गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान ने तकनीकी खराब के चलते की इमरजेंसी लैंडिंग
नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की एक उड़ान ने मंगलवार को विमान में आई “तकनीकी समस्या” के बाद आपातकालीन स्थिति में गोवा लौटकर सुरक्षित लैंडिंग की। यह जानकारी एयरलाइन की ओर से दी गई।
इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई 2102 ने उत्तरी गोवा से सुबह 9:16 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद चालक दल द्वारा तकनीकी समस्या की सूचना दिए जाने के बाद विमान वापस गोवा की ओर मुड़ गया। इस दौरान विमान को सुरक्षित रास्ता देखने को लिए मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने करीब सुबह लगभग 9:30 बजे फुल इमरजेंसी घोषित कर दी थी।
हालांकि, विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। यात्रियों को बोर्डिंग क्षेत्र में ठहराया गया।
एयरलाइन ने एक बयान में कहा, “उत्तरी गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई 2102 में उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी समस्या का पता चला। मानक संचालन प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया और पायलटों ने विमान को वापस मोड़कर मनहर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतार लिया।”
एयरलाइन ने कहा कि विमान की फिलहाल रखरखाव संबंधी जांच की जा रही है और सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद वह दोबारा परिचालन शुरू करेगा।
इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। इसे कम करने के लिए हमने हर संभव प्रयास किया, जिसमें यात्रियों को जलपान उपलब्ध कराना और समय-समय पर अपडेट देना शामिल है।”
एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
इंडिगो ने कहा, “हमारे ग्राहकों, चालक दल और विमानों की सुरक्षा इंडिगो में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।”
इससे पहले पिछले महीने इंडिगो की वेबसाइट पर तकनीकी समस्या सामने आई थी, जिसके कारण कई यात्री उड़ानों की बुकिंग करने, वेब चेक-इन पूरा करने या कुछ ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में असमर्थ रहे थे।
कुछ यूजर्स ने एयरलाइन के मोबाइल एप्लिकेशन में लॉग-इन करने में भी परेशानी की सूचना दी थी।
एयरलाइन ने एक सर्विस एडवाइजरी के माध्यम से इस समस्या को स्वीकार करते हुए कहा था कि उसके मुख्य आरक्षण प्लेटफॉर्म में रुक-रुक कर तकनीकी समस्याएं आ रही थीं। इंडिगो ने कहा था कि इस समस्या के कारण कुछ ग्राहकों को उसकी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
यह घटना इंडिगो द्वारा अपने मुख्य आरक्षण सिस्टम में इसी तरह की समस्या की जानकारी दिए जाने के महज दो दिन बाद हुई थी। एयरलाइन ने कहा था कि प्लेटफॉर्म में “रुक-रुक कर समस्याएं” आ रही थीं, जिससे ग्राहकों की ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच प्रभावित हो सकती थी।
—आईएएनएस
एबीएस
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जेट ईंधन के दामों में भारी इजाफा: 6.28 रुपये प्रति लीटर महंगे हुए ATF के दाम, क्या अब विमान यात्रा हो जाएगी महंगी?
ATF price hike: देश के विमान यात्रियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तगड़ा इजाफा किया है। घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट ईंधन के दाम 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं।
इस बढ़ोतरी के बाद अब ATF की दरें 115 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं, जो कि लगभग 5.46 प्रतिशत की सीधी बढ़त को दर्शाता है। साल 2026 की शुरुआत में मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में उपजे संघर्ष और तनाव के बाद से जेट ईंधन की कीमतों में लगातार भारी तेजी देखने को मिल रही है।
कब-कब बढ़े या घटे दाम?
सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, घरेलू विमानन कंपनियों को अब ईंधन के लिए अधिक भुगतान करना होगा। यह लगातार दूसरा महीना है जब ATF की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले 1 अगस्त 2026 को भी जेट ईंधन के दामों में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। हालांकि, इससे पहले जुलाई के महीने में कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई थी, लेकिन ताजा बढ़ोतरी ने उस राहत को बेअसर कर दिया है।
क्या अब महंगी हो जाएंगी विमान यात्राएं?
भारत में किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर) का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा केवल जेट ईंधन पर खर्च होता है, जो विमान कंपनियों के लिए सबसे बड़ा लागत कारक है। ईंधन के दाम बढ़ने से एयरलाइंस का ऑपरेशनल खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइंस इस बोझ को कम करने के लिए हवाई किराए में इजाफा कर सकती हैं। हालांकि, फ्लाइट के टिकट के दाम यात्रियों की मांग, एयरलाइंस के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा और सीटों की उपलब्धता जैसे अन्य कारकों पर भी निर्भर करते हैं।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी हुआ महंगा
सिर्फ जेट ईंधन ही नहीं, बल्कि कमर्शियल उपयोग वाले गैस सिलेंडरों के दाम में भी इजाफा हुआ है। 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,738 रुपये से बढ़कर 2,747.50 रुपये का हो गया है। इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले मार्केट-प्राइस कुकिंग गैस सिलेंडर (5-kg FTL) की कीमत भी 762 रुपये से बढ़ाकर 764 रुपये कर दी गई है।
गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले जुलाई और 1 अगस्त को कमर्शियल एलपीजी के दामों में लगातार दो बार बड़ी कटौती की गई थी, लेकिन इस बार कीमतों को हल्का झटका दिया गया है।
विंडफॉल टैक्स में हालिया कटौती
दूसरी ओर, सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में (15 अगस्त से शुरू होने वाले पखवाड़े के लिए) पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल गेन्स टैक्स में कटौती की थी। ATF के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को 22 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।
वहीं, डीजल के निर्यात पर लगने वाले SAED को भी 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर किया गया था। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 27 मार्च को डीजल और ATF के निर्यात पर यह शुल्क लगाया था, जिसकी समीक्षा हर पखवाड़े की जाती है।
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