Responsive Scrollable Menu

एससीओ आतंकवाद का इस्तेमाल सरकार की नीति के तौर पर करने वाले देशों का मुकाबला करे: मोदी

एससीओ आतंकवाद का इस्तेमाल सरकार की नीति के तौर पर करने वाले देशों का मुकाबला करे: मोदी

Continue reading on the app

Paper leak protests: पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द

Neet paper leak protests: देश भर में पेपर लीक के खिलाफ हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इन प्रदर्शनों के सिलसिले में छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को खारिज कर दिया है। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत प्रदत्त अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह बड़ा आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा पारित किए गए इस आदेश के दायरे में दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे शामिल हैं।

जंतर-मंतर पर हुए थे जोरदार प्रदर्शन
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने इस बात का उल्लेख किया कि गत 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाकों में हजारों की संख्या में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया था। अदालत के अनुसार, इन प्रदर्शनों के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई में कहा कि 20 से 25 जुलाई तक हजारों छात्र जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों के आंदोलन में शामिल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने कुल 13 एफआईआर दर्ज की थीं।

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को नहीं मिलेगी राहत
हालांकि, शीर्ष अदालत ने यह साफ कर दिया है कि यह राहत उन लोगों पर लागू नहीं होगी जिनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी रखेगी जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि हमें बताया गया है कि दिल्ली पुलिस पिछले आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों के खिलाफ नए सिरे से एफआईआर दर्ज करेगी, इसके अलावा कोई अन्य नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।

अन्य राज्यों के मामलों पर भी कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल की तरफ से यह अनुरोध किया गया था कि इसी तरह के निर्देश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी जारी किए जाएं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिया कि अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि इस आदेश के दायरे में आने वाले किसी भी छात्र को केवल इसलिए परेशान न होना पड़े क्योंकि किसी एफआईआर की जानकारी अदालत के संज्ञान में नहीं आ पाई थी। सीजेआई ने कहा कि यदि किसी भी राज्य में ऐसी कोई एफआईआर है जिसकी जानकारी हमारे सामने नहीं लाई गई है, तो राज्य सरकार उसके रद्द किए जाने के अनुरोध का विरोध नहीं करेगी।

आत्महत्या करने वाले छात्रों के मुआवजे पर विचार
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान अदालत ने एनईईटी (NEET) 2026 परीक्षा से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों को मुआवजा दिए जाने के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया। मुआवजे के इस गंभीर प्रश्न पर मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि अदालत को यह जानकारी दी गई है कि इस संबंध में एक नीति (पॉलिसी) अगले तीन महीनों के भीतर तैयार कर ली जाएगी।

Continue reading on the app

  Sports

ट्रिपल सेंचुरी बनाना करियर के लिए अभिशाप, बल्ले में ऐसी जंग लगी कि करियर हुआ भस्म

दुनिया के किसी भी क्रिकेट के लिए तिहरा शतक लगाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होती है, लेकिन क्या हो जब कोई बल्लेबाज तिहरा शतक लगाए और उसका करियर बर्बाद हो जाए. ऐसा ही एक भारतीय खिलाड़ी हुआ, जिन्होंंने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ट्रिपल सेंचुरी लगाई, लेकिन उस पारी के बाद उसके बल्ले में ऐसा जंग लगा कि सबकुछ खत्म हो गया. Tue, 1 Sep 2026 20:01:03 +0530

  Videos
See all

Aaj ki Taja Khabar: यूपी की दिनभर की बड़ी खबरें | Kaushambi Blast | Ankit Baliyan Killer Encounter #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T14:45:06+00:00

Nepal Viral Dog Story: नेपाल बाढ़ की दर्दनाक तस्वीर! मालिक को ढूंढती रही ये वफादार Lilly | AajTak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T14:43:34+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers