समय रैना फिर विवादों में:बिहारियों और कश्मीरी पंडितों पर टिप्पणी से बवाल; BJP विधायक राम कदम बोले- धर्म और समुदाय मजाक का विषय नहीं
कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- 'गालियां देना टैलेंट है।' उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें..
एक्टर चंद्रचूड़ की हवेली कब्जाई, चाची समेत 7 पर FIR:भाई बोले- फर्जी वसीयत बनवाकर प्रॉपर्टी हड़पी, अब पुलिस डील करेगी
अलीगढ़ में एक्टर चंद्रचूड़ सिंह की हवेली कब्जाने में उनकी चाची समेत 7 लोगों पर केस दर्ज हुआ है। चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु सिंह ने इस मामले में रोरावर थाने में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने करोड़ों की जमीन और पुरानी हवेली के फर्जी वसीयत तैयार कराने के बाद प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। अभिमन्यु सिंह ने पुलिस को बताया- हमारी जमीनें जलालपुर के आसपास कई गांवों में हैं। पुश्तैनी हवेली भी है, जिस पर चाची गायत्री देवी सिंह ने लोगों के साथ मिलकर कब्जा कर लिया है। इस मामले में सिविल कोर्ट में मुकदमा पहसे से था, जिस पर अब क्रिमिनल एक्शन लिया है। अब आगे पुलिस ही डील करेगी। जलालपुर एस्टेट परिवार से आते हैं अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह चंद्रचूड़ सिंह 'माचिस, जोश, क्या कहना' जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनका परिवार अलीगढ़ के पुराने जमींदार परिवारों में गिना जाता है। उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह भारतीय सेना में अधिकारी रहे। वह 1985 में सदर विधानसभा सीट से विधायक बने थे। परिवार की जमीनें जलालपुर और आसपास के कई गांवों में फैली हैं। जमीनों पर छोटे-बड़े विवाद पहले भी होते रहे, लेकिन यह पहली बार मामला खुलकर सामने आया है। चाचा के निधन के बाद बढ़ा विवाद चंद्रचूड़ के चाचा गंगा सिंह लंबे समय से स्वीडन में रहते थे। भाई की मौत के बाद गंगा सिंह जलालपुर हवेली में आकर रहने लगे। अक्टूबर-2025 में गंगा सिंह का निधन हो गया। उसके बाद से ही पुश्तैनी संपत्ति, हवेली और ट्रस्ट से जुड़ी जमीनों पर कब्जे और दावेदारी को लेकर परिवार में तनातनी बढ़ गई। अब पढ़िए चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु ने बताया… दादा की मौत से एक दिन पहले बनी फर्जी वसीयत हमारे दादाजी अलीगढ़ के बहुत बड़े जमींदार थे। साल- 1997 में उनका निधन हुआ था। उनके निधन से ठीक एक दिन पहले एक फर्जी वसीयत तैयार कर ली गई थी। इस बड़े षड्यंत्र में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ बाहरी लोग भी शामिल हैं। इस फर्जी वसीयत के जरिए सारी की सारी बेशकीमती जमीनें एक ही परिवार और दो लोगों के नाम ट्रांसफर कर दी गईं। तहसील कर्मियों से मिलीभगत वसीयत का कोई प्रोबेट भी नहीं कराया गया था। चाचा गंगा सिंह की पत्नी और बेटे ने फर्जी तरीके से हवेली और जमीन पर कब्जा किया। उन लोगों ने बेहद शातिर तरीके से तहसील कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व दस्तावेजों में हेर-फेर की। नाम बदलकर सालों तक इन जमीनों को अवैध रूप से बेचा है। हम मुंबई में थे, हमारे पीछे खेल होता रहा मेरा परिवार लंबे समय से मुंबई में रह रहा था। अलीगढ़ से दूर रहने के कारण इस बात की भनक तक नहीं लगी कि पैतृक संपत्तियों को कब्जा कर बेचा जा रहा है। अब धोखाधड़ी की जानकारी पर लीगल टीम को काम पर लगा दिया है। पैतृक संपत्ति में 1870 में बनी ऐतिहासिक हवेली द जलालपुर एस्टेट भी शामिल है। यह एक हेरिटेज प्रॉपर्टी है। सभी दस्तावेज निकाले गए हैं और उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है। कोर्ट में पहुंचा था मामला, अब क्रिमिनल एक्शन होगा चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु ने बताया- अलीगढ़ की अदालत में सिविल सूट दर्ज किया था। दो महीने से लगातार सबूत जुटा रहा था। अब इस मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कराया है। इस जमीनी विवाद और धोखाधड़ी में न सिर्फ परिवार के लोग शामिल हैं, बल्कि कुछ स्थानीय राजनेता भी गलत तरीके से इसमें घुसने की कोशिश कर रहे हैं। इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। जलालपुर चौकी में बयान दर्ज कराए चंद्रचूड़ सिंह अपने भाई के साथ शनिवार को थाना रोरावर की जलालपुर चौकी पहुंचे। यहां पुलिस के सामने बयान दर्ज कराया। अभिनेता ने अपनी पैतृक संपत्ति को फर्जी वसीयत के जरिए हड़पने की कोशिश का आरोप लगाया है। मुकदमे में चाची, कजिन भाई, बहन, एक विदेशी नागरिक, दो गवाह और वकील समेत सात लोगों को नामजद किया है। चंद्रचूड़ सिंह ने बताया- संपत्ति को लेकर चाचा के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा है। बेशकीमती पैतृक संपत्ति पर अधिकार जताने के लिए फर्जी वसीयत तैयार कराई गई और उसके आधार पर संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई है। हमने सभी सबूत पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। ………………………… यह खबर भी पढ़ें सिंगर अंकित की पत्नी फूट-फूटकर रोईं, बोलीं- आत्मदाह कर लूंगी: पति के हत्यारों का एनकाउंटर हो, अब परिवार को कौन संभालेगा? शहर के बीचों-बीच चार बदमाशों ने खुलेआम मेरे पति की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों के चेहरे खुले थे। वो बेखौफ होकर आए, वारदात को अंजाम दिया और फिर आसानी से फरार हो गए। यह खबर भी पढ़ें
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