Explainer: करीना कपूर और पृथ्वीराज की 'Daayra' में क्या है खास? कहानी, स्टोरी और स्टारकास्ट जानें सबकुछ
Daayra Movie Story: करीना कपूर खान (Kareena Kapoor) और पृथ्वीराज सुकुमारन (Prithviraj Sukumaran) की फिल्म 'दायरा' इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जो दर्शकों को बेहद पसंद आ रहा है. वहीं, ये फिल्म फेमस डायरेक्टर मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी हैं और इस वजह से भी लोग इसे देखने के लिए एक्साइटेड हैं. तो चलिए जानते हैं, फिल्म की कहानी, स्टारकास्ट और स्टोरी के बारे में सबकुछ.
क्या है 'Daayra' की कहानी?
'दायरा' एक क्राइम और इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर फिल्म है. इसकी कहानी एक ऐसे मामले के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कानून और इंसाफ को लेकर कई सवाल खड़े करती है. फिल्म में करीना कपूर एक पुलिस अधिकारी के किरदार में हैं, जो एक चर्चित केस की जांच करती हैं. जांच के दौरान कई ऐसे राज सामने आते हैं, जो कहानी को और भी रहस्यमयी बना देते हैं.
वहीं, बता दें कि ये फिल्म सिर्फ एक अपराध की जांच तक सीमित नहीं है. इसकी कहानी ये सवाल भी उठाती है कि अगर लोगों को समय पर न्याय नहीं मिले, तो क्या कानून अपने हाथ में लेना सही है? इसी मुद्दे को फिल्म में रोमांचक अंदाज में दिखाया गया है. ऐसे में 'दायरा' सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं, बल्कि समाज और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली फिल्म भी है.
असली घटना से प्रेरित है दायरा
फिलहाल फिल्म के मेकर्स की ओर से ऐसी कोई भी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है कि 'दायरा' किसी सच्ची घटना पर आधारित है. लेकिन फिल्म की कहानी देश में हुई कई चर्चित आपराधिक घटनाओं और उनसे जुड़े मामलों से प्रेरित बताई जा रही है. फिल्म में ऐसे मुद्दों को दिखाया गया है, जिन पर समय-समय पर पूरे देश में बहस होती रही है. निर्देशक मेघना गुलजार ने अलग-अलग घटनाओं और न्याय व्यवस्था से जुड़े सवालों को कहानी का हिस्सा बनाया है.
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करीना कपूर का किरदार
'दायरा' में करीना कपूर के रोल की बात करे तो वो एक पुलिस अधिकारी DCP अजूनी कोहली के रोल में नजर आएंगी. उनका किरदार एक ऐसे अफसर का है, जो हर हाल में सच तक पहुंचना चाहती है. फिल्म में ट्रेलर में करीना काफी गंभीर और दमदार अंदाज में दिखाई दे रही हैं. वो एक ऐसे केस की जांच करती हैं, जिसमें कई चौंकाने वाले राज सामने आते हैं.
पृथ्वीराज सुकुमारन का किरदार
फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम रोल में है. उनके किरदार का नाम DCP रमन कुमार (DCP Raman Kumar) है. फिल्म के ट्रेलर से साफ है कि उनका किरदार कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. हालांकि उनके रोल के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यही रहस्य दर्शकों की एक्साइटमेंट बढ़ा रहा है. उनके किरदार का सच फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा.
दायरा की स्टारकास्ट
'दायरा' की स्टारकास्ट की बात करे तो फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में हैं. वहीं, इनके अलावा जितेंद्र जोशी (Jitendra Joshi), क्षिती जोग (Kshitee Jog),प्रगति मिश्रा (Pragati Mishra), उपेंद्र चौहान (Upendra Chauhan), मूनिस रत्ता, मन सिंह करमाटी, आरती देसाई, सतीश बादल, सुमित रैना (Sumit Raina), आशीष बिष्ट (Ashish Bisht) भी फिल्म का अहम हिस्सा है. इसके अलावा बता दें, फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले यश केसवानी, सीमा अग्रवाल और मेघना गुलजार ने मिलकर लिखा है.
मेघना गुलजार की फिल्मों की चर्चा
बता दें, मेघना गुलजार (Meghna Gulzar) बॉलीवुड की उन डायरेक्टर्स में शामिल हैं, जो गंभीर और संवेदनशील मुद्दों को अपनी फिल्मों में अलग अंदाज से पेश करने के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने 'तलवार', 'राजी', 'छपाक' और 'सैम बहादुर' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है. खासतौर पर 'तलवार' और 'राजी' के बाद उनकी पहचान एक ऐसे फिल्ममेकर के तौर पर मजबूत हुई, जो रियल घटनाओं और समाज से जुड़े जटिल मुद्दों को पर्दे पर प्रभावी तरीके से दिखाती हैं. ऐसे में दायरा को लेकर फैंस के बीच काफी क्रेज है.
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पहली बार साथ दिखेंगे करीना और पृथ्वीराज
'दायरा' की सबसे खास बातों में से एक करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की जोड़ी भी है. दोनों ने अपने-अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं, लेकिन ये पहली बार है जब दोनों किसी फिल्म में एक साथ नजर आएंगे. फिल्म में दोनों पुलिस अधिकारियों का रोल निभा रहे हैं और कहानी में दोनों के किरदारों का अपना-अपना पक्ष है. यही वजह है कि इस फ्रेश जोड़ी को देखने के लिए फैंस काफी एक्साइटमेंट है.
FAQ
1. क्या करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन पहली बार साथ नजर आएंगे?
'दायरा' में दोनों पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे. फिल्म में दोनों पुलिस अधिकारियों के रोल में दिखेंगे.
2. 'दायरा' में करीना कपूर का किरदार क्या है?
करीना कपूर खान फिल्म में DCP अजूनी कोहली का किरदार निभा रही हैं। वह एक केस की जांच करती नजर आएंगी.
3. पृथ्वीराज सुकुमारन 'दायरा' में कौन सा रोल निभा रहे हैं?
पृथ्वीराज फिल्म में DCP रमन कुमार की भूमिका में नजर आएंगे. उनके किरदार से जुड़ी कई अहम बातें अभी सामने नहीं आई हैं.
4. 'दायरा' किस तरह की फिल्म है?
'दायरा' एक क्राइम और इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर है, जिसमें अपराध की जांच के साथ कानून और इंसाफ से जुड़े सवाल भी देखने को मिलेंगे.
5. 'दायरा' का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार ने किया है. वो 'तलवार', 'राजी', 'छपाक' और 'सैम बहादुर' जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं.
6. 'दायरा' की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट क्या है?
फिल्म की कहानी एक पेचीदा केस की जांच के दौरान सामने आने वाले रहस्यों पर आधारित है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, कहानी में कई चौंकाने वाले मोड़ आते हैं.
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चम्पावत से खेल महाकुंभ 2026 का आगाज, CM धामी ने किया चैम्पियनशिप ट्रॉफी का भव्य शुभारम्भ
Uttarakhand News: उत्तराउंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चम्पावत के स्वर्गीय कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ की शुरुआत की. उन्होंने बेहतरीन खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर इस बड़े खेल उत्सव का आगाज किया. इस मौके पर सभी खिलाड़ियों ने पूरी ईमानदारी, अनुशासन और खेल भावना के साथ खेलने की शपथ ली. कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों ने योगासन और उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का शानदार प्रदर्शन भी किया.
CM धामी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री ने अलग-अलग इलाकों से आए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और कहा कि यह खेल महाकुम्भ गांवों की छुपी हुई प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का एक मजबूत जरिया बन रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार की कोशिश है कि सही मंच या सुविधाओं की कमी के कारण राज्य का कोई भी होनहार खिलाड़ी पीछे न छूटे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सिर्फ मेडल जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे हमें अनुशासन सिखाते हैं, आत्मविश्वास जगाते हैं, संघर्ष करना सिखाते हैं और गिरकर फिर से उठने का साहस देते हैं. खेल स्वस्थ शरीर के साथ-साथ मजबूत चरित्र और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. राज्य सरकार खेलों को उत्तराखंड के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का महत्वपूर्ण आधार मानकर काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को एक मंच देने के लिए की गई थी और आज यह खेल महाकुम्भ अपने 10वें सीजन में पहुंच चुका है. पिछले साल इसमें 2 लाख 20 हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था और उन्हें पूरा भरोसा है कि इस साल और भी बड़ी संख्या में बच्चे और युवा इसमें शामिल होंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल खेल महाकुम्भ को बहुत बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है. न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और फिर राज्य स्तर तक होने वाले अलग-अलग मुकाबलों के जरिए खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा. सरकार का मकसद गांवों और दूर-दराज के इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को ढूंढकर उन्हें आगे बढ़ने के पूरे मौके देना है.
मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक जीतने वाले खिलाड़ियों को नकद इनाम दिया जा रहा है. इस साल करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के जरिए सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस साल से खेल महाकुम्भ के राज्य स्तरीय मुकाबलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों की मेहनत, हुनर और उनके सपनों का सम्मान है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके राज्य का मान बढ़ाया. उन्हें पूरा भरोसा है कि इस खेल महाकुम्भ के मंच से निकलने वाले होनहार खिलाड़ी आगे चलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उत्तराखंड और पूरे देश का नाम चमकाएंगे.
29 खिलाड़ियों को मिल चुकी है सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के प्रति सोच में व्यापक बदलाव आया है. ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देश के गांवों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है. खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से भारत वैश्विक खेल मंच पर निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी उत्तराखंड में खेल और खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है. राज्य की नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट-ऑफ-टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है. अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है. साथ ही, 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री खेल विकास निधि' के जरिए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया जा रहा है. राज्य के आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों और खेल हॉस्टलों में चुने गए खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, रहने की जगह, खाना, खेल के सामान, खेल किट, पढ़ाई और इलाज जैसी सुविधाएं मुफ्त में दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि किसी भी चैंपियन की तैयारी बचपन से ही शुरू होती है. इसी सोच के साथ 'मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना' के तहत 8 से 14 साल के बच्चों को हर महीने स्कॉलरशिप दी जा रही है, ताकि छोटी उम्र से ही उनके खेल के हुनर को सही दिशा और बढ़ावा मिल सके.
उन्होंने बताया कि 14 से 23 साल के खिलाड़ियों को 'मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना' के तहत हर महीने स्कॉलरशिप देने के साथ-साथ खेल का सामान खरीदने के लिए भी पैसे दिए जा रहे हैं. इसके अलावा, खेल मुकाबलों या ट्रेनिंग के दौरान किसी हादसे या चोट का शिकार होने पर खिलाड़ियों के लिए इंश्योरेंस की सुविधा भी दी गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों के लिए मजबूत और आधुनिक सुविधाएं तैयार करने पर तेजी से काम कर रही है. हाल ही में हल्द्वानी में 'उत्तराखंड राज्य स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी' के पहले चरण के निर्माण काम की नींव रखी गई और पहले एकेडमिक सेशन की शुरुआत भी हो चुकी है. इसके साथ ही खटीमा में आधुनिक सुविधाओं वाले एक नए स्टेडियम को बनाने का भी ऐलान किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि ‘एक जिला-एक खेल’ योजना के जरिए अलग-अलग खेलों और स्थानीय खिलाड़ियों को बढ़ावा देने पर खास ध्यान दिया जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि हर जिले की खेल के मामले में अपनी एक अलग पहचान बने और वहां के होनहार खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के पूरे मौके मिलें.
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि वे पूरी ताकत, लगन, अनुशासन और ईमानदारी के साथ मैदान में उतरें और अपने खेल के जुनून को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने, उन्हें बेहतरीन सुविधाएं देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के हुनर, मेहनत और पक्के इरादों के दम पर उत्तराखंड को देश का नंबर वन ‘खेल राज्य’ बनाने का हमारा संकल्प जरूर पूरा होगा.
खेल और युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से पूरी लगन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने को कहा. उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल सफर की सबसे महत्वपूर्ण और पहली सीढ़ी हैं. यहीं से खिलाड़ी अपने हुनर के दम पर अलग-अलग लेवल को पार करते हुए राज्य स्तर की 'मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी' तक पहुंचेंगे. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों के सिलेक्शन की प्रक्रिया को पूरी तरह साफ-सुथरा खा जा रहा है, ताकि हर होनहार खिलाड़ी को उसकी काबलियत और अच्छे प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का पूरा मौका मिले.
खेल मंत्री ने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और आगे बढ़ने के मौके देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करके देश और राज्य का नाम चमकाने की अपील की.
खेल महाकुम्भ-2026 के तहत 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेल प्रतियोगिताएं होंगी. इसके बाद, 11 से 20 सितंबर तक विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी और 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा. इन मुकाबलों में अलग-अलग उम्र के लड़कों और लड़कियों के साथ-साथ महिला ओपन और दिव्यांग महिला-पुरुष खिलाड़ियों को भी कई तरह के खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा.
इस मौके पर खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, जिला अधिकारी (DM) मनीष कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिम्मेदार नेता, सरकारी अधिकारी, कोच, छात्र-छात्राएं और बहुत बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे.
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