बिहार बोर्ड: 10वीं स्पेशल और कंपार्टमेंटल परीक्षा 2026 के मार्कशीट DEO कार्यालयों में उपलब्ध, जानें डिटेल
BSEB Bihar Board Compartment Mark Sheets 2026: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा सेकेंडरी स्पेशल और कंपार्टमेंटल परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। बोर्ड के निर्देशानुसार, इन परीक्षाओं के मार्कशीट और प्रोविजनल प्रमाण पत्र संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालयों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, स्क्रूटनी प्रक्रिया के बाद जिन विद्यार्थियों के अंकों में संशोधन (रिवाइज्ड मार्क्स) हुआ था, उनके संशोधित अंकपत्र भी इसी व्यवस्था के तहत भेजे गए हैं।
बोर्ड ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि छात्रों को अपने दस्तावेज लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से डीईओ कार्यालय जाने की कोई जरूरत नहीं है। यह पूरी वितरण प्रक्रिया स्कूल स्तर पर ही संचालित की जाएगी ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
#Bihar #BSEB #BiharBoard@BiharEducation_@mkrtiwari_bjp@samrat4bjp pic.twitter.com/P6ilIrTZzr
— Bihar School Examination Board (@officialbseb) August 20, 2026
स्कूलों के माध्यम से बांटे जाएंगे दस्तावेज
बिहार बोर्ड के तय दिशा-निर्देशों के मुताबिक, संबंधित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक डीईओ कार्यालय से अपने संस्थान के छात्रों के अंकपत्र और प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे। इसके पश्चात, स्कूल प्रशासन द्वारा योग्य विद्यार्थियों को ये सभी दस्तावेज वितरित किए जाएंगे।
मैट्रिक स्पेशल या कंपार्टमेंटल परीक्षा 2026 में शामिल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित स्कूल अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें ताकि उन्हें मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेज मिलने की सही जानकारी मिल सके। दस्तावेज प्राप्त करते समय छात्र अपने परीक्षा से जुड़े आवश्यक विवरण और पहचान पत्र साथ रखें।
Breaking: झारखंड सरकार को बड़ा झटका, 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक
JPSC Paper Leak: झारखंड सरकार के 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने वाले सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के आधार पर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया था।
राज्य सरकार के इस फैसले के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया था। चार अलग-अलग याचिकाओं के जरिए परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं में उन परीक्षाओं में सफल उम्मीदवार शामिल हैं, जिन्हें सरकार के फैसले के बाद अपनी नौकरी और नियुक्ति को लेकर चिंता सताने लगी थी।
22 भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के फैसले को चुनौती
झारखंड सरकार ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CID और SIT जांच के निष्कर्षों के आधार पर 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार की कार्रवाई का असर JPSC और JSSC से जुड़ी कई महत्वपूर्ण भर्ती प्रक्रियाओं पर पड़ा।
रद्द की गई परीक्षाओं में JPSC 11वीं-13वीं कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा, JSSC-CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्तियां शामिल हैं। सरकार के फैसले से सफल और नियुक्त हो चुके अभ्यर्थियों के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी।
किन भर्ती परीक्षाओं पर पड़ा असर?
सरकार के फैसले के दायरे में अलग-अलग विभागों और पदों से जुड़ी भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर, असिस्टेंट इंजीनियर, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट जैसे पदों की भर्ती शामिल है।
JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में लंबे समय से छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन चल रहा था। सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द करने के साथ कई अन्य परीक्षाओं और पुरानी भर्ती प्रक्रियाओं की जांच का भी फैसला लिया था।
चार याचिकाओं के जरिए हाई कोर्ट पहुंचे सफल अभ्यर्थी
राज्य सरकार के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में चार याचिकाएं दाखिल की गई थीं। याचिकाकर्ताओं में 11वीं-13वीं JPSC कंबाइंड सिविल सर्विसेज परीक्षा, JSSC-CGL और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा में सफल उम्मीदवार शामिल हैं।
इनमें अवधेश कुमार, दीपमाला, सोनम कुमारी और सौरभ सिंह समेत अन्य सफल अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में सफल होने और नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पूरी परीक्षा को रद्द करने से उम्मीदवारों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा।
सरकार ने क्यों रद्द की थीं 22 परीक्षाएं?
झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की जांच के बाद यह कार्रवाई की थी। सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने के अलावा अन्य भर्ती प्रक्रियाओं की जांच के भी निर्देश दिए थे।
रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार ने 2014 से अब तक की कुछ भर्ती परीक्षाओं, उनके परिणाम और नियुक्तियों की जांच CID को सौंपने का फैसला भी किया है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में सुधार और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
अब आगे क्या होगा?
हाई कोर्ट की ओर से सरकार के 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। अब मामले में आगे की सुनवाई और अदालत के विस्तृत आदेश पर सबकी नजर रहेगी।
JPSC-JSSC भर्ती विवाद में हाई कोर्ट के इस आदेश का असर उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है, जो रद्द की गई परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi









