Responsive Scrollable Menu

Dhurandhar 2 First Review: 'शोले से 100 गुना ज्यादा शानदार....' इस मशहूर डायरेक्टर ने दिया धुरंधर का फर्स्ट रिव्यु, जाने कैसी है फिल्म

Dhurandhar 2 First Review: 'शोले से 100 गुना ज्यादा शानदार....' इस मशहूर डायरेक्टर ने दिया धुरंधर का फर्स्ट रिव्यु, जाने कैसी है फिल्म

Continue reading on the app

Puja Tips: बिना स्नान किए भूलकर भी न छुएं भगवान की मूर्ति, जानें पूजा से जुड़े जरूरी नियम

Puja Tips: हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले स्नान करना एक अनिवार्य नियम माना जाता है। मान्यता है कि बिना स्नान किए भगवान की मूर्ति को छूना या उनकी पूजा करना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे शारीरिक और मानसिक अशुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि हर हिंदू घर में सुबह की पूजा शुरू करने से पहले स्नान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

स्नान को क्यों माना जाता है इतना जरूरी?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पूजा-पाठ को एक अत्यंत पवित्र कार्य माना जाता है, और इसमें भाग लेने वाले व्यक्ति का शरीर और मन दोनों ही शुद्ध होने चाहिए। मान्यता है कि स्नान करने से न सिर्फ शरीर की बाहरी स्वच्छता होती है, बल्कि इससे मन भी शांत और एकाग्र होता है, जो पूजा में पूर्ण श्रद्धा से शामिल होने के लिए आवश्यक माना जाता है। कथाओं में यह भी उल्लेख मिलता है कि अशुद्ध अवस्था में भगवान की मूर्ति या पूजा सामग्री को स्पर्श करना देवी-देवताओं का अनादर माना जाता है।

किन परिस्थितियों में मूर्ति स्पर्श करना है वर्जित?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, सोकर उठने के तुरंत बाद, भोजन करने के बाद या शौच आदि से निवृत्त होने के बाद बिना स्नान किए भगवान की मूर्ति को छूना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा सूतक या पातक की स्थिति में, यानी परिवार में जन्म या मृत्यु होने पर भी एक निश्चित अवधि तक मूर्ति स्पर्श करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दौरान अशुद्धता मानी जाती है।

पूजा से पहले शुद्धिकरण की सही विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्नान करने के बाद स्वच्छ और यथासंभव नए वस्त्र धारण करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पूजा शुरू करने से पहले हाथों को गंगाजल से शुद्ध करना और मन में भगवान का ध्यान करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इसके अलावा कुछ परंपराओं में पूजा से पहले आचमन करने, यानी जल की कुछ बूंदें ग्रहण करने की भी प्रथा है, जिसे आंतरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी है इसका महत्व
धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ पूजा से पहले स्नान करने की इस परंपरा को स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि स्वच्छ शरीर और वातावरण में की गई पूजा से संक्रमण का खतरा कम होता है, और मन भी अधिक स्थिर व शांत रहता है, जिससे पूजा में एकाग्रता बनाए रखना आसान होता है।

आज भी हर घर में निभाया जाता है यह नियम
समय के साथ भले ही जीवनशैली में कई बदलाव आए हों, लेकिन पूजा से पहले स्नान करने और शुद्धता बनाए रखने की यह परंपरा आज भी अधिकतर हिंदू घरों में उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। बड़े-बुजुर्ग आज भी बच्चों को यह सिखाते नजर आते हैं कि भगवान की पूजा करने से पहले शरीर और मन, दोनों की शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

Continue reading on the app

  Sports

किदांबी श्रीकांत ने चीन मास्टर्स में किया उलटफेर, विक्टर लाई को थमाई हार; वापसी रही जोरदार

Kidambi Srikanth vs Victor Lai: भारत के बैडमिंटन प्लेयर किदांबी श्रीकांत ने चीन मास्टर्स में उलटफेर कर दिया है। उन्होंने विक्टर लाई को हार थमाई है। श्रीलंका ने क्वार्टर फाइनल में एंट्री कर ली है।  Thu, 03 Sep 2026 15:23:10 +0530

  Videos
See all

Ajay Rai ने बताई BJP छोड़ने की वजह #panchayat #mathura #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-03T10:15:37+00:00

Divorce पर क्या बोले Aniruddhacharya? #pookiebaba #panchayat #mathura #aajtak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-03T10:15:31+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers