कौन हैं दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी? 'हनुमान अंश' के वायरल भजन ने बदली किस्मत
Sunil Lodhi Hanuman Ansh: सोशल मीडिया के दौर में कब किसकी किस्मत बदल जाए, ये कहना मुश्किल है. कुछ ऐसा ही हुआ नेत्रहीन गायक सुनील लोधी के साथ. कभी ट्रेनों और पब्लिक प्लेटफॉर्म पर भजन गाकर लोगों का दिल जीतने वाले सुनील आज देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. उनकी आवाज में गाया गया भजन और फिल्म 'हनुमान अंश' से जुड़ाव उन्हें नई पहचान दिला रहा है. लोग अब सिर्फ उनकी गायकी ही नहीं, बल्कि उनके स्ट्रग्ल और सफलता की कहानी के बारे में भी जानना चाह रहे हैं.
कौन हैं सुनील लोधी?
सुनील लोधी मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के रहने वाले हैं. वो नेत्रहीन हैं, लेकिन बचपन से ही उन्हें गाने का शौक था. आर्थिक परेशानियों और कई मुश्किलों के बावजूद उन्होंने संगीत का साथ नहीं छोड़ा. सुनील अक्सर धार्मिक कार्यक्रमों, गांव के आयोजनों और ट्रेनों में भजन गाकर लोगों का मनोरंजन करते थे. उनकी आवाज में भक्ति और सादगी का ऐसा मेल है, जो लोगों को आसानी से पसंद आ जाता है.
वहीं धीरे-धीरे उनके भजनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. खासकर हनुमान जी पर गाए गए उनके भजनों को लोगों ने खूब प्यार दिया. इंटरनेट पर मिली इसी पॉपुलैरिटी ने सुनील लोधी को बड़े मंच तक पहुंचाया और आज उनकी पहचान देशभर में बन रही है.
'Hanuman Ansh' से मिली नई पहचान
फिलहाल सुनील लोधी का नाम फिल्म 'हनुमान अंश' की वजह से चर्चा में है. दरअसल, इस फिल्म के टाइटल गाने मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान... (Maine Tere Hi Bharose Hanuman) सुनील ने गाया है, जो इस समय लोगों का फेवरेट बना हुआ है. ये भजन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग सुनील की आवाज की जमकर तारीफ भी कर रहे हैं. एक समय जो गायक अपना टेलेंच दिखाने के लिए संघर्ष कर रहा था, आज वही लाखों लोगों की प्रेरणा बन चुका है.
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फिल्म 'हनुमान अंश' की क्या है कहानी?
फिल्म 'हनुमान अंश' की बात करे तो ये एक आध्यात्मिक फिल्म है, जो प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा की शिक्षाओं और उनके जीवन से प्रेरित है. फिल्म में भक्ति, विश्वास और चमत्कारों से जुड़ी कई घटनाओं को दिखाया गया है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे बाबा के विचार और आशीर्वाद लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाते हैं.फिल्म में आस्था के साथ-साथ इमोशनल पल भी दिखाए गए हैं, जो दर्शकों को कहानी से जोड़कर रखते हैं. यही वजह है कि इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.
साल 2026 की प्रोफिटबल फिल्म बनी
'हनुमान अंश' को साल 2026 की सबसे प्रॉफिटेबल फिल्मों में गिना जा रहा है. करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर सभी को चौंका दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई कर चुकी है और 25 दिनों में 40 करोड़ रुपये से अधिक का नेट कलेक्शन कर लिया है. यही वजह है कि इसे 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्मों में शामिल किया जा रहा है.
दर्शकों का दिल जीत रही हनुमान अंश
‘हनुमान अंश’ ऐसे समय में सिनेमाघरों में चल रही है, जब बॉक्स ऑफिस पर बड़े बजट और बड़े स्टार्स वाली फिल्मों का दबदबा है. इसके बावजूद फिल्म ने अपनी अलग ऑडियंस तैयार कर ली. एक तरफ दर्शकों के सामने बड़े स्टार्स और बड़े बजट की फिल्में थीं, वहीं दूसरी तरफ ‘हनुमान अंश’ ने आध्यात्मिक कहानी के जरिए एक अलग तरह का ऑप्शन दि
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नेपाल के बाद पाकिस्तान में बाढ़ जैसे हालात, भारी बारिश के बाद कई इलाके जलमग्न; रावलपिंडी में छुट्टी की घोषणा
Pakistan Flood: नेपाल के बाद अब पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं. दरअसल, मंगलवार को भारी बारिश के चलते राजधानी इस्लामाबाद और उससे सटे रावलपिंडी के कई इलाके जलमग्न हो गए. कुछ ही घंटों में हालात बाढ़ जैसे हो गए. इस दौरान एक नाला ओवरफ़्लो हो गया, सड़कें और बेसमेंट पानी से भर गए. जबकि रावलपिंडी के 'नाला लाई' में पानी का स्तर खतरनाक हद तक बढ़ने के कारण अधिकारियों को शिक्षण संस्थान बंद करने पड़े.
इलाके में तैनात की गई इमरजेंसी टीम
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में पानी निकालने वाले पंप और इमरजेंसी टीमें तैनात कीं, जबकि ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों के बारे में चेतावनी दी. पाकिस्तान मौसम विभाग (PMD) ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भारी बारिश का अनुमान जताया, जिससे शहरी इलाकों में बाढ़ आ सकती है और नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. इस्लामाबाद के जिला प्रशासन ने बताया कि राजधानी के E-11 सेक्टर में 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे एक नाला ओवरफ़्लो हो गया और पानी सड़कों और कुछ बेसमेंट में भर गया.
घरों के बेसमेंट में घुसा पानी
जिला प्रशासन ने एक बयान में कहा, "बारिश की वजह से E-11 का नाला भर गया है और पानी सड़क व कुछ बेसमेंट में भी घुस गया है." उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित बेसमेंट को पहले ही सील कर दिया गया है. उन्होंने आगे कहा, "डिप्टी कमिश्नर मौके पर मौजूद हैं और पानी निकालने का काम चल रहा है. अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं और सफाई कर्मचारी मौके पर काम कर रहे हैं."
- प्रशासन ने बताया कि मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है. D-12/2 सेक्टर में एक सुरक्षा दीवार गिरने के बाद बचाव कार्य भी शुरू कर दिया गया है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि इसमें किसी की जान नहीं गई है.
- इस्लामाबाद ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें और धीरे गाड़ी चलाएं, क्योंकि सड़कों पर जमा पानी ट्रैफिक में रुकावट डाल सकता है.
- पुलिस ने कहा, "नागरिकों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए. बारिश के दौरान, कारों और मोटरसाइकिलों की गति कम रखें और आगे चल रहे वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें."
रावलपिंडी में भी बाढ़ जैसे हालात
वहीं पड़ोसी शहर रावलपिंडी में, अधिकारियों ने शहर के शिक्षण संस्थानों के लिए छुट्टी की घोषणा की. रावलपिंडी में 'नाला लाई' में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "रावलपिंडी शहर में भारी बारिश और 'नाला लाई' के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए, रावलपिंडी शहर की सीमा के भीतर सभी शिक्षण संस्थानों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा रहा है."
रावलपिंडी के शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी की घोषणा
उपायुक्त कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में रावलपिंडी जिले में मंगलवार को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया, साथ ही यह भी कहा गया कि आपातकालीन विभाग, संस्थान और प्राधिकरण काम करते रहेंगे. PMD ने सोमवार रात चेतावनी दी थी कि मध्यम से भारी बारिश के कारण सोमवार रात और मंगलवार को इस्लामाबाद और रावलपिंडी के निचले इलाकों के साथ-साथ कई अन्य शहरों में जलभराव हो सकता है.
दो महीनों के भीतर 175 लोगों की मौत
बता दें कि बारिश का यह नया दौर मानसून के खतरनाक मौसम के दौरान आया है. नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के 26 जून से 31 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 175 लोगों की मौत हुई और 500 लोग घायल हुए. सबसे ज्यादा मौतें खैबर पख्तूनख्वा में (70) हुईं, इसके बाद पंजाब (61) और सिंध (17) का नंबर रहा.
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NDMA के आंकड़ों के अनुसार, इन मौतों में से 48.6 प्रतिशत मौतें घर गिरने की वजह से हुईं, जबकि डूबने और अचानक आई बाढ़ (flash floods) भी मौत के मुख्य कारणों में शामिल है. PMD के अनुमान के मुताबिक, 5 सितंबर तक बड़ी नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों, ऊपरी पंजाब और ऊपरी खैबर पख्तूनख्वा में कहीं-कहीं से लेकर व्यापक बारिश होगी, जिससे बड़ी नदियों और उनसे जुड़े नालों में पानी का बहाव बढ़ने की उम्मीद है.
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