ड्रग फ्री उत्तराखंड' से 'विकसित भारत 2047' तक के विषय पर बनबसा में मुख्यमंत्री का युवाओं से संवाद
मुख्यमंत्री ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित "युवा संवाद" कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, समाज सेवा, स्वरोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया. संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया द्वारा मुख्यमंत्री के जीवन सफर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अपनी संक्षिप्त जीवनी, शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा के अनुभव साझा किए. उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है.छात्रा प्रीति पांडे द्वारा नकल विरोधी कानून की सराहना की एवं स्थानीय परीक्षा केंद्र को टनकपुर में बनाए जाने के अनुरोध किया इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उचित प्रयास किया जाएगा.
दूसरों को प्रेरित करने का आह्वान किया
छात्र रोहित शर्मा द्वारा नशे के खिलाफ से संबंधी सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए कहा कि 'ड्रग फ्री उत्तराखंड' अभियान की चर्चा की और युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने व दूसरों को प्रेरित करने का आह्वान किया. छात्र सुमित सिंह नायक द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे युवाओं को विज्ञान व तकनीक का ज्ञान प्राप्त होगा. उन्होंने बताया कि नकल विरोधी सख्त कानूनों से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं.
जीवन में अनुशासन का पालन जरूरी
छात्र नमन पुरी द्वारा युवा आयोग के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है, जो प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा. मुख्यमंत्री ने कहा निष्ठा और परिश्रम के बल पर साधारण व्यक्ति भी सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है. हमने अपने जीवन को अनुशासित बनाना है. जीवन में अनुशासन का पालन ही हमें सफलता की ओर ले जाता है.
भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी को 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर यही युवा शक्ति देश का परिदृश्य बदल सकती है. मुख्यमंत्री ने अपने विकल्प रहित संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जनपदों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं. युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए 'युवा आयोग' का गठन किया जा रहा है, जबकि देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से अब तक 34,000 से अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियां संपन्न कराई जा चुकी हैं.
विजय को भी मंच से सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री ने कहा सीमांत क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत चम्पावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने समारोह में नीट परीक्षा में सफल बसटिया की हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग के स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढकोटी को सम्मानित किया गया. खेल व दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौ सेवक पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान के संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सेवारत अजंता विजय को भी मंच से सम्मानित किया गया.
विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया
मुख्यमंत्री ने बागवानी से स्वरोजगार स्थापित करने वाले चंपावत के कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति व मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना व पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली बनबसा की अरुणिमा रावत को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाध्यक्ष भाजपा गोविन्द सामन्त, जिला महामंत्री भाजपा श्री मुकेश कलखुडिया, प्रभारी गुंजन सुखीजा, सह प्रभारी नितिन देउपा, श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, सुभाष बगौली, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी एवं किरन देवी, मा0 विधायक प्रतिनिधि चंपावतप्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव एवं अन्य लोग मौजूद रहे.
मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लिया:इंस्टा पर इमोशनल पोस्ट की; लिखा- यह फैसला बेहद मुश्किल और दर्दनाक
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोमवार को एक इंस्टा पोस्ट के जरिए इसकी जानकारा दी। मेसी ने लिखा कि अब वे राष्ट्रीय टीम की जर्सी नहीं पहनेंगे। मेसी ने बताया कि ‘उन्होंने यह फैसला वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हारने के 2 दिन बाद ही ले लिया था।’ मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक है। मेसी ने लिखा, 'फाइनल के बाद से इतना समय बीत चुका है। काफी सोचने के बाद मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से संन्यास ले रहा हूं।' आगे पढ़िए मेसी ने क्या-क्या लिखा...? पिता के निधन के बाद कहा था- ज्यादा नहीं खेल पाऊंगा 7 अगस्त को मेसी के पिता का निधन हो गया था। इसके बाद मेसी ने अपने रिटायरमेंट के संकेत दे दिए थे। उन्होंने पिता के लिए लिखे भावुक पोस्ट में कहा था कि वे अब ज्यादा दिन फुटबॉल नहीं खेल सकेंगे। (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
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