4 सितंबर रात 2.55 बजे… अंधेरे में आसमान चीरेगा इसरो का बाहुबली रॉकेट, जानिए आप कैसे लाइव देख सकते हैं ये नजारा
ISRO GSLV-F17 EOS-05 Launch: भारत 4 सितंबर को अपना अत्याधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट ईओएस-05 लॉन्च करने जा रहा है. यह लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से रात 2:55 बजे होगी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी दी है. आम लोग लॉन्च व्यू गैलरी से इस ऐतिहासिक पल का लाइव नजारा देख सकते हैं. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा. यह सैटेलाइट एग्रीकल्चर और नेशनल सिक्युरिटी के लिए बेहद अहम है.
600 मीटर ऊंचाई, 2000°C भट्टी में भी नहीं डगमगाया... Su-57 की जीरो स्पीड ब्रेक ने थामी धड़कनें
एरो इंडिया के मंच पर रूस के पांचवीं पीढ़ी के सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट Su-57 ने अपनी जबरदस्त कॉम्बैट ताकत और सुपर-मैन्युवरेबिलिटी का ऐसा प्रदर्शन किया कि हर कोई हैरान रह गया. रूसी टेस्ट पायलट सर्गेई बोगदान ने बेहद कम ऊंचाई यानी महज 600 मीटर पर Su-57 को उड़ाते हुए ऐसे जोखिम भरे कॉम्बैट मैन्युवर्स का प्रदर्शन किया, जिसने एयरशो में मौजूद दर्शकों की सांसें थाम दीं. सर्गेई बोगदान ने प्रदर्शन के दौरान विमान को महज 600 मीटर की ऊंचाई पर जीरो एयरस्पीड की स्थिति में पहुंचा दिया. लड़ाकू विमानों के लिए यह मोड सबसे कठिन और खतरनाक माना जाता है क्योंकि इस दौरान इंजन के आंतरिक हिस्से का तापमान चरम सीमा पर पहुंचकर 2,000°C तक चला जाता है. यह फाइटर जेट के थर्मोडायनेमिक्स और इंजन डिजाइन के लिए एक क्रिटिकल टेस्ट जैसा होता है.इस थर्मामीटर-ब्रेकिंग टेस्ट को रूसी रोस्टेक की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित Su-57 के नए और अत्याधुनिक इंजन ने बेहद आसानी से पास कर लिया. 2,000°C के अत्यधिक तापमान को झेलने की यह क्षमता इसके इंजन की हाई-रिलायबिलिटी और मजबूती को साबित करती है.कम ऊंचाई पर ऐसे हैरतअंगेज स्टंट करना महज दर्शकों के मनोरंजन के लिए नहीं था, बल्कि यह सीधे तौर पर Su-57 की वास्तविक युद्ध क्षमता, डॉगफाइट में तुरंत दिशा बदलने के कौशल और आधुनिक हवाई युद्ध में दुश्मनों को पछाड़ने की बेजोड़ ताकत का प्रत्यक्ष प्रदर्शन था.
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