Nepal Flash Flood Tragedy: Viral Green House! छत पर फंसे 6 लोग, Sushma ने ऐसे बचाई Family की जान
नेपाल त्रासदी में अब तक काफी लोगों की मौतें हो चुकी हैं। लेकिन कुछ ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर थे, कुछ ऐसे मकान थे। जिन्होंने बड़े सैलाब में अपनों की जान बचाई। यानी उस मकान मालिक को बचाया। उसके पूरे परिवार को बचाया। वो किस तरह का कंस्ट्रक्शन था? जो हरा मकान है, सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वो ठीक मेरे पीछे है और यह वही मकान है जो चर्चा का विषय बन गया कि आखिर इसके इंजीनियर कौन है? किस तरह से इसके इंजीनियर ने इस मकान को तैयार किया होगा पहाड़ी इलाकों में और यह इंजीनियरिंग का एक नायाब नमूना है। अगर हम पहाड़ी इलाकों की बात करें तो अलग-अलग तरह के कंस्ट्रक्शंस होते हैं। अगर यह देखिए आप ये मकान किस तरह से ढह गए। आप आसपास के मकान देखिए ये सारे मकान ढह गए। लेकिन उस समय जो सैलाब आया उस समय यह सैलाब ने इस मकान को जिंदा रखा। बाकी सारे मकान आप देखिए कहीं ना कहीं क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लेकिन यह मकान जिंदा रहा क्योंकि इसकी बीम इसके इसके नीव की बात की जा रही है। इसके कंस्ट्रक्शन की बात की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर: मेडिकल इंटर्न की अनिश्चितकालीन हड़ताल, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
श्रीनगर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के मेडिकल इंटर्न ने सोमवार को मासिक वजीफे (स्टाइपेंड) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी।
अधिकारियों ने बताया कि जीएमसी श्रीनगर और उससे जुड़े अस्पतालों में इंटर्न ने क्लिनिकल सेवाएं पूरी तरह से रोक दी हैं। इंटर्न अपने स्टाइपेंड को मौजूदा 12,300 से बढ़ाकर 30,000 रुपए करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि महंगाई और काम के भारी बोझ के बावजूद यह राशि लगभग छह साल से नहीं बढ़ाई गई है।
विरोध कर रहे इंटर्न का कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में जम्मू-कश्मीर में स्टाइपेंड सबसे कम है। यह हड़ताल पूरे केंद्र शासित प्रदेश में हो रही है, जिसमें एसकेआईएमएस बेमिना, जीएमसी जम्मू, जीएमसी अनंतनाग और जीएमसी बारामूला के इंटर्न भी शामिल हुए हैं, जिससे सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
इंटर्न अस्पताल के 24 घंटे चलने वाले कामकाज की रीढ़ होते हैं, इसलिए अचानक सेवाएं बंद होने से इमरजेंसी रूम, वार्ड और आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) पर काफी असर पड़ा है।
एक बयान में जम्मू-कश्मीर की स्वास्थ्य मंत्री सकीना इत्तू ने कहा कि मेडिकल इंटर्न की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग जायज है।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने भी अपना समर्थन दिया है। जेकेएसए के नेशनल कन्वीनर नासिर खेउहामी ने कहा, इंटर्न की मांग सच्ची, उचित और पूरी तरह से जायज है। मेडिकल इंटर्न हेल्थकेयर सिस्टम का एक अहम हिस्सा हैं। अपनी अनिवार्य ड्यूटी के दौरान वे वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी डिपार्टमेंट, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और क्लिनिकल सेवाओं में काम करते हैं।
खेउहामी ने आगे कहा कि इंटर्न अक्सर बहुत लंबे समय तक काम करते हैं। कभी-कभी यह समय 24 से 36 घंटे तक भी खींच जाता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड बहुत कम है और मेहनताना बढ़ाने की तुरंत जरूरत है।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
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