Responsive Scrollable Menu

कोलकाता में छह घंटे की पूछताछ के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, भाजपा सरकार कर रही राजनीतिक बदले की कार्रवाई

कोलकाता, एक सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पिछले सप्ताह उनके कार्यालय से अनधिकृत होर्डिंग हटाए जाने के दौरान अधिकारियों के साथ कथित झड़प के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा छह घंटे तक की गई पूछताछ के बाद आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ ‘राजनीतिक बदले की भावना’से कार्रवाई कर रही है। बनर्जी ने पूछताछ के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस थाना के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से की गई कार्रवाई के तहत उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए लगभग 1,000 लोगों को भेजा गया था। तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने चुनौती देते हुए कहा, ‘‘अगर उन्हें लगता है कि वे झूठे मामलों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं।

वे अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर लें।’’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि 27 अगस्त की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों को कई तरह की ‘यातनाएं’ दी जा रही हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी और पुलिस सड़क की ओर बने लोहे के ढांचे पर लगी होर्डिंग को हटाने के लिए बनर्जी के कार्यालय परिसर में गई थी और इस दौरान झड़प हुई थी।

इस संबंध में दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि निजी सुरक्षा गार्ड, पार्टी समर्थक और कुछ तृणमूल नेताओं ने होर्डिंग हटाने का विरोध किया और मौके पर पंहुचे पुलिस कर्मियों और नगर निकाय के अधकारियों से हाथा-पाई की। इसके बाद पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज कीं और कई लोगों को गिरफ्तार किया।

दो प्राथमिकियों में आरोपी बनाए गए बनर्जी को पुलिस के सामने पेश होने का नोटिस भेजा गया था। वह दोपहर सवा 12 बजे थाने पहुंचे, जबकि बाहर जमा तृणमूल समर्थकों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन्हें निशाना बना रही है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपों में सरकारी अधिकारियों को उनके कर्तव्य निर्वहन से रोकना, गैर-कानूनी तरीके से जमा होना और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट व उनका उत्पीड़न करना शामिल है।

तृणमूल लगातार आरोप लगा रही है कि पुलिस द्वारा उसके नेताओं के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है। कथित झड़प के समय मौके पर मौजूद रहे और एक प्राथमिकी में नामजद तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा पुलिस को रोकने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरों को ‘‘फर्जी’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि सुरक्षाकर्मी इमारत के प्रवेश द्वार पर ड्यूटी पर तैनात थे।

ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक “अवैध” नोटिस के साथ जबरन कार्यालय में घुस आई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय के कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। राज्य सरकार की वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘कानून सभी के लिए समान है। अगर आप पुलिस को परेशान करते हैं और उन पर हमला करते हैं, तो आपको कानून का सामना करना ही होगा।

इसमें कोई राजनीतिक बदले की भावना नहीं है।’’ तृणमूल कांग्रेस ने मामले में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिषेक बनर्जी और डेरेक के वकील अर्का नाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन प्राथमिकी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। वकील ने दावा किया कि शेक्सपियर सरणी पुलिस को एक जवाबी नोटिस भेजा गया है जिसमें दलील दी गई कि प्राथमिकी की प्रति ऑनलाइन अपलोड न करना ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है।

उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर पुलिस को अदालत की अवमानना ​​की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद डेरेक को नोटिस भेज कर सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में पुलिस ने उनके घर पर एक और नोटिस भेजा, जिसमें उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया है।

पुलिस का हालांकि कहना है कि यह कार्रवाई झड़प के दौरान लगे विशेष आरोपों के आधार पर की जा रही है और मामलों में नामजद लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

Continue reading on the app

कलकत्ता हाईकोर्ट का आदेश-महुआ के साथ 2 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे:30 दिन की सुरक्षा दी, कहा- एक सांसद के लिए सिक्योरिटी कवर जरूरी

कोलकाता में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को TMC सांसद महुआ मोइत्रा के साथ दो पुलिसकर्मी तैनात करने का आदेश दिया। ये पुलिसकर्मी अगले 30 दिन तक उनके कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान साथ रहेंगे। कोर्ट ने कहा कि भीड़ द्वारा परेशान किए जाने के आरोपों के बीच एक चुनी हुई प्रतिनिधि के तौर पर अपनी ड्यूटी निभाने के लिए यह सिक्योरिटी कवर जरूरी है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने यह आदेश उस दिन दिया जब मोइत्रा को एक और विरोध का सामना करना पड़ा। इस बार नादिया जिले में अपने कृष्णानगर चुनाव क्षेत्र के छपरा दौरे के दौरान, कथित तौर पर कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया, काले झंडे लहराए और गो बैक के नारे लगाए। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि भीड़ की ओर से परेशान किए जाने के बीच निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर मोइत्रा को अपने काम करने के लिए सुरक्षा देना जरूरी है। यह आदेश उस दिन आया, जब नदिया जिले के कृष्णानगर क्षेत्र के चापरा में उनके दौरे के दौरान फिर विरोध हुआ। आरोप है कि कुछ लोगों ने मोइत्रा की गाड़ी को घेर लिया, काले झंडे दिखाए और ‘गो बैक’ के नारे लगाए। कोर्ट ने कहा कि सांसद के क्षेत्र में प्रवेश करते ही, उनके दौरे और ठहरने की अवधि की पहले सूचना मिलने पर दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। अंडे और दूसरी चीजें फेंकने का आरोप कोर्ट ने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता महिला सांसद हैं। उनके ऊपर अंडे फेंके गए और दूसरे तरीकों से परेशान किया गया। कृष्णानगर पुलिस जिले के एसपी को निर्देश दिया जाता है कि जब भी याचिकाकर्ता अपने क्षेत्र में जाएं, उन्हें परेशान किए जाने से बचाने के लिए दो पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगाए जाएं।” यह सुरक्षा 30 दिन तक लागू रहेगी। इसके बाद राज्य सरकार को कोर्ट में आगे की रिपोर्ट पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी। कोर्ट ने मोइत्रा के क्षेत्र के दौरे के दौरान नियमित रूप से भीड़ के हंगामे और परेशान किए जाने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। मोइत्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कल्याण बंदोपाध्याय ने कहा कि वह स्वतंत्र रूप से अपने क्षेत्र का दौरा नहीं कर पा रही हैं और सांसद के तौर पर अपने काम नहीं कर पा रही हैं। 1 जुलाई की घटना का भी जिक्र बंदोपाध्याय ने कहा, “पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था और खुफिया जानकारी के स्तर पर जानबूझकर नाकामी के कारण मोइत्रा पर नदिया के कालीगंज में पहले से तय भीड़ ने हमला किया। इस दौरान अंडे, आलू, टमाटर और पत्थर फेंके गए, उन्हें गलत तरीके से रोका गया और रियल टाइम अलर्ट के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।” उन्होंने कहा, “अगर यह रोज होता रहा, तो वह सांसद के तौर पर अपने काम कैसे करेंगी? सांसद को अपने क्षेत्र का दौरा करना जरूरी होता है।” उन्होंने यह घटना 1 जुलाई की बताई। सांसद के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए बंदोपाध्याय ने कृष्णानगर सर्किट हाउस की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस मोइत्रा के लिए आवंटित था, लेकिन रात करीब 10:30 बजे इसका आवंटन रद्द कर दिया गया। उनका दावा था कि उस समय सर्किट हाउस के बाहर बीजेपी कार्यकर्ताओं का एक समूह मौजूद था और वहां कोई पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। बंदोपाध्याय ने कहा, “क्या हम इतने अव्यवस्थित हालात में रहेंगे? जब तक मैं सांसद हूं, मैं अपना काम करती रहूंगी।” उन्होंने मोइत्रा की ओर से रिकॉर्ड किए गए फेसबुक लाइव का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इसमें उस शाम की घटनाएं दिखाई दे रही हैं और इनकी जानकारी स्थानीय पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को दी गई थी। वरिष्ठ वकील ने कहा कि घटना के दौरान मोइत्रा ने डीजीपी को वॉट्सऐप के जरिए भी जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस करीब तीन घंटे बाद पहुंची। उन्होंने सवाल किया, “हम कहां हैं?” जून के आदेश का हवाला बंदोपाध्याय ने जून 2026 में जनहित याचिका पर दिए गए एक आदेश का भी हवाला दिया। यह याचिका अंडे फेंके जाने की घटनाओं से जुड़ी थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मानव गरिमा को संविधान से मिली गारंटी माना था और कहा था कि राज्य की जिम्मेदारी है कि वह सभी लोगों की सुरक्षा करे। उन्होंने बताया कि उस मामले में डीजीपी को निर्देश दिए गए थे, लेकिन “अगले ही दिन” यह घटना हो गई। कोर्ट ने पूछा, “अगर किसी सांसद के क्षेत्र में प्रवेश करते समय उस पर अंडे फेंके जाएं और उसे परेशान किया जाए, तो विरोधी दलों के साथ रहने वाले दूसरे राजनीतिक लोगों का क्या होगा?” बंदोपाध्याय ने कोर्ट के पुराने आदेश का भी जिक्र किया। इसमें कहा गया था, “कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन इस बात का दूसरा पहलू यह भी है कि कानून से नीचे भी कोई व्यक्ति नहीं है।” उन्होंने कहा कि मोइत्रा को क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से आने-जाने देने के लिए सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर यह एक महिला, वह भी महिला सांसद के साथ हो रहा है, तो बाकी लोगों की हालत की कल्पना कीजिए।” उन्होंने स्थिति को “अविश्वसनीय” बताया। राज्य ने कहा- तीनों शिकायतों पर एफआईआर दर्ज राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने कहा कि रिट याचिका दायर की गई है और मोइत्रा ने घटनाओं को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा, “सांसद की ओर से दर्ज कराई गई तीनों शिकायतों पर पर्याप्त कदम उठाए गए हैं और एफआईआर दर्ज की गई हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि याचिका में बताई गई आखिरी घटना 2 जुलाई की थी। मजूमदार ने कहा, “मुझे यह पता करने के लिए निर्देश लेने होंगे कि इसके बाद मोइत्रा ने क्षेत्र का दौरा किया या नहीं और क्या उन्हें आगे किसी परेशानी का सामना करना पड़ा।” कोर्ट ने कहा कि सीमित अवधि के लिए मोइत्रा के क्षेत्र में प्रवेश करते समय पुलिस सुरक्षा देने की व्यवस्था की जा सकती है। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा, “उन्हें सांसद के तौर पर पहले से ही सुरक्षा मिली हुई है।” इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि अगर उन्हें सुरक्षा मिली हुई थी, तो ये घटनाएं कैसे हुईं, जिन पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। कोर्ट ने कहा कि पहली नजर में इससे लगता है कि उनकी सुरक्षा पर असर डालने वाली घटनाएं हुई हैं। कोर्ट ने बाद में साफ किया कि मोइत्रा के पास निजी सुरक्षा अधिकारी पहले से मौजूद हैं, लेकिन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं, ताकि “ऐसी आपत्तिजनक घटनाएं” न हों। थाने के बाहर करीब 1,000 लोगों की भीड़ का दावा बंदोपाध्याय ने राज्य सरकार के इस दावे से इनकार किया कि मोइत्रा को पर्याप्त सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने राज्य से इस मामले में हलफनामा दाखिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में मोइत्रा एक मामले के सिलसिले में पुलिस थाने गई थीं। उनके अनुसार, थाने के बाहर करीब 1,000 लोग मौजूद थे और उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। इस पर कोर्ट ने कहा, “राज्य को इससे सख्ती से निपटना होगा, वरना यह उसके नियंत्रण से बाहर हो जाएगा।”

Continue reading on the app

  Sports

Dasun Shanaka: 39 गेंद का धमाका, दासुन शनाका ने तोड़ा आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड, ठोकी CPL की सबसे तेज सेंचुरी

Caribbean premier league record: श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर्स में शुमार दासुन शनाका ने 39 गेंद में शतक जड़ते हुए कैरेबियन प्रीमियर लीग का नया रिकॉर्ड बना दिया. शनाका ने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने साल 2018 में 40 गेंद में शतक बनाया था. Fri, 4 Sep 2026 07:59:41 +0530

  Videos
See all

Chitrakoot में बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत सामग्री #shorts #flood #latest #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-04T03:37:02+00:00

Rahul Gandhi Backs Nishu Azad: राहुल गांधी ने निशु आजाद का किया समर्थन | CJP Protest | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-04T03:42:56+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers