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अमेरिका में मेटा के खिलाफ हुआ बड़ा समझौता सिर्फ इंस्टाग्राम और फेसबुक तक सीमित मामला नहीं रह गया है। इसके बाद दूसरी बड़ी सामाजिक माध्यम कंपनियों पर भी बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ सकता है। टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैपचैट जैसी कंपनियों को भी अब अपने मंचों की कार्यप्रणाली और युवाओं पर उसके असर को लेकर जवाब देना पड़ सकता है।
बता दें कि बुधवार को मेटा ने अमेरिका के कई राज्यों के साथ एक समझौता किया है। इसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने इंस्टाग्राम और फेसबुक को इस तरह तैयार किया कि कम उम्र के यूजर्स लंबे समय तक इनसे जुड़े रहें। इसके अलावा बच्चों से संबंधित जानकारी जुटाने और मंचों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के बारे में जनता को गुमराह करने के आरोप भी लगाए गए थे। मेटा ने इन आरोपों में किसी तरह की गलती स्वीकार नहीं की है।
इस समझौते की सबसे अहम बात इसकी आर्थिक राशि से ज्यादा इसका संभावित कानूनी असर है। मेटा को अधिकतम करीब 1,700 करोड़ डॉलर का भुगतान करना पड़ सकता है। कंपनी का बाजार मूल्य करीब 1,500 अरब डॉलर और सालाना आय लगभग 200 अरब डॉलर है, इसलिए निवेशकों ने इस समझौते को लेकर खास चिंता नहीं दिखाई। बुधवार को मेटा के शेयरों में करीब एक प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई है।
गौरतलब है कि अमेरिका में बच्चों, परिवारों और विद्यालयी जिलों की ओर से सामाजिक माध्यम कंपनियों के खिलाफ हजारों मामले पहले से चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा का समझौता इन मामलों में एक उदाहरण बन सकता है। पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय की विपणन विशेषज्ञ वनिता स्वामीनाथन के मुताबिक इसके बाद दूसरे मामलों में भी समझौते की संभावना बढ़ सकती है।
इस मामले में कानूनी रणनीति भी महत्वपूर्ण है। राज्यों ने केवल मंचों पर मौजूद सामग्री को निशाना बनाने के बजाय कंपनियों की अपनी कारोबारी नीतियों और मंच तैयार करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कैलिफोर्निया के कानूनी विशेषज्ञ विंसेंट जोरालेमोन का मानना है कि भविष्य में सामाजिक माध्यमों के नियमन का रास्ता इसी तरह के मुकदमों और समझौतों से निकल सकता है।
कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा ने बताया कि राज्य पहले से टिकटॉक समेत दूसरी कंपनियों के खिलाफ समान चिंताओं पर कार्रवाई कर रहे हैं। हवाई की अटॉर्नी जनरल ऐनी लोपेज ने भी स्नैपचैट, टिकटॉक और यूट्यूब से मेटा की तरह समझौता करने की अपील की है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, समझौते के समय मेटा के सामने अदालत में बढ़ती जांच भी एक महत्वपूर्ण स्थिति थी। इंस्टाग्राम प्रमुख एडम मोसेरी से पूछताछ चल रही थी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग के भी बयान देने की संभावना थी। मोसेरी ने स्वीकार किया था कि किशोरों की सुरक्षा से जुड़े कुछ उपायों के शुरुआती परीक्षणों में अपेक्षित भागीदारी नहीं रही थी।
हालांकि यह समझौता मेटा के खिलाफ चल रहे सभी मामलों को खत्म नहीं करता है। लॉस एंजिलिस के एक मामले में मेटा और यूट्यूब को एक युवती को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था और उसे 60 लाख डॉलर का हर्जाना दिया गया था। दोनों कंपनियां इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में हैं।
ऐसे में मेटा का समझौता सोशल मीडिया उद्योग के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैपचैट इसी तरह के समझौतों की राह चुनते हैं या अदालतों में कानूनी लड़ाई जारी रखते हैं।
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