‘दायरा’ के ट्रेलर पर बॉलीवुड हुआ फिदा! आलिया भट्ट से लेकर विक्की कौशल तक, सितारों ने जमकर लुटाया प्यार!
Daayra Trailer: मेघना गुलजार की अपकमिंग फिल्म ‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है. फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और मेघना गुलजार के निर्देशन को लेकर बॉलीवुड में जबरदस्त एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है. कई बड़े सितारों ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर शेयर कर फिल्म की तारीफ की है.
आलिया भट्ट ने बताया ‘फेवरेट डायरेक्टर’
मेघना गुलजार के साथ फिल्म ‘राजी’ में काम कर चुकीं आलिया भट्ट ने ‘दायरा’ का ट्रेलर शेयर किया. उन्होंने फिल्म की शानदार कास्ट और मेघना गुलजार की तारीफ करते हुए लिखा कि यह कास्ट उनकी पसंदीदा डायरेक्टर के साथ है. आलिया की इस पोस्ट से साफ है कि वह फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं.
विक्की कौशल को पसंद आई मेघना की सोच
विक्की कौशल भी ‘दायरा’ के ट्रेलर से प्रभावित नजर आए. विक्की ने मेघना गुलजार के साथ ‘सैम बहादुर’ में काम किया था. उन्होंने कहा कि मेघना अपनी फिल्मों में ऐसी दुनिया को दिखाती हैं, जहां सही और गलत के बीच की सीमाएं साफ नहीं होतीं. इसके साथ ही उन्होंने करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी को देखने की उत्सुकता भी जाहिर की.
करण जौहर ने की पूरी टीम की तारीफ
फिल्ममेकर करण जौहर ने भी ट्रेलर की तारीफ की. उन्होंने कहा कि एक ही फिल्म में उनके कई पसंदीदा कलाकार नजर आ रहे हैं. करण ने मेघना गुलजार के निर्देशन की तारीफ करते हुए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं.
‘दायरा’ के ट्रेलर को करिश्मा कपूर और सोहा अली खान से भी पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है. दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया.
18 सितंबर को रिलीज होगी ‘दायरा’
फिल्म को लेकर बॉलीवुड में बन रहा बज इसकी रिलीज से पहले ही काफी मजबूत नजर आ रहा है. जंगली पिक्चर्स और डॉक्टर जयंतिलाल गडा (पेन स्टूडियोज) द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘दायरा’ को पेन मरुधर डिस्ट्रीब्यूट कर रहा है. फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
Uttarakhand News: सीमांत क्षेत्र में विशाल तिरंगे का लोकार्पण, सीएम धामी ने वीर शहीदों को किया नमन
Uttarakhand News: भारत और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे बनबसा में मंगलवार का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गया. देवभूमि के वीर सपूतों के सम्मान में सीमांत इलाके में नवनिर्मित सैनिक स्मारक और गगनचुंबी झंडा पार्क का लोकार्पण किया गया. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद इस पावन स्थल का उद्घाटन किया. कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. इस दौरान सशस्त्र सीमा बल यानी एसएसबी के जवानों ने बिगुल बजाकर शहीदों को सलामी दी. बिगुल की गूंज के बीच मुख्यमंत्री और वहां मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर सपूतों के अमर बलिदान को याद किया.
समारोह के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में देश की आन, बान और शान का प्रतीक विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा पूरे गौरव के साथ फहराया गया. खुले आसमान में लहराता तिरंगा सीमा पार तक भारत के शौर्य और पराक्रम का संदेश देता नजर आया. उपस्थित जनसमूह ने भारत माता के जयकारों से पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर दिया.
शहीदों का बलिदान सदैव देश को दिखाएगा सही राह
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में भव्य शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण होना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और गहरे सम्मान का पल है. उन्होंने कहा कि यह पावन स्मारक देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जांबाज सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और समर्पण की यादों को हमेशा जीवित रखेगा. जब भी कोई नागरिक या युवा यहां से गुजरेगा, तो यह स्मारक उसे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराएगा.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन की चर्चा करते हुए कहा कि पहले जिन सीमावर्ती इलाकों को देश का अंतिम गांव या अंतिम छोर मानकर उपेक्षित छोड़ दिया जाता था, आज केंद्र सरकार की सोच के चलते वही इलाके देश के पहले गांव और पहले क्षेत्र के रूप में नई पहचान बना रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के सैनिकों, उनके परिजनों के कल्याण और अमर शहीदों की स्मृतियों को संजोने के काम को शीर्ष प्राथमिकता दी जा रही है.
सैनिक पुत्र होने के नाते मेरे लिए यह बेहद भावुक क्षण
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री अत्यंत भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि वे खुद एक सैनिक के बेटे हैं, इसलिए सैनिकों और उनके परिवारों के दुख दर्द और उनके गौरव को बहुत करीब से समझते हैं. उन्होंने कहा कि सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस पावन कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद भावुक और गर्व से भर देने वाला अनुभव है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्मारक हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह सीख देता रहेगा कि हमारे वीर जवान किन कठिन और विषम परिस्थितियों में बर्फबारी, गर्मी और बीहड़ जंगलों के बीच सीमाओं पर डटे रहते हैं. देवभूमि की समृद्ध सैन्य परंपरा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल संतों की ही नहीं, बल्कि शूरवीरों की धरती है. यहां के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना अथवा अर्धसैनिक बलों में रहकर देश की रक्षा में अपना अमूल्य योगदान दे रहा है.
वीर नारियों और पदक विजेताओं का हुआ भव्य सम्मान
कार्यक्रम के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने सीमांत क्षेत्र की वीर नारियों, वीर माताओं और वीरता पदक विजेता पूर्व सैनिकों को मंच पर शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार ने अपना बेटा, पति या पिता देश के लिए खोया है, उस परिवार का ऋण यह देश कभी नहीं चुका सकता.
सम्मानित होने वाली वीर नारियों में स्वर्गीय सिपाही उत्तम चन्द की धर्मपत्नी सरस्वती देवी, स्वर्गीय हवलदार किशन सिंह की धर्मपत्नी लक्ष्मी देवी, स्वर्गीय गार्डसमैन दुर्गादत्त की धर्मपत्नी कमला देवी और स्वर्गीय नायक हयात सिंह की धर्मपत्नी खीमा देवी शामिल रहीं. इनके अलावा स्वर्गीय सिपाही ललित मोहन की धर्मपत्नी माया चन्द, स्वर्गीय लांस नायक जय बहादुर चन्द की धर्मपत्नी सरस्वती देवी, स्वर्गीय सिपाही प्रेम चन्द की धर्मपत्नी ललिता चन्द, स्वर्गीय नायक जगदीश सिंह की धर्मपत्नी गीता देवी और स्वर्गीय सिपाही राहुल रैसवाल की धर्मपत्नी पिंकी रैसवाल को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया.
समारोह में वीर माता श्रीमती लक्ष्मी देवी, जो कि स्वर्गीय नायक खीम सिंह की माता हैं, को भी विशेष रूप से नमन कर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही सेना मेडल से अलंकृत वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा को भी मंच पर सम्मानित किया गया.
जवानों और पूर्व सैनिकों का बढ़ाया हौसला
समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और पूर्व सैनिकों से आत्मीय बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनकी मुस्तैदी की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार हर कदम पर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित होकर काम कर रही है.
इस भव्य लोकार्पण कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (सेवानिवृत्त), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, स्थानीय नागरिक और वीर परिवारों के सदस्य मौजूद रहे.
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