झोपड़ी में चल रहा था सरकारी स्कूल:DM अचानक पहुंचे तो छप्पर के नीचे जमीन पर बैठे मिले छात्र
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में प्राथमिक विद्यालय एक झोपड़ी में चल रहा रहा था। हाल ही के दिनों में इस स्कूल की एक तस्वीर भी सामने आई थी। दरअसल ये स्कूल बेनीपट्टी प्रखंड की अड़ेर दक्षिणी पंचायत का प्राथमिक विद्यालय है, जिसकी बिल्डिंग का काम चल रहा है और बच्चे छप्पर में पढ़ रहे हैं। डीएम ने औचक निरीक्षण किया जब जिलाधिकारी आनंद शर्मा को इसकी खबर मिली तो वे स्कूल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। जहां बच्चे झोपड़ी में पढ़ते नजर आए। इस बदहाल स्थिति पर डीएम ने बेहद नाराजगी जताई और सभी बच्चों को अपनी सरकारी गाड़ी से उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिनुआरा में शिफ्ट कराया। नया भवन बनने तक सिनुआरा में ही पढ़ेंगे छात्र इसके साथ ही डीएम शर्मा ने निर्देश दिया कि जब तक प्राथमिक विद्यालय का नया भवन बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक बच्चों की क्लास मध्य विद्यालय में ही चलेंगी। डीएम ने कहा कि पंचायत समिति के माध्यम से विद्यालय भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाएगा और पंचायती राज संस्थाओं को शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए आगे आकर काम करना चाहिए। 63 स्कूलों का कायाकल्प जिले में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 63 भवनहीन और जर्जर नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी गई है। यूनिट प्राइसिंग के आधार पर इनके नए भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है और शिक्षा सचिव से वार्ता के बाद जल्द ही प्रशासनिक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल इस योजना के तहत सभी चिह्नित स्कूलों में पक्के भवन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें.. राजस्थान के प्राइमरी स्कूल की छत गिरी:तेज आवाज सुनकर बच्चे कक्षा से बाहर निकले, मची अफरा-तफरी, दूसरी कक्षा भी जर्जर राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में एक कक्षा की छत गिर गई। उस समय स्कूल में 120 बच्चे मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें
NTA में केंद्र के तीन अफसरों की नियुक्ति:2 डायरेक्टर, एक जॉइंट डायरेक्टर; तीन हफ्ते में पद संभालने का आदेश
केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में दो डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। ये आदेश 27 अगस्त को जारी किया गया था। जानकारी आज सामने आई है। IPS रवि कुमार सिंह और IAS अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को डायरेक्टर बनाया गया है। 2016 बैच के IRS अधिकारी अमित सामदारिया जॉइंट डायरेक्टर होंगे। तीनों अधिकारियों को आदेश जारी होने की तारीख से तीन हफ्ते के भीतर पद संभालना होगा। आदेश में कहा गया है कि ऐसा नहीं करने पर सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम से डिबार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। NTA में अफसरों के बदलाव की शुरुआत नीट पेपर लीक मामले के बाद से हुई। 25 जुलाई को NEET पेपर लीक मामले में NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था। पेपर लीक पर पीएम को इंस्टाग्राम पर वीडियो मैसेज जारी करना पड़ा पीएम ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है। संसद में एंटी पेपर लीक बिल लाया गया, दोनों सदनों से पास सरकार पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल मानसून सत्र में लाई। दोनों सदनों से इसे पास कराया गया। 1 अगस्त को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून भी बन गया। सरकार ने कहा कि यह कानून केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि UPSC, कर्मचारी चयन आयोग, बैंकिंग और बाकी पब्लिक एग्जाम पर भी लागू होगा। क्या है नीट पेपर लीक मामला, अब तक 13 अरेस्ट 3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई। इस दौरान देश भर में कई छात्रों ने सुसाइड किया। पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने तक कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन किया। सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक अनशन किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। फिलहाल पेपर लीक मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- रील 21वीं सदी का नशा है: मजदूरी करो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती राहुल गांधी ने कहा, 'सिस्टम ने युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। इनसे कहा जाता है कि आपको जितनी रील बनाना है, बनाओ। मजदूरी करो। 21वीं सदी का नशा लो, लेकिन नौकरी नहीं मिल सकती है।' पूरी खबर पढ़ें…
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