थे। उन्होंने मुझे देखा और खुद पास आकर बात की। उन्होंने ‘मिर्जापुर’ और मेरे किरदार के बारे में बात की और मेरी स्क्रीन प्रेजेंस की भी तारीफ की। मुझे बहुत अच्छा लगा, क्योंकि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती भी नहीं थी। सवाल: क्या इसके बाद उनसे दोबारा मुलाकात हुई? जवाब: हां, कुछ दिन बाद 31 दिसंबर को मैं उनसे फिर टकरा गई। वह अपनी फैमिली के साथ थे और मैं दोस्तों के साथ। नया साल शुरू होने वाला था, तब हमने एक-दूसरे को विश किया। उन्होंने फिर मेरे किरदार और शो की बात की और मुझसे कहा कि तुम्हें और काम करना है, तुम्हारे लिए अभी बहुत लंबा रास्ता है। सवाल: उनकी इस बात का आप पर कितना असर हुआ? जवाब: उन्हें बिल्कुल नहीं पता कि उनकी उस छोटी सी बात ने एक डिमोटिवेटेड इंसान को कितनी मोटिवेशन दी। अगले दिन यानी 1 जनवरी को मुझे लगा कि यह यूनिवर्स का सिग्नल था। वह मुझे जानते नहीं थे, मेरा उनसे कोई कॉमन लिंक नहीं था और मैंने उनकी किसी फिल्म में काम भी नहीं किया था। फिर भी उन्होंने मेरे काम की तारीफ की और आगे बढ़ने के लिए कहा। यह बात आज तक मेरे साथ है। सवाल: कभी लगा कि उनसे नंबर एक्सचेंज कर लेना चाहिए था? जवाब: अब जो हो गया, वो हो गया। मेरे पास उनके साथ एक फोटो भी नहीं है। लेकिन मानती हूं कि अगर यूनिवर्स ने उस समय उनसे मिलवाया था तो शायद दोबारा भी मिलवा देगा। मैं आज भी चाहती हूं कि उनसे मिलूं और उन्हें बताऊं कि उनकी उस एक बात का मुझ पर कितना असर हुआ था। सवाल: इस पूरी जर्नी में आपकी सबसे बड़ी सफलता क्या रही? जवाब: खुद को पहचानना। मेरे लिए पर्सनल ग्रोथ सबसे बड़ी सफलता है। इस फील्ड में रहते हुए समझ आया कि मैं कौन हूं, मेरी स्ट्रेंथ, कमजोरियां और पैटर्न क्या हैं और मैं अपने काम में क्या लेकर आती हूं। सवाल: इतने सालों में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: अपनी उम्मीदों और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाना। हम ए से शुरू करते हैं और जेड तक पहुंचना चाहते हैं। बी, सी या डी तक पहुंचने पर लगता है कि अभी जेड तक नहीं पहुंचे। हम भूल जाते हैं कि शुरुआत ए से की थी। अपनी प्रगति को पहचानना और उसकी अहमियत समझना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। सवाल: करियर के उतार-चढ़ाव से आपने सबसे बड़ी सीख क्या ली? जवाब: अब मुझे लगता है कि मेहनत करना हमारे हाथ में है, लेकिन उसका फल कब और कितना मिलेगा, यह हमारे हाथ में नहीं है। इसलिए जो हमारे हाथ में नहीं है, उसकी चिंता क्यों करनी। अपना रास्ता चुनिए, मेहनत करते रहिए और आगे बढ़ते रहिए। अब मुझे हर चीज में मजा आने लगा है। _____________________ हर्षिता गौर का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे ‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
अभिषेक के लिए ऐश्वर्या राय ने ठुकराई थी फिल्म:शाहरुख की ‘हैप्पी न्यू ईयर’ से कमबैक करने वाली थीं, पत्नी के तौर पर फैसला लिया था
एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन को 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के लिए डायरेक्टर फराह खान की पहली पसंद बताया जाता है। हालांकि, बेटी आराध्या को जन्म देने के बाद फिल्मों में वापसी कर रहीं ऐश्वर्या ने इस फिल्म को ठुकरा दिया था। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी बननी थी, जबकि उनके पति अभिषेक बच्चन भी फिल्म का हिस्सा थे। शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन स्टारर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। ऐश्वर्या ने फिल्म इसलिए नहीं की क्योंकि उन्हें लगा कि फिल्म में वह और अभिषेक एक-दूसरे के साथ कास्ट नहीं होंगे और अलग-अलग कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी बनने से स्क्रीन पर अजीब स्थिति पैदा हो सकती है। एक पुराने इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि उन्हें यह फिल्म फिल्मों से ब्रेक के बाद वापसी के लिए बिल्कुल सही लगी थी। 2018 में पत्रकार राजीव मसंद से बातचीत में उन्होंने कहा था कि बड़े ब्लॉकबस्टर और तय बॉक्स ऑफिस वाली ऐसी फिल्म उनके लिए बेहतरीन वापसी हो सकती थी। हालांकि, फिल्म में अभिषेक के पहले से होने की वजह से ऐश्वर्या को इसकी कास्टिंग का डायनेमिक सही नहीं लगा। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर फिल्म ऑफर की जाती तो वह जरूर करतीं, लेकिन अभिषेक के साथ फिल्म में अलग-अलग कलाकारों के साथ जोड़ी बनाना ठीक नहीं लगता। ऐश्वर्या ने माना था कि एक प्रोफेशनल और एक्टर के तौर पर ऐसी फिल्म छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन पत्नी के तौर पर उन्होंने यह फैसला लिया। एक अन्य बातचीत में NDTV से ऐश्वर्या ने कहा था कि उन्हें फिल्म काफी मजेदार लगी थी और उन्हें पता था कि इसकी शूटिंग का अनुभव अच्छा रहेगा, लेकिन फिल्म में उनके और अभिषेक के एक-दूसरे के साथ जोड़ी न बनने की वजह से उन्होंने इसे ठुकरा दिया। ऐश्वर्या ने और कौन-सी फिल्में ठुकराईं ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के अलावा ऐश्वर्या को कई सफल फिल्मों के ऑफर मिलने की रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं। इनमें ‘ट्रॉय’, ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’, ‘भूल भुलैया’, ‘कृष’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ शामिल हैं। हालांकि, इन फिल्मों को ठुकराने की वजहों से जुड़ी बातें ऐश्वर्या ने खुद कंफर्म नहीं की हैं। अभिषेक-ऐश्वर्या के तलाक की अफवाहें सामने आई थीं अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन के तलाक की अफवाहें साल 2024 में काफी चर्चा में रही थीं। इन अफवाहों को तब हवा मिली, जब जुलाई 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में अभिषेक पूरे बच्चन परिवार के साथ पहुंचे थे। वहीं, ऐश्वर्या अपनी बेटी आराध्या के साथ अलग नजर आई थीं। इसके बाद ऐश्वर्या को पेरिस फैशन वीक और दूसरे इवेंट्स में भी सिर्फ आराध्या के साथ देखा गया। सोशल मीडिया पर अभिषेक का एक डीपफेक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह तलाक का ऐलान करते दिख रहे थे। इससे अफवाहों को और बढ़ावा मिला। हालांकि, लंबे समय तक चुप रहने के बाद अभिषेक ने इन खबरों पर नाराजगी जताई थी। दिसंबर 2025 में पीपिंग मून से बातचीत में अभिषेक ने कहा था, “अगर आप एक पब्लिक फिगर हैं, तो लोग आपकी हर छोटी बात पर अपनी राय बनाएंगे। हमारे बारे में जो भी गलत बातें लिखी गई हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। ये बातें गलत हैं और जानबूझकर दुख पहुंचाने वाली हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें उनकी शादी के बाद शुरू नहीं हुई थीं, बल्कि शादी से पहले से ही चल रही थीं। अभिषेक ने कहा, “शादी से पहले लोग हमारी शादी की तारीखें बताने लगे थे। शादी के बाद लोग यह तय करने लगे कि हम कब अलग होंगे। ये सब बकवास है। वह मेरी सच्चाई जानती हैं और मैं उनकी सच्चाई जानता हूं। हम अपने परिवार के साथ प्यार और खुशी से रहते हैं, और हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।” पिछले महीने अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन को एक साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। वे अमेरिका (न्यूयॉर्क) से अपनी पारिवारिक छुट्टियां बिताकर वापस लौटे थे।
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