क्या आप भी काफी समय से लग्जरी गाड़ी खरीदने का प्लान, तो यह लेख आपके लिए है। दरअसल, जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया ने अपनी मशहूर लग्जरी एसयूवी रेंज रोवर स्पोर्ट की 20वीं वर्षगांठ का जश्न मनाते हुए भारत में Range Rover Sport TWENTY Edition लॉन्च किया है।
आपको बताते चलें कि, भारतीय बाजारों में इस एक्सक्लूसिव स्पेशल एडिशन की कीमत 1.90 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है।
Range Rover Sport TWENTY Edition के एक्सटीरियर और डिजाइन में क्या खास है?
एक्सक्लूसिव पेंट ऑप्शंस
यह बोल्ड और अल्ट्रा-मेटैलिक सैंग्विनेलो ऑरेंज फिनिश में उपलब्ध है। ग्राहक सेंटोरिनी ब्लैक और ओस्टुनी वाइट कलर का ऑप्शन चूज कर सकते हैं।
ब्लैक एक्सटीरियर पैक
एकदम सरल और स्पॉटी लुक पसंद करने वाले खरीदारों के लिए इसमें ब्लैक एक्सटीरियर पैक दिया है।
व्हील्स और एचिंग
दरअसल, इसमें स्पेशल TWENTY की नक्काशी की दे रखी है और 23 इंच के ग्लॉस स्पार्कल सिल्वर व्हील्स दिए है। अगर ऑप्शन के तौर पर ग्लॉस ब्लैक को भी चुन सकते हैं।
इंटीरियर और केबिन अनुभव कैसा है?
SV-इंस्पायर्ड सीट्स
आपको बताते चलें कि, इसमें इंटीरियर में परफॉर्मेंस फ्लैगशिप 'रेंज रोवर स्पोर्ट SV' से ली गई हल्की और सुडौल एबोनी विंडसर सीट्स दी गई हैं, जो मोटरस्पोर्ट्स से संबंधित हैं।
केबिन एम्बिएंस
इसकी केबिन के अंदर फोर्ज्ड कार्बन विनियर और ब्लैक सुएड क्लॉथ हेडलाइनिंग दी गई है। जो कि इसे गहरा और प्रीमियम स्पॉटी लुक देती है। इसके साथ ही इल्यूमिनेटेड TWENTY ट्रेडप्लेट्स और सेंटर कंसोल पर TWENTY की स्क्रिंप्टिंग इस एक्सक्लूसिव मॉडल जैसी नजर आती है।
एडवांस ड्राइवर टेक
इसमें ऑल-व्हील स्टीयरिंग, टॉर्क वेक्टरिंग बाय ब्रेकिंग के साथ इलेक्ट्रॉनिक एक्टिव डिफ्रेंशियल, टेरेन रिस्पॉन्स प्रोग्राम्स और डायनेमिक एयर सस्पेंशन जैसे बेहतरीन ऑफ रोडिंग व ड्राइविंह फीचर्स शामिल है।
Engine और Speed
इंजन आउटपुट- इस लग्जरी कार में 4.4 लीटर का ट्विन टर्बो V8 माइल्ड-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन दिया गया है। यह दमदार इंजर 529 bhp की मैक्सिमम पावर और 750nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है।
रफ्तार और परफॉर्मेंस-इसका विशाल आकार के बावजूद यह लक्जरी एसयूवी सिर्फ 4.5 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने की सक्षम है।
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आज के समय में बढ़ती पेट्रोल कीमतों ने हर दोपहिया वाहन चालक की जेब पर असर डाला है। ऐसे में स्कूटर खरीदते समय लोग सबसे पहले उसके माइलेज पर ध्यान देते हैं। हालांकि, अच्छी माइलेज केवल इंजन या कंपनी के दावे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि वाहन की नियमित देखभाल भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। कई लोग ईंधन बचाने के लिए धीरे-धीरे स्कूटर चलाते हैं, समय पर सर्विस करवाते हैं और अनावश्यक एक्सेलरेशन से बचते हैं। लेकिन एक बेहद आसान और जरूरी मेंटेनेंस टिप को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के माइलेज बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।
सही टायर प्रेशर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
स्कूटर के टायर ही सड़क और वाहन के बीच संपर्क का माध्यम होते हैं। यदि टायर में हवा का दबाव कंपनी द्वारा निर्धारित स्तर से कम हो जाता है, तो टायर सड़क पर अधिक सतह से चिपकने लगते हैं। इससे रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और स्कूटर को आगे बढ़ाने के लिए इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। परिणामस्वरूप ईंधन की खपत बढ़ जाती है और माइलेज धीरे-धीरे कम होने लगता है।
कम हवा वाले टायर कैसे बढ़ाते हैं पेट्रोल की खपत?
जब टायर में पर्याप्त हवा नहीं होती, तो स्कूटर का संतुलन और गति दोनों प्रभावित होते हैं। इंजन को हर बार अतिरिक्त दबाव के साथ काम करना पड़ता है, जिससे हर किलोमीटर पर अधिक पेट्रोल खर्च होता है। शुरुआत में इसका असर महसूस नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक कम एयर प्रेशर के साथ वाहन चलाने से माइलेज में स्पष्ट गिरावट दिखाई देने लगती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ समय-समय पर टायर प्रेशर जांचने की सलाह देते हैं।
केवल माइलेज ही नहीं, मिलते हैं कई अतिरिक्त फायदे
सही टायर प्रेशर बनाए रखने का लाभ केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है। इससे स्कूटर की ओवरऑल परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है। सही हवा वाले टायर सड़क पर बेहतर पकड़ बनाए रखते हैं, जिससे वाहन अधिक स्थिर महसूस होता है। साथ ही मोड़ लेते समय, खराब रास्तों पर या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में स्कूटर को नियंत्रित करना आसान हो जाता है। इससे दुर्घटना की संभावना भी कम हो सकती है।
टायर की उम्र बढ़ाने का आसान तरीका
कम हवा वाले टायर जल्दी और असमान तरीके से घिसते हैं। इससे कुछ ही समय में नए टायर खरीदने की नौबत आ सकती है। वहीं, यदि टायर में कंपनी द्वारा सुझाया गया एयर प्रेशर बना रहे, तो घिसाव संतुलित होता है और टायर अधिक समय तक उपयोग में आते हैं। इससे वाहन की रनिंग कॉस्ट भी कम होती है और बार-बार टायर बदलने का खर्च बच जाता है।
कितने अंतराल पर जांचें टायर प्रेशर?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम एक बार या हर 10 से 15 दिन में टायर प्रेशर जरूर जांचना चाहिए। लंबी यात्रा पर निकलने से पहले भी हवा का दबाव चेक करना बेहतर रहता है। हमेशा वाहन निर्माता द्वारा बताए गए PSI (पाउंड प्रति वर्ग इंच) के अनुसार ही टायर में हवा भरवाएं। जरूरत से ज्यादा या कम हवा दोनों ही वाहन की परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकती हैं।
बेहतर माइलेज के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
यदि आप अपने स्कूटर से अधिक माइलेज चाहते हैं, तो सही टायर प्रेशर के साथ-साथ समय पर सर्विसिंग, साफ एयर फिल्टर, अच्छी गुणवत्ता का इंजन ऑयल और संतुलित राइडिंग स्टाइल भी अपनाएं। तेज एक्सेलरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। इन छोटी-छोटी आदतों से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि स्कूटर की कार्यक्षमता और जीवनकाल भी बढ़ेगा।
स्कूटर का माइलेज बढ़ाने के लिए हमेशा बड़े बदलाव या महंगे मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती। कई बार केवल टायर में सही एयर प्रेशर बनाए रखने जैसी छोटी आदत भी बड़ा अंतर पैदा कर सकती है। इससे पेट्रोल की बचत होती है, टायर लंबे समय तक चलते हैं, वाहन सुरक्षित रहता है और आपकी जेब पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। इसलिए अगली बार पेट्रोल पंप जाएं, तो ईंधन भरवाने के साथ टायर प्रेशर की जांच करना बिल्कुल न भूलें।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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