Neeraj Chopra: एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, सीजन का हुआ समय से पहले अंत
Neeraj Chopra ruled out Asian Games 2026: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा का 2026 का सत्र समय से पहले ही समाप्त हो गया है। अभ्यास सत्र के दौरान टखने में लिगामेंट टियर (Ligament Tear) की गंभीर चोट लगने के कारण वह आगामी एशियन गेम्स और प्रतिष्ठित डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। अपने डॉक्टरों और सपोर्ट स्टाफ से लंबी चर्चा के बाद नीरज ने इस मुश्किल सत्र को यहीं रोकने और पूरी तरह से रिकवरी पर ध्यान केंद्रित करने का कठिन निर्णय लिया है।
सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक हैंडल से इस बात की जानकारी साझा करते हुए नीरज ने लिखा कि कड़ी मेहनत के बाद उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि वह आखिरकार अपनी खोई हुई लय हासिल कर रहे हैं, खासकर लुसाने डायमंड लीग में सीजन का अपना बेस्ट थ्रो फेंकने के बाद। लेकिन दुर्भाग्य से, उसके तुरंत बाद ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने में चोट लग गई।
लुसाने में शानदार प्रदर्शन के बाद आया चोट का यह बड़ा आघात
यह दुर्भाग्यपूर्ण चोट ऐसे समय में आई है जब नीरज ने हाल ही में लुसाने डायमंड लीग में अपने इस साल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। उन्होंने वहां 88.05 मीटर के शानदार थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था, और वह श्रीलंका के रमेश थरंगा पाथिराज (Rumesh Tharanga Pathirage) से महज नौ सेंटीमीटर से चूक गए थे, जिन्होंने 88.14 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान प्राप्त किया था।
अगर इस साल के सफर पर नजर डालें, तो लुसाने मीट से पहले नीरज ने 2026 में केवल दो अन्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। उन्होंने दोहा डायमंड लीग में चौथा स्थान और कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता था, हालांकि दोनों ही इवेंट्स में वह 86 मीटर का आंकड़ा पार करने में असफल रहे थे। लुसाने के प्रदर्शन ने उनके प्रशंसकों में उम्मीद जगाई थी कि वह एक बार फिर अपनी पुरानी लय में लौट रहे हैं।
रिकवरी पर रहेगा पूरा फोकस, एथलेटिक्स दल के लिए बड़ा झटका
एशियन गेम्स और डायमंड लीग जैसे साल के सबसे बड़े टूर्नामेंटों से बाहर होना भारत के एथलेटिक्स दल के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। अपनी निराशा व्यक्त करते हुए नीरज ने कहा कि यह उनके लिए काफी निराशाजनक है, खासकर तब जब उन्हें लगा था कि वह अपनी लय के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि असफलताएं सफर का ही एक हिस्सा होती हैं।
नीरज ने अपने प्रशंसकों को संदेश देते हुए कहा कि उनका पूरा ध्यान अब अच्छी तरह से रिकवर होने और पहले से अधिक मजबूत होकर मैदान पर वापसी करने पर है। उन्होंने इस मुश्किल समय में उन्हें लगातार प्यार और समर्थन देने के लिए सभी का आभार भी व्यक्त किया। टोक्यो ओलंपिक 2021 में स्वर्ण और पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज चोपड़ा के इस हालिया झटके से उनके फैंस जरूर निराश हैं, लेकिन सभी को उनकी दमदार वापसी का इंतजार रहेगा।
BWF World Championships: ट्रीसा-गायत्री ने चीन की जोड़ी को हराकर रचा इतिहास, 15 साल बाद भारत को महिला डबल्स में मेडल
BWF World Championships: भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में इतिहास रच दिया। भारतीय महिला डबल्स जोड़ी ने क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को रोमांचक मुकाबले में 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया।
बिना सीड वाली भारतीय जोड़ी ने करीब 1 घंटे 9 मिनट तक चले मुकाबले में शानदार वापसी की। ट्रीसा और गायत्री की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मुकाबले से पहले चीनी जोड़ी के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 0-3 था।
Treesa Jolly-Gayatri Gopichand: Highlights
- इवेंट: BWF World Championships 2026
- इवेंट कैटेगरी: Women's Doubles
- राउंड: Quarterfinal
- भारतीय जोड़ी: ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद
- विपक्षी: जिया यी फैन-झांग शू जियान
- स्कोर: 16-21, 21-15, 21-13
- नतीजा: भारत की जीत
- उपलब्धि: सेमीफाइनल में प्रवेश, कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का
- खास रिकॉर्ड: महिला डबल्स में भारत का 15 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
Delhi: India’s Treesa Jolly and Gayatri Gopichand spoke to the media after their historic quarter-final win to confirm a medal at the BWF World Championships in New Delhi pic.twitter.com/4WliTKcgdy
— IANS (@ians_india) August 21, 2026
15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत के साथ भारत ने महिला डबल्स में 15 साल बाद BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल पक्का किया है। भारत ने आखिरी बार 2011 में लंदन में महिला डबल्स में मेडल जीता था, जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।
यह ट्रीसा और गायत्री के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले दोनों ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था।
पहले गेम में चीन की जोड़ी का दबदबा
क्वार्टरफाइनल की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। ट्रीसा और गायत्री एक समय 1-6 से पीछे थीं। हालांकि, दोनों ने लगातार छह अंक जीतकर 8-9 तक वापसी की।
भारतीय खिलाड़ियों ने कई शानदार रैलियों के जरिए मुकाबले में बने रहने की कोशिश की, लेकिन जिया यी फैन और झांग शू जियान ने दबाव बनाए रखा। चीनी जोड़ी ने 17-14 की बढ़त बनाई और अंत में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में ट्रीसा-गायत्री की शानदार वापसी
दूसरे गेम में भी चीन की जोड़ी ने तेज शुरुआत की और 5-1 की बढ़त हासिल कर ली। स्कोर 10-7 होने के बाद भारतीय जोड़ी ने मैच का रुख बदल दिया। ट्रीसा और गायत्री ने आक्रामक खेल दिखाते हुए लगातार अंक जुटाए और 13-10 की बढ़त बना ली। इसके बाद मुकाबला बेहद करीबी रहा और स्कोर 15-14 तक पहुंच गया।
हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दबाव में शानदार संयम दिखाया और 19-14 की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में भारत का दबदबा
तीसरे गेम में ट्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जोड़ी ने 11-5 की बढ़त के साथ इंटरवल में प्रवेश किया। इसके बाद भी दोनों ने अपना दबाव बनाए रखा और लगातार तीन अंक हासिल कर बढ़त को 14-7 कर दिया। चीन की जोड़ी वापसी की कोशिश करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामकता के सामने उनकी गलतियां बढ़ती गईं।
ट्रीसा और गायत्री हर अंक के बाद जोश में नजर आईं। दूसरी ओर, चीनी खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज में दबाव साफ दिखाई देने लगा। नेट पर कई गलतियों का फायदा भारतीय जोड़ी ने उठाया और स्कोर 17-9 तक पहुंचा दिया।
नौ मैच पॉइंट मिले, दो बचाए
जिया यी फैन और झांग शू जियान ने कुछ मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने अपना संयम नहीं खोया। 18-9 के स्कोर पर चीन की जोड़ी ने एक और शॉट बाहर मार दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों को नौ मैच पॉइंट मिले।
चीन की जोड़ी ने इनमें से दो मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अगली ही रैली में एक और शॉट बाहर चला गया। इसके साथ ही ट्रीसा और गायत्री ने तीसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जीत के बाद ट्रीसा कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री के चेहरे पर खुशी और अविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय जोड़ी ने एक कठिन मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया।
चोट के बाद शानदार वापसी
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बैडमिंटन की मजबूत महिला डबल्स जोड़ियों में शामिल रही हैं। दोनों ने 2022 और 2023 में लगातार दो बार ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में दोनों ने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था और पिछले साल की शुरुआत में टॉप-10 में जगह बनाई थी।
हालांकि, इस साल की शुरुआत में ट्रीसा को एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें लंबे रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा।
रिहैब के बाद ट्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन से वापसी की। इसके बाद दोनों ने यूएस ओपन में हिस्सा लिया और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज का खिताब भी जीता।
अब सेमीफाइनल में पदक का रंग बदलने की कोशिश
वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल पक्का करने के बाद अब ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की नजरें फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज को गोल्ड में बदलने पर होंगी। भारत के लिए यह महिला डबल्स में एक बड़ी उपलब्धि है और दोनों खिलाड़ियों की चोट के बाद वापसी को भी इस जीत ने खास बना दिया है।
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