यह जरुरी नहीं है कि घर की सजावट के लिए सिर्फ महंगे फर्नीचर या रंग-रोगन तक सीमित नहीं होती है, बल्कि छोटी-छोटी बदलावों से भी आशियाने को नया और आकर्षक रुप दिया जा सकता है। जैसे-जैसे समय बदला है वैसे ही इंटीरियर में काफी बदलाव देखने को मिला है। इससे न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि घर में ताजगी और नयापन भी दिखाई देता है।
गौरतलब है कि दीवारों की सजावट से लेकर पर्दों के एक्सेसरीज और लाइटिंग तक, छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान देकर घर का मेकओवर कर सकते हैं। यदि आप भी बिना ज्यादा बजट खर्च किए अपने घर को स्टाइलिश और रिफ्रेशिंग लुक देना चाहते हैं, तो इन आसान इंटीरियर टिप्स को ट्राई करें।
दीवारों को दें नया और कलात्मक रुप
घर में साफ, सुंदर और कलात्मक ढंग से सजी दीवारें घर का आकर्षण बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए इनको नए तरीके से सजाना काफी जरुरी है। उदाहरण के तौर पर, यदि आपने लिविंग रुम में काफी से बड़ी पेंटिंग लगा रखी है, तो उसकी जगह अलग-अलग साइज के दो-तीन दर्पण लगा सकते हैं। यदि आप एक बड़े विंटेज मिरर के साथ दो-तीन अलग-अलग आकार के दर्पण लगा सकती हैं। अगर आप मिरर नहीं लगाना चाहते हैं, तो अपने परिवार के यादगार पलों की तस्वीरें या कोई सुंदर डीआईवाई आर्ट भी लगा सकते हैं।
पर्दों की फिटिंग और एक्सेसरीज बदलें
कई बार लोग घर के पर्दे जल्दी-जल्दी बदलते रहते हैं, लेकिन उनकी फिटिंग और एक्सेसरीज जैसे कि कर्टेन होल्डर्स, ब्रैकेट्स, रॉड, ब्रोच आदि पर ध्यान नहीं देते हैं। नए और रिफ्रेशिंग लुक के लिए पर्दों के साथ इन्हें भी चेंज कर सकते हैं। इसके अलावा, आप लाइट फिक्स्चर और स्विच बोर्ड को भी अपडेट करा सकते हैं।
पेंटिंग्स के फ्रेम करें अपडेट
कई बार पुराने और बदरंग दिख रहे फ्रेम की वजह से पेंटिंग की चमक गायब हो जाती है, जो दिखने में अच्छे नहीं लगते हैं। थोड़े-थोड़े समय बाद ट्रेंड के मुताबिक पेंटिंग्स के फ्रेम बदलावकर भी आप घर को नया और स्टाइलिश रुप दे सकते हैं।
किचन और वॉशरुम की छोटी-छोटी चीजें बदलें
अगर आप काफी समय से किचन और वॉशरुम को अपडेट नहीं किया है, तो आप वहां लगी टॉवल रॉड, डोर हैंडल, ड्रॉअर नॉब आदि लगवा सकते हैं, इससे घर को एक अलग लुक मिलेगा।
बुकशेल्फ और कुशन से लाएं ताजगी
यदि बुकशेल्फ में सिर्फ किताबें ही रखी हों, तो उसमें कुछ सुरुचिपूर्ण फोटो, इंडोर प्लांट्स और बुकएंड्स सजाने से भी घर में ताजगी का एहसास हो सकता है। इसके अलावा, कभी-कभी अलग-अलग रंग और आकार के कुशन सजाकर भी घर में नई आभा बिखेरी जा सकती है।
प्रवेश द्वार को बना सकते हैं आकर्षक
घर की बोरिंग एंट्रेंस सुंदर से सुंदर घर की शोभा बढ़ा सकते हैं, इसलिए थोड़-थोड़े समय में प्रवेश द्वार का लुक भी बदल सकते हैं। कोई सुंदर पेंटिंग, कुछ ग्रीन प्लांट्स और खूबसूरत लाइटिंग लगा सकते हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
- इन दिनों टेराकोटा ट्रेंड में है। इससे बनी पेंडेंट लाइट्स, स्कल्पचर्स, स्टूल और प्लांटर्स आदि से घर को कूल और रिफ्रेशिंग लुक दे सकते हैं।
- कुछ यूनिक करने के लिए घर में पड़े पुराने संदूक और फर्नीचर आदि से पेंट करके सजा सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि ये कमरे के आकार से बहुत बड़े या छोटे न हों।
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बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूरे आतंकी इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया और कहा कि "दोहरे मापदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। प्रधानमंत्री मोदी की यह कड़ी टिप्पणी एक राउंडटेबल चर्चा के दौरान आई, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और SCO के अन्य नेता शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि हमें एक सुर में यह कहना होगा कि इस गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंडों की कोई गुंजाइश नहीं है। जो देश आतंकवाद का इस्तेमाल अपनी नीति के हथियार के तौर पर करते हैं और आतंकवादियों को पनाह व समर्थन देते हैं, उन्हें कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए: आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता। किर्गिज़ राजधानी में हुई इस चर्चा में पीएम मोदी और शरीफ़ के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान भी शामिल हुए।
सुरक्षा पर PM
इस क्षेत्र के सामने मौजूद बड़ी सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए, PM मोदी ने कहा कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में "सुरक्षा का दायरा" और बढ़ गया है। उन्होंने कहा आज की आपस में जुड़ी दुनिया में सुरक्षा का दायरा और भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया के संकट ने यह दिखाया है कि किसी एक क्षेत्र का टकराव सिर्फ़ उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता... इसका असर दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और सप्लाई चेन पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे टकरावों का सबसे ज़्यादा बोझ 'ग्लोबल साउथ' के देशों को उठाना पड़ता है। उन्होंने भारत का यह रुख़ फिर दोहराया कि युद्ध और तनाव को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा, इसका सबसे ज़्यादा बोझ 'ग्लोबल साउथ' के देशों को उठाना पड़ता है। इसीलिए भारत ने हमेशा यह कहा है कि सभी तरह के तनाव और युद्धों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के ज़रिए किया जाना चाहिए।
नार्को-टेररिज्म पर प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने ड्रग तस्करी को युवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा, दोनों के लिए एक बढ़ता हुआ ख़तरा बताया। उन्होंने नशीले पदार्थों और संगठित अपराध से निपटने के लिए SCO देशों के बीच मज़बूत सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा ड्रग तस्करी सिर्फ़ एक अपराध नहीं है... यह हमारी युवा पीढ़ी और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर ख़तरा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नशीले पदार्थों से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के तहत बनाए जा रहे केंद्रों का स्वागत किया। उन्होंने कहा सुरक्षा खतरों, संगठित अपराध, सूचना सुरक्षा और नशीले पदार्थों जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के तहत बनाए जा रहे केंद्र एक सकारात्मक कदम हैं। हमें इन्हें व्यावहारिक तालमेल और समय पर कार्रवाई के लिए प्रभावी साधन बनाना चाहिए।
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