बच्चों की जिंदगी में कितना दखल दें पेरेंट्स? ये समझना जरूरी, वरना प्यार भी बन सकता है तनाव की वजह
Adult Children Parenting Tips: बच्चों की चिंता करना माता-पिता की स्वाभाविक आदत है, लेकिन बड़े हो चुके बच्चों को बार-बार टोकना रिश्ते में तनाव बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट ने ऐसे समय में माता-पिता को तीन आसान तरीके अपनाने की सलाह दी है.
दिल्ली में बस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सख्ती, पैनिक बटन से लेकर ड्राइवर वेरिफिकेशन तक नए नियम
दिल्ली में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर सख्ती बढ़ा दी है. उत्तर प्रदेश से दिल्ली आई एक निजी बस में किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं. नियमों की अनदेखी करने पर जुर्माने के साथ बस जब्त करने और परमिट या लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
बसों में पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस जरूरी
सरकार के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली आने-जाने वाली बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन चालू हालत में रखना अनिवार्य होगा. इसका उद्देश्य किसी आपात स्थिति में बस की लोकेशन का पता लगाने और यात्रियों को तत्काल मदद उपलब्ध कराने में तेजी लाना है.
बस संचालकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा उपकरण केवल लगाए ही न जाएं, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रभावी तरीके से काम भी करें. इसके साथ प्रत्येक बस में फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट-एड किट उपलब्ध रखना जरूरी होगा.
रात में बस खड़ी करने के लिए भी नियम
नई व्यवस्था में बसों की पार्किंग को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है. रात के समय बसों को मनमाने या सुनसान स्थानों पर खड़ा नहीं किया जा सकेगा. बस ऑपरेटरों को वाहनों को केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर ही पार्क करना होगा.
इसका मकसद बसों में यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े जोखिम को कम करना है. खासकर रात के समय बसों के संचालन और ठहराव को लेकर परिवहन विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है.
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
सरकार ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को नए दिशा-निर्देशों में प्राथमिकता दी है. बस में छेड़छाड़, अश्लील व्यवहार या किसी अन्य आपत्तिजनक घटना की जानकारी मिलने पर बस कर्मचारियों को तत्काल पुलिस को सूचना देनी होगी.
जरूरत पड़ने पर बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या पुलिस की पीसीआर वैन तक ले जाने के निर्देश दिए गए हैं. इससे किसी भी गंभीर घटना की स्थिति में पुलिस की मदद जल्द उपलब्ध कराई जा सकेगी.
ड्राइवर और स्टाफ के व्यवहार पर भी नजर
यात्रियों के साथ बस चालक और अन्य कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. ड्राइवर और स्टाफ से यात्रियों के साथ शालीन और जिम्मेदार व्यवहार करने की अपेक्षा की गई है.
वहीं, शराब या किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन चलाने पर सख्त रोक रहेगी. बस संचालन में शामिल कर्मचारियों के सत्यापन और उनकी जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
नियम तोड़े तो परमिट तक हो सकता है रद्द
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर जुर्माना, वाहन जब्ती, लाइसेंस या परमिट का निलंबन और उसे रद्द करने जैसी कार्रवाई संभव है.
सरकार का संदेश स्पष्ट है कि राजधानी में यात्रियों की सुरक्षा केवल कागजी नियमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. अंतरराज्यीय बसों में तकनीकी निगरानी, आपातकालीन व्यवस्था और जवाबदेही मजबूत करके यात्रियों को अधिक सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
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