Responsive Scrollable Menu

एसएसबी नेपाल और भूटान सीमा पर स्थानीय लोगों से जुड़े: गृह सचिव

नयी दिल्ली, एक सितंबर केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को कहा कि नेपाल और भूटान से लगी भारत की खुली सीमाओं की चौकसी में लगे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को नई ‘चतुष्कोणीय’ सीमा सुरक्षा योजना के तहत भारत के लिए सद्भावना पैदा करने और इन इलाकों में खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के लिए स्थानीय लोगों से जुड़ने की अपनी ‘मूल भूमिका’ पर वापस लौटना चाहिए। मोहन ने बल के एक अलंकरण समारोह में अपने संबोधन में कहा कि एसएसबी का काम ‘अनोखा’ है क्योंकि यह उन दो देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करता है, जिनके साथ भारत के दोस्ताना संबंध हैं। एसएसबी को 1962 में चीन के हमले के बाद कैबिनेट सचिवालय के तहत बनाया गया था।

बाद में 2001 में इसे गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया और उसी साल इसे 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दी गई। वर्ष 2004 में 699 किलोमीटर लंबी भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का काम भी इसे सौंपा गया। गृह सचिव ने कहा, ‘‘जब 1961-62 के दौरान एसएसबी की योजना बनाई गई थी तो इसका मुख्य मकसद भारत के लिए सद्भावना पैदा करना, इन सीमाओं पर एक मज़बूत खुफिया नेटवर्क बनाने के लिए स्थानीय लोगों के साथ जुड़ना और इन गतिविधियों के जरिए इन इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों की मदद करना था।’’ मोहन ने कहा, ‘‘धीरे-धीरे हमने देखा कि यह बात कम होती गयी और एक सशस्त्र बल के तौर पर एसएसबी की भूमिका बढ़ती गई।’’ उन्होंने कहा,‘‘ गृह मंत्रालय में हमारा मानना ​​है कि एसएसबी को अपने मौजूदा काम को बनाए रखते हुए, अपनी उस मूल भूमिका में लौटने के लिए कदम उठाने चाहिए जिसके लिए इसे बनाया गया था।’’ मोहन ने कहा,‘‘एसएसबी को इन क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए।

मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि गृह मंत्रालय किसी भी जरूरत के लिए हमेशा मदद को तैयार रहेगा।’’ गृह सचिव ने कहा कि ये उपाय गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस योजना को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण हैं, जिसके तहत निकट भविष्य में भारत के लिए सीमा सुरक्षा का एक ‘चतुष्कोणीय’ तंत्र स्थापित किया जाना है। उन्होंने कहा कि एसएसबी जैसे सीमा की सुरक्षा करने वाले बल इस नई सुरक्षा व्यवस्था का पहला स्तंभ हैं और उनके बाद इन दूर-दराज़ इलाकों में तैनात राज्य सरकार के संबंधित प्रशासन आते हैं। उन्होंने कहा कि तीसरा स्तंभ कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​हैं, जैसे आयकर विभाग और मादक-पदार्थ निरोधक विभाग, जो गैर-कानूनी फंड, जाली भारतीय मुद्रा और ड्रग्स की जांच करती हैं।

उन्होंने कहा कि चौथा स्तंभ स्थानीय आबादी है। गृह सचिव ने कहा, ‘‘आज़ाद भारत में यह पहली बार है जब सीमा सुरक्षा के लिए इतनी महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है... आने वाले कुछ महीनों और सालों में हम सुरक्षा को और मज़बूत होते देखेंगे।’’ उन्होंने इन दो सीमाओं की प्रभावी ढंग से सुरक्षा करने के लिए एसएसबी की तारीफ़ की, जहां कोई ‘भौतिक बाधा’ या बाड़ नहीं है। भारत ने पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगी सीमाओं पर बाड़ लगाई है।

गृह सचिव ने कहा कि एसएसबी ने नेपाल और भूटान सीमा पर आवाजाही पर नज़र रखने के लिए ‘चेहरा पहचानने वाले कैमरे’, सीसीटीवी और रडार जैसे तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि इसकी ‘‘पैनी नजर’’ की वजह से ऐसे बदमाशों की पहचान करके उन्हें पकड़ा जा सका है जो देश में गड़बड़ी फैला सकते थे तथा मानव तस्करों, हथियारों और ड्रग्स के तस्करों एवं नकली भारतीय नोट चलाने वालों को भी पकड़ा गया है। इस कार्यक्रम के दौरान, मोहन ने बल के 18 जवानों को बहादुरी और बेहतरीन सेवा के लिए पदक प्रदान किये।

उन्होंने शाह का संदेश भी पढ़कर सुनाया, जिन्हें इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। मोहन ने बताया कि शाह ने नेपाल में हाल में आई बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस आपदा के दौरान भारतीय सीमा की तरफ ‘काबिले-तारीफ’ काम करने के लिए एसएसबी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस बात की सराहना करते हैं कि एसएसबी आम लोगों के लिए सुरक्षा और सेवा के बीच ‘संतुलन’ बनाए रखते हुए इन दोस्ताना सीमाओं की सुरक्षा करती है।

एसएसबी महानिदेशक संजय सिंघल ने कहा कि इस बल के सामने दोस्ताना सीमाओं की सुरक्षा करने की एक ‘खास चुनौती’ है, क्योंकि नेपाल सीमा से रोज़ाना 3.25 लाख से ज़्यादा लोग और 46,000 गाड़ियां गुज़रती हैं, जबकि भूटान सीमा से रोज़ाना 50,000 से ज़्यादा लोग और 8,000 गाड़ियां गुज़रती हैं।

Continue reading on the app

MP कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर, विकास और कल्याणकारी कार्यों के लिए 41,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मंज़ूरी दी

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 41,000 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों और कल्याणकारी उपायों को मंजूरी दी। प्रमुख निर्णयों में, कैबिनेट ने राज्य में ग्रामीण विकास ढांचे के लिए 1 जुलाई, 2026 से 'विकसित भारत: VB-G RAM G' योजना (जिसे पहले मनरेगा के नाम से जाना जाता था) को लागू करने की मंजूरी दी, जिसकी कुल अनुमानित वित्तीय लागत 29,619 करोड़ रुपये है। कुल अनुमानित लागत में से, 3,183 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए और 26,436 करोड़ रुपये 2026-27 से 2030-31 तक योजना को जारी रखने के लिए मंजूर किए गए।

इसे भी पढ़ें: शिवपुरी को ₹17.50 करोड़ से अधिक की विकास सौगातें, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क सुविधाओं को मिली नई गति: केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, मंत्रिपरिषद ने 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' के तहत 35.61 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न भोपाल बाईपास (पेव्ड शोल्डर वाली चार-लेन सड़क) के लिए 3,225.51 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली संशोधित प्रशासनिक मंज़ूरी दी। निर्माण-पूर्व गतिविधियों के लिए अतिरिक्त 548.29 करोड़ रुपये का खर्च राज्य के बजट से उठाया जाएगा। पेव्ड शोल्डर होने से जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है और पैदल चलने वालों व धीमी गति से चलने वाले वाहनों की सुरक्षा बेहतर होती है।

इसे भी पढ़ें: MP BJP की कार्यसमिति बैठक ओरछा में शुरू, Mission 2028 और Gen Z पर रहेगा जोर

इसी तरह, कैबिनेट ने 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' के तहत 67.116 किलोमीटर लंबी मेहलुअा-बीना-खिमलासा-मालथोन सड़क (पेव्ड शोल्डर वाली चार-लेन सड़क) के निर्माण को भी मंज़ूरी दी, जिसकी कुल लागत 2,776.83 करोड़ रुपये है। ज़मीन अधिग्रहण और निर्माण-पूर्व अन्य गतिविधियों के लिए अतिरिक्त 428.94 करोड़ रुपये और सुपरविज़न चार्ज के लिए 65.77 करोड़ रुपये का भुगतान राज्य के बजट से किया जाएगा। इसके अलावा, उच्च और तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में, कैबिनेट ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन और भोपाल, उज्जैन व जबलपुर में तीन अलग-अलग टेक्नोलॉजी और स्किल यूनिवर्सिटीज़ की स्थापना को मंज़ूरी दी।

Continue reading on the app

  Sports

टीम इंडिया में नहीं मिला मौका तो टूटा क्रुणाल पंड्या का दिल, कहा- उम्मीद अभी...

krunal pandya team india: अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो उसमें अपना नाम न देखकर क्रुणाल पंड्या का दिल टूट गया. 5 साल से टीम इंडिया में वापसी का इंतजार कर रहे इस स्टार ऑलराउंडर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया. आखिरी बार क्रुणाल ने 2021 में भारत के लिए टी20 मैच खेला था. Wed, 2 Sep 2026 00:47:21 +0530

  Videos
See all

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की ताजा और बड़ी खबरें| Top Headlines | CM Yogi | GST | Updates #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T19:30:06+00:00

Why is Sir Keir Starmer resigning as an MP? | BBC Newscast #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T19:30:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers