Responsive Scrollable Menu

सहारनपुर में पीएनबी करेंसी चेस्ट से मिले 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट, तीन बैंक अधिकारी निलंबित

सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के ‘करेंसी चेस्ट’ में असली नोटों की जगह नकली नोट रखे जाने का मामला सामने आया है और यहां कथित रूप से करीब 7.40 करोड़ रुपये अंकित मूल्य के नकली नोट मिले हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नकली नोट से जुड़े कथित गिरोह के सिलसिले में सदर बाजार पुलिस थाने में तीन बैंक अधिकारियों सहित चार लोगों के खिलाफ सोमवार को मामला दर्ज किया गया।

पीएनबी की वरिष्ठ मुख्य प्रबंधक (सर्कल) निशा सिंह ने बताया कि बैंक ने तीन अधिकारियों -वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कासे और ‘करेंसी चेस्ट’ प्रबंधकों सुशील शर्मा एवं अमित कुमार- को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नकली नोट मामले में बैंक के नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत में इन तीनों अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के अनुसार, बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑडिट के दौरान ‘करेंसी चेस्ट’ में नकदी का सत्यापन किए जाने पर करीब 7.40 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले।

इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले

एसएसपी ने कहा, ‘‘बैंक की ऑडिट टीम द्वारा नोटों की गिनती और मिलान का काम अभी जारी है। बैंक की ओर से अंतिम आंकड़े उपलब्ध कराए जाने के बाद सटीक राशि का पता चल सकेगा।’’ अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब ‘करेंसी चेस्ट’ से बैंक के मुख्यालय भेजी गई नकदी की गिनती के दौरान 4.3 लाख रुपये कम पाए गए। शुरुआत में इसकी सूचना पीएनबी की मेरठ शाखा को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच के लिए चौबे को सहारनपुर भेजा गया।

इसे भी पढ़ें: नेपाल में भीषण बाढ़: 11 हजार से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू, 22 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात

जांच के दौरान ‘करेंसी चेस्ट’ के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई, जिसमें अंशकालिक कर्मचारी विशाल कुमार कथित तौर पर नोटों के बंडलों से नकदी निकालते हुए दिखाई दिया। बाद में, विशाल कुमार के खिलाफ चोरी का एक अलग मामला दर्ज किया गया। बैंक ने इसके बाद ‘करेंसी चेस्ट’ का ऑडिट शुरू किया, जिसमें कथित तौर पर कई अनियमितताएं सामने आईं।

ऑडिट के दौरान करीब 7.40 करोड़ रुपये अंकित मूल्य के संदिग्ध नकली नोट भी पाए गए। अधिकारियों ने कहा कि ‘करेंसी चेस्ट’ से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारी भी इन अनियमितताओं के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने कहा कि संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई के साथ जांच भी जारी है।

इसे भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद पीड़ितों की मदद के लिए 50 Mental Health विशेषज्ञ तैनात

मामले में पुलिस एवं बैंक अपने-अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं।

Continue reading on the app

Sam Pitroda ANI Interview | 'गाली-गलौज ठीक है, ये हमारे बच्चे हैं', PM Modi के खिलाफ अभद्र भाषा पर सैम पित्रोदा ने किया प्रदर्शनकारियों का बचाव

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस (IOC) के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने दिल्ली में हाल ही में हुए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवा प्रदर्शनकारियों का खुलकर बचाव किया है। पित्रोदा ने कहा कि भले ही युवाओं की भाषा आपत्तिजनक लगे, लेकिन इसे उनकी गहरी हताशा और निराशा के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

"निराशा में गाली दे रहे युवा, हमें उनकी बात सुननी होगी"
न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में पित्रोदा ने कहा, "आपको इसे छात्रों के नजरिए से देखना होगा। बेशक, प्रधानमंत्री का नजरिया एक विशेषाधिकार है। मैं उसे कम नहीं आंक रहा हूं। मैं प्रधानमंत्री का अपमान नहीं करना चाहता क्योंकि वह देश के प्रधानमंत्री हैं। लेकिन अगर कोई अपमान करता है और ऐसी बातें कहता है, तो वह सचमुच बहुत परेशान होगा। लोग ये चीजें फैशन के लिए नहीं करते। वे निराशा में ऐसा करते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "गाली-गलौज ठीक है, ये हमारे बच्चे हैं। अब कहीं-कहीं थोड़ी-बहुत गाली-गलौज हो सकती है। मुझे यह पसंद नहीं है, लेकिन यह ठीक है। ये हमारे बच्चे हैं।"
 

इसे भी पढ़ें: Airfare Increase India | जेट फ्यूल में 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी! क्या अब महंगी होगी हवाई यात्रा? जानें नए रेट्स


अमेरिका में रहने वाले टेक्नोक्रेट नेता ने अपने एक लेख का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा "थोड़ी कीचड़ उछाल सकते हैं", लेकिन अहम बात उनकी बात सुनना है।उन्होंने कहा, "मैंने अखबार में भारत में मॉनसून के मौसम के बारे में एक लेख लिखा था। यह भारतीय मॉनसून है जहां भारी बारिश हो रही है, और यह अपने साथ कुछ कीचड़ भी लाएगा - यही वह रूपक (metaphor) है। युवा थोड़ी कीचड़ उछाल सकते हैं, जो ठीक है, पूरी तरह से स्वीकार्य है, आप जानते हैं, लेकिन हमें उनकी बात सुननी होगी क्योंकि उनका भविष्य दांव पर है।"

पित्रोदा ने कहा कि युवा प्रदर्शनकारी ऐसी चिंताएं जाहिर कर रहे थे जिन्हें पिछली पीढ़ियां ठीक से नहीं कह पाई थीं। "वे आखिरकार खुलकर अपनी बात कह रहे हैं। उनमें खड़े होकर आलोचना करने की हिम्मत है। उन्हें कोई डर नहीं है," उन्होंने कहा।
 

इसे भी पढ़ें: नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद पीड़ितों की मदद के लिए 50 Mental Health विशेषज्ञ तैनात

 
उन्होंने आगे कहा कि युवा मानते हैं कि राजनीतिक व्यवस्था "नकली" और "अक्षम" है और अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है-
कांग्रेस नेता ने कहा "यही भविष्य का भारत है। अगर उन्हें अच्छी शिक्षा नहीं मिलती, अगर वे साथ रहना नहीं सीखते, अगर वे एक-दूसरे से प्यार नहीं करते, तो कोई भविष्य नहीं है, क्योंकि तब शांति नहीं होगी। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान और उसी समय ऑनलाइन पोस्ट में प्रदर्शनकारियों द्वारा इस्तेमाल की गई कथित अभद्र भाषा - जिसमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया था - की कई तरफ से आलोचना हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस मुद्दे पर बात की और कहा कि उन्होंने उन छात्रों को माफ कर दिया है जिन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।

पीएम के ‘दिमागी नक्सल’ लेबल को नकारा
पीएम मोदी द्वारा "दिमागी नक्सल" शब्द के इस्तेमाल पर, पित्रोदा ने वंचित समुदायों की वकालत करने वाले लोगों को नक्सली या कम्युनिस्ट बताने की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा "अगर आप गरीबों के पक्ष में हैं, तो आप नक्सली नहीं हैं। अगर आप दलितों के पक्ष में हैं, अगर आप अल्पसंख्यकों के पक्ष में हैं, तो आप नक्सली या कम्युनिस्ट नहीं हैं। यह सब बकवास है। पित्रोदा ने आगे कहा "आप ज़्यादा मानवीय हैं। मैं इंसानियत को बाकी सब चीज़ों से ऊपर रखता हूँ। हम सब एक ही जगह से आए हैं।

प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में "दिमागी नक्सल" शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जिन पर उन्होंने सशस्त्र नक्सलवाद के कमज़ोर पड़ने के बावजूद नक्सली विचारधारा को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहाँ सशस्त्र नक्सलियों को जंगलों से बाहर खदेड़ दिया गया है, वहीं "दिमागी नक्सल" अशांति और हिंसा पैदा करने की कोशिश करके वैचारिक खतरा पैदा कर रहे हैं।

‘लोकतंत्र पर हमला हो रहा है’
सैम पित्रोदा ने आगे आरोप लगाया कि भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रधानमंत्री कार्यालय में सत्ता के अत्यधिक केंद्रीकरण से कमज़ोर किया गया है। उन्होंने कहा "भारत में स्थिति ऐसी है कि लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। लोकतंत्र पर पिछले कई सालों से, जब से बीजेपी सत्ता में आई है, हमला हो रहा है," उन्होंने कहा। "अब यह नज़रिए का मामला है। मेरा मानना ​​है कि प्रधानमंत्री कार्यालय में बहुत ज़्यादा ताकत केंद्रित करके हमने अपने संस्थानों को कमज़ोर किया है।

पित्रोदा ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग और स्थानीय पुलिस जैसे संस्थान स्वतंत्र रुख अपनाने से हिचकिचा रहे थे। पित्रोदा ने यह भी आरोप लगाया कि नागरिक समाज के संगठनों और NGO को रेगुलेटरी और वित्तीय जांच के ज़रिए दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा "दूसरी बात, हमारे नागरिक समाज पर हमले हो रहे हैं। NGO से कहा जाता है कि वे इस या उस कानून का पालन नहीं कर रहे हैं, और लोगों पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे कई तरह के आरोप लगाए जाते हैं। नतीजतन, समाज में हमारे पास असली 'वॉचडॉग' (निगरानी रखने वाले) नहीं बचे हैं।
 
'राहुल गांधी कांग्रेस के 'भारत के विचार' के संरक्षक हैं'
पित्रोदा ने राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी के "भारत के विचार" का संरक्षक बताया। उन्होंने कहा कि यह विचार सम्मान, समानता, न्याय, विविधता, धर्मनिरपेक्षता और आज़ादी पर आधारित है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी के पास भारत का एक ऐसा विचार था जिसे हमारे संस्थापकों ने स्पष्ट किया था और जो हमारे संविधान में अच्छी तरह से दर्ज है। और भारत का वह विचार मुख्य रूप से सभी के सम्मान, समानता, न्याय, विविधता, धर्मनिरपेक्षता और आज़ादी के बारे में है।" उन्होंने आगे कहा, "और मेरे लिए, राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के लिए भारत के उस विचार के संरक्षक हैं।" पित्रोदा ने राजनीतिक विरोधियों, मीडिया और संस्थानों के हमलों के बावजूद अपनी बात पर अडिग रहने के लिए गांधी की तारीफ़ की।

उन्होंने कहा, "उन्होंने तमाम मुश्किलों और न केवल विपक्ष, बल्कि मीडिया और संस्थानों के हमलों के बावजूद अपने बुनियादी मूल्यों पर कायम रहकर बेहतरीन काम किया है।" उन्होंने आगे कहा, "मेरे नज़रिए से, राहुल गांधी बौद्धिक क्षमता, दृढ़ता, साहस और पक्के इरादों वाले एक मज़बूत व्यक्ति के तौर पर उभरे हैं। और मेरे लिए, कांग्रेस पार्टी के भारत के विचार को सामने लाने में उनकी अहम भूमिका है। और जो काम वे कर रहे हैं, उसके लिए मैं उनकी तारीफ़ करता हूँ।"

पित्रोदा ने यह भी कहा कि राजनीतिक बहस को उन मुद्दों की ओर मोड़ा जा रहा है जिन्हें वे कम महत्वपूर्ण मानते हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोज़गार, पर्यावरण और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
 
Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

Continue reading on the app

  Sports

Asian Games: आधा Km दूर टॉयलेट करने जाएंगे टीम इंडिया के खिलाड़ी? जापान ने दी सफाई

एशियन गेम्स में क्रिकेट की प्रतियोगिता से पहले वेन्यू पर बड़ा बवाल मचा हुआ है. दावा किया जा रहा था कि वेन्यू पर टॉयलेट की सुविधा भी आधा किमी. दूर है. अब इसपर जापान क्रिकेट ने सफाई दी है. Tue, 01 Sep 2026 18:34:33 +0530

  Videos
See all

Dalit Youth Angry at Rahul Gandhi | Haldwani से उठी आवाज, बोले- राहुल गांधी ने दलितों को नीचा दिखाया #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T13:10:06+00:00

Garjana With Rubika Liyaquat: PM मोदी की अपील ने कैसे किया कमाल? | #gdp #indiangdp #economy #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T13:09:33+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers