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Modi ने बहुत समझाया, मगर नहीं माने Putin; PM की शांति की अपील के तुरंत बाद Russia ने Ukraine पर कर दिया भीषण हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत समझाया कि मानवता के हित में दुनिया को “अंतहीन युद्ध” से निकलकर “युद्ध के अंत” की ओर बढ़ना चाहिए। मोदी ने साफ कहा कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति से ही संभव है। लेकिन मोदी की शांति अपील के कुछ ही घंटों बाद रूस के तेवर कुछ और ही दिखाई दिए। यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास मंगलवार को फिर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमले हुए, जिनमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। कीव पर यह लगातार छठे दिन हमला था।

देखा जाये तो रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए दुनिया भर में कूटनीतिक प्रयास तेज हैं, लेकिन जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। फरवरी 2022 में शुरू हुआ यह युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोपीय महाद्वीप का सबसे घातक संघर्ष बन चुका है।

इसे भी पढ़ें: BRICS 2026: क्या विस्तार के बाद Global Economy की दिशा बदल पाएगा भारत? 11 देशों के Leaders पर टिकी नजरें

आज तड़के रूसी हमलों ने कीव और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। यूक्रेनी आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, कीव में आठ लोगों की मौत हुई और पांच अन्य घायल हुए, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। कीव क्षेत्र के बोरिस्पिल में मिसाइल और ड्रोन हमलों से एक अपार्टमेंट इमारत और एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचा। वहां एक व्यक्ति की मौत हुई और एक बच्चे समेत नौ लोग घायल हो गए। देखा जाये तो लगातार हो रहे रूसी हमलों ने कीव और आसपास के क्षेत्रों में लाखों लोगों की सामान्य जिंदगी बुरी तरह प्रभावित कर दी है। मंगलवार तड़के यूक्रेन के अधिकांश हिस्सों में एयर रेड अलर्ट जारी रहा और लोग संभावित हमलों के डर में रहे।

रूस ने सिर्फ यूक्रेनी शहरों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों, ऊर्जा और लॉजिस्टिक ढांचे पर भी हमले तेज किए हैं। मंगलवार को डेन्यूब नदी के किनारे स्थित ओरलिवका पर एक ताजा हमले के कारण रोमानिया के साथ सीमा पार गतिविधियां रुक गईं। रोमानिया यूरोपीय संघ और नाटो का सदस्य है, इसलिए इस हमले ने युद्ध के व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

दूसरी ओर, रूस भी ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। रूस के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित उसके प्रमुख निर्यात केंद्र उस्त-लुगा के बंदरगाह क्षेत्र में ड्रोन हमले के बाद आग लगने की खबर है। मॉस्को ने भी ड्रोन हमलों को नाकाम करने की कार्रवाई की। रूस के समारा क्षेत्र में, जहां कई बड़े तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठान हैं, वहां हवाई हमले से नागरिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की बात स्थानीय प्रशासन ने कही है। हालांकि रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे पर नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना बनाने के आरोपों से इंकार करते रहे हैं।

इसी बीच शांति प्रयासों की कूटनीतिक हलचल भी जारी है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ “विस्तृत और रचनात्मक” बातचीत हुई है। यूक्रेन ने कहा कि शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधियों की यूक्रेन यात्रा की तारीखों को अंतिम रूप देने पर काम चल रहा है।

इधर, प्रधानमंत्री मोदी ने 31 अगस्त को किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। मोदी ने कहा कि दुनिया को मानवता के हित में अंतहीन युद्ध से युद्ध समाप्ति की दिशा में बढ़ना चाहिए। पुतिन ने जवाब में कहा कि मॉस्को भी “इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है”, लेकिन उसके बाद यूक्रेन पर जारी हमलों ने शांति प्रक्रिया की गंभीर चुनौती को फिर उजागर कर दिया।

मोदी और पुतिन के बीच भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा के साथ ही पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्षों पर भी वार्ता हुई। भारत ने विशेष रूप से समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई। दरअसल, हाल के महीनों में काला सागर क्षेत्र में भारतीय नाविकों पर रूसी और यूक्रेनी पक्षों की कार्रवाई का असर पड़ा है। मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति ही है।

दोनों नेताओं की बातचीत में आगामी BRICS शिखर सम्मेलन भी प्रमुखता से शामिल रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 12-13 सितंबर को भारत में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि वह उनका स्वागत करने को उत्सुक हैं।

पुतिन ने भारत-रूस संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि अगले वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने बताया कि रूस में भारतीय छात्रों की संख्या पिछले एक दशक में लगभग सात गुना बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गई है। रूस-भारत व्यापार में भी वृद्धि जारी है और 2025 में दोनों देशों के बीच पर्यटक आवाजाही में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बहरहाल, इन मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों के बीच सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है कि क्या पुतिन वास्तव में मोदी की शांति की अपील सुनेंगे? कीव पर लगातार छठे दिन हुए हमले ने फिलहाल इतना जरूर दिखा दिया है कि बातचीत की मेज पर शांति की बातें और युद्ध के मैदान की हकीकत अभी एक-दूसरे से काफी दूर हैं।

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NPCI Data Analysis: अगस्त में Digital Payments ने तोड़े रिकॉर्ड, 29.8 लाख करोड़ का हुआ UPI Transaction

भुगतान मंच यूपीआई के जरिये अगस्त में 29.8 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो रिकॉर्ड स्तर के करीब है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये लेनदेन का मूल्य मई और जुलाई 2026 में रिकॉर्ड 29.9 लाख करोड़ रुपये रहा था। मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में यूपीआई लेनदेन की संख्या रिकॉर्ड 2,451 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले महीने के 2,366 करोड़ से काफी अधिक है। इस साल जून में लेनदेन की संख्या 2,272 करोड़ और मई में 2,320 करोड़ रही थी।

अगस्त में लेनदेन का मूल्य 29.82 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी महीने के 24.85 लाख करोड़ रुपये से 20 प्रतिशत अधिक है। एनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में यूपीआई लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर अगस्त में 2,451 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 1,963 करोड़ थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की पहल एनपीसीआई भारत में खुदरा भुगतान एवं निपटान प्रणालियों के संचालन के लिए एक शीर्ष संगठन है। यह यूपीआई का संचालन करता है, जिसका इस्तेमाल लोगों के बीच या खरीदारी के दौरान व्यापारियों के पास वास्तविक समय में भुगतान के लिए किया जाता है।

‘कैशफ्री पेमेंट्स’ के सह-संस्थापक रिजू दत्ता ने कहा कि अगस्त में लेनदेन की संख्या में वृद्धि को रक्षाबंधन जैसे त्योहारों से भी बढ़ावा मिला। इससे रोजमर्रा के व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) हस्तांतरण और छोटी राशि के उपहारों में स्वाभाविक रूप से तेजी आई। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में लेनदेन की संख्या बढ़ने के साथ कुल लेनदेन मूल्य में लगातार मजबूती यूपीआई प्रणाली की बढ़ती पहुंच एवं व्यापक उपयोग को दर्शाती है।

विदेशों में मौजूदगी की बात करें तो यूपीआई अब 11 देशों में स्वीकार किया जाता है और उज्बेकिस्तान इसमें शामिल होने वाला सबसे नया देश है। अन्य देशों में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान शामिल हैं, जहां यूपीआई स्वीकार किया जाता है।

यूपीआई की शुरुआत 25 अगस्त, 2016 को हुई और तब से इसने भारत के डिजिटल भुगतान परिदृश्य को बदल दिया है। इसका लेनदेन मूल्य वित्त वर्ष 2016-17 के 0.07 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 314 लाख करोड़ रुपये हो गया, यानी एक दशक में इसमें 4,000 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

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जब चुइंगम चबाना बन गया काल, रिकी डार्लिंग की वो खौफनाक कहानी, ऐसी दुर्घटना जिसने वर्ल्ड क्रिकेट को हिला दिया

cricket unique stories: क्रिकेट के इतिहास में बाउंसर से चोट लगने की कई दुखद कहानियां दर्ज हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी खिलाड़ी की जान सिर्फ इसलिए जाते-जाते बची क्योंकि वह मैदान पर मजे से चुइंगम चबा रहा था. जी हां, साल 1979 में एशेज सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज रिकी डार्लिंग के साथ एक ऐसा ही वाकया हुआ था, जिसने कुछ ही सेकंड में पूरे खेल जगत की सांसें अटका दी थीं Tue, 1 Sep 2026 14:59:27 +0530

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