दक्षिण भारत की शादियों और त्योहारों में क्यों बनता है पायसम? मिठाई से कहीं ज्यादा है इसकी कहानी
दक्षिण भारत की शादियों और त्योहारों में परोसी जाने वाली मिठाइयों में पायसम का खास स्थान है. दूध, चावल, गुड़, नारियल और सूखे मेवों से बनने वाली यह डिश स्वाद में जितनी खास है, उतनी ही दिलचस्प है इसकी परंपरा. मंदिरों के प्रसाद से लेकर शादी की दावत और ओणम की सद्या तक, पायसम दक्षिण भारत की संस्कृति और शुभ अवसरों से गहराई से जुड़ा हुआ है.
घर पर ही बनाएं पारंपरिक और पवित्र चरणामृत, जानिए इसकी रेसिपी और धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में चरणामृत का विशेष महत्व है. यह दूध, दही, शहद, घी और मिश्री से बनता है. इसे पंचामृत भी कहते हैं. पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इसको बनाने का तरीका भी बहुत ही आसान है.
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