हिमाचल प्रदेश में एडमिशन फॉर्म में जाति का कॉलम हटेगा:सरकारी स्कूलों में जातिगत भेदभाव खत्म करने की पहल, सेशन 2027-28 से लागू
27 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने अगले सेशन 2027-28 से स्कूलों में एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटा दिया जाए। सीएम सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड (HPSCWB) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जाति कॉलम हटाने की बात कही। सरकारी योजनाओं में नहीं हटाई जाएगी जाति सीएम सुखविंदर के मुताबिक, सरकारी स्कूलों से जातिगत भेदभाव खत्म करने के लिए स्कूलों के एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाया जाना चाहिए। हालांकि, अनुसूचित जाति (एससी) से आने वाले स्टूडेंट्स को सरकार की योजनाओं का फायदा लेने के लिए जाति की जानकारी देनी होगी। स्कूल में जातिगत भेदभाव खत्म करने की पहल स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने का उद्देश्य बच्चों में जाति का भेदभाव कम करना और जाति के आधार पर पैदा होने वाली हीन भावना को खत्म करना है। नए सेशन से अनुसूचित जाति के सदस्य सरकारी योजनाओं और लाभों का लाभ उठाते समय अपनी जाति का विवरण देना जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें बिना किसी मुश्किल के योजनाओं का फायदा मिल सके। शिक्षा सचिव- जल्द ही पॉलिसी बनाएंगे शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि विभाग जल्द ही इस नीति को लागू करने के लिए एक फॉर्मेट पॉलिसी और प्रोसेस दोनों ही तैयार करेगा। शिक्षा सचिव के मुताबिक, हमें इस बात का भी ध्यान है कि पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का लाभ किसी भी योग्य बच्चे को मिलने से नहीं छूटना चाहिए। नीति बनाते समय इस पहलू को ध्यान में रखा जाएगा। एडमिशन प्रोसेस का फॉर्मेट बदला जाएगा इस कदम से एडमिशन प्रोसेस और स्कूल के संबंधित रिकॉर्ड में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए जहां भी कानूनी या प्रशासनिक रूप से जाति से जुड़ी जानकारी की जरूरत हो, वह सही तरीके से उपलब्ध हो। SC, ST के लिए कई योजनाएं चला रही सरकार हिमाचल प्रदेश में सरकार ने अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। जिनमें छात्रों को हायर एजुएक्शन शिक्षा के लिए 1% ब्याज दर पर 20 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। साथ ही राज्य सरकार राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत सब्सिडी भी देती है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें.. 28 अगस्त के करेंट अफेयर्स:भारत ने नेपाल को दवा और राहत सामाग्री भेजी, मप्र में रक्षा मंत्री सिंह ने ₹450 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू किए आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..
दिल्ली के बाद दूसरा आंदोलन जब सरकार ने मानी मांगें:जंतर - मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले, झारखंड में मांगें पूरी होने के बाद खूब नाचे कार्यकर्ता
हाल ही में हुए छात्र आंदोलन में यह तीसरा आंदोलन है जिसमें सरकार ने छात्रों की मांगे मान ली हैं। इसके चलते BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को एक ही चरण में करने का फैसला किया है। इस एग्जाम के लिए अब प्रीलिम्स और मेन्स एग्जाम का आयोजन नहीं किया जाएगा। ये घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। सरकार के इस फैसले से बिहार में शिक्षक भर्ती के लिए प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) और मुख्य परीक्षा सिस्टम को खत्म करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों को राहत मिली है। बिहार में BPSC TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्र गर्दनीबाग में डटे हुए थे। सरकार के बैकफुट पर आने और सम्राट चौधरी द्वारा छात्रों की प्रमुख मांगें स्वीकार करने के बाद आंदोलन खत्म हुआ और धरना स्थल जीत के जश्न में डूब गया। CM सम्राट बोले- छात्रों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर सीएम सम्राट चौधरी ने कहा - छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। इस पर अब कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इस बार TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव और अनुशंसा देने के लिए ‘परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति’ का गठन किया गया है। पटना हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी। सीएम ने कहा कि छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के तुरंत समाधान के लिए सरकार ने ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ और ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर किया जा रहा है। छात्र नेता ने तोड़ा अनशन सरकार के इस फैसले के बाद पटना के गर्दनीबाग में 18 अगस्त से धरने पर बैठे छात्र नेता अमन और जहान्वी ने अपना अनशन तोड़ दिया। शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने छात्र नेता अमन को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। छात्र नेता सौरभ ने कहा कि सरकार ने सभी मांगे मान ली हैं। छात्र एकता और संघर्ष की जीत हुई है। छात्रों के सामने सरकार झुकी है। वहीं, पटना के गर्दनीबाग में जश्न मना रहे छात्रों ने कहा, मिस्टेक तिवारी का माफीनामा आया है। जंतर - मंतर पर छात्रों की जीत से बढ़े हौसले : जून में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा छात्र आंदोलन शुरू हुआ। रांची की सड़कों पर JPSC और JSSC परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लिया। झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन की जीत ने विद्यार्थियों को अपनी मांगे उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। यह आंदोलन कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हुआ। आंदोलनरत छात्रों को विभिन्न राजनीतिक दलों का भी समर्थन भी मिला। छात्रों ने दिखाया अपना जोश, धरना स्थल पर ही रहे छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर परीक्षा की व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो उनका यह आंदोलन और भी बड़ा रूप ले लेगा। छात्रों ने धरना स्थल पर रहने का ही फैसला किया। यहां उन्होंने अपना खाना खुद बनाया। इस धरने के बीच भी छात्रों ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उन्होंने टेंट के अंदर ही पढ़ाई भी की। तेज बारिश में भी उनके हौसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने धरना स्थल पर तिरपाल लगाकर अपने लिए टेंट बना लिया। छात्रों ने यह तय कर लिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की गारंटी नहीं दे देती, तब तक वे इस धरने से नहीं उठेंगे और उनका यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। आंदोलन का असर - स्थगित हुई परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC ) ने झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को स्थगित कर दिया है। जेपीएससी के अध्यक्ष रहे एल. खियांगते ने इस्तीफा दे दिया है और जेपीएससी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों मामले की जांच सीआईडी कर रही है। सीजेपी की जीत से भड़का झारखंड आंदोलन PSC/JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी, पारदर्शिता और स्वतंत्र जांच की मांग के चलते 25 जुलाई को झारखंड में छात्र आंदोलन की शुरुआत हुई। यह आंदोलन 12 अगस्त तक जारी रहा। इसमें 6 प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। इस आंदोलन की भड़कती आग को देखते हुए 27 अगस्त को सरकार ने JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए तीन सदस्यीय हाईलेवल कमेटी गठित की। 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द हुईं झारखंड में भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के चलते सरकार ने बड़ा फैसला किया। इसके तहत 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी गई। इनकी पूरी सूचना कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग की तरफ से जारी की गई। रद्द हुई परीक्षाओं को लेकर नया आंदोलन झारखंड आंदोलन के बाद JSSC-CGL में चयनित लगभग 2,950 उम्मीदवार परीक्षा रद्द करने के फैसले से गुस्से में आए। ये उम्मीदवार परीक्षा पास करके नियुक्ति की प्रक्रिया तक पहुंच चुके थे, इसलिए सरकार के फैसले के बाद उनकी स्थिति को लेकर विरोध शुरू हुआ। उम्मीदवारों का गुस्सा फूटा उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनके सामने दोबारा बेरोजगार होने का संकट खड़ा हो गया है। एक प्रदर्शनकारी ने भावुक होकर कहा - सरकार के फैसले के बाद वह सड़क पर आ गया है। बता दें कि JSSC-CGL में लगभग 2950 कैंडिडेट्स सिलेक्ट हुए थे। ये खबर भी पढ़ें : डाक विभाग में 25 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती:10वीं पास को मौका, एज लिमिट 40 साल इंडिया पोस्ट ऑफिस भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। इस भर्ती के लिए 31 अगस्त से आवेदन शुरू होंगे। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.indiapost.gov.in पर जाकर अप्लाई कर सकेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें
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