Responsive Scrollable Menu

झीरम घाटी हमला: जगदलपुर एनआईए अदालत अब 5 सितंबर को सुनाएगी फैसला

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की विशेष अदालत ने वर्ष 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सोमवार को अपना फैसला पांच सितंबर तक के लिए टाल दिया। फैसला, सोमवार को सुनाया जाना था। बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया कि मामले में अंतिम सुनवाई 10 से 12 अगस्त के बीच हुई थी, जिसके बाद अदालत ने 31 अगस्त के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

उन्होंने कहा कि अदालत ने अब फैसला सुनाने की तारीख बदलकर पांच सितंबर कर दी है। चौधरी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी थी और सुनवाई के दौरान उनमें से एक की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इनके अलावा, एनआईए के आरोपपत्र में नामजद 33 अन्य आरोपियों को फरार बताया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए द्वारा नामजद और फरार बताए गए कुछ आरोपियों ने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। माओवादियों ने 25 मई 2013 को बस्तर जिले में दरभा थाना क्षेत्र की झीरम घाटी में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 27 लोग मारे गए थे तथा 30 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मारे गए लोगों में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे। यह रैली उस वर्ष के अंत में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी। घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था लेकिन रमन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही जांच एनआईए को सौंप दी थी।

राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग भी गठित किया था। एनआईए ने 25 सितंबर 2014 को जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में गिरफ्तार नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। एनआई ने 28 सितंबर 2015 को 35 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिनमें से दो आरोपियों को बाद में गिरफ्तार किया गया था।

जनवरी 2019 में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हमले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। सरकार का कहना था कि एनआईए ने हमले के पीछे की बड़ी साजिश की जांच नहीं की थी। इसके बाद, 25 मई 2020 को पुलिस ने दरभा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत एक नई प्राथमिकी दर्ज की।

यह प्राथमिकी हमले में मारे गए कांग्रेस नेता उदय मुदलियार के बेटे जितेंद्र मुदलियार की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि साजिश रचने वाले अब भी फरार हैं और एनआईए की जांच में साजिश के पहलू को शामिल नहीं किया गया था। एनआईए ने जांच, एजेंसी को सौंपने का अनुरोध करते हुए 16 जून 2020 को विशेष अदालत में अर्जी दाखिल की थी।

अदालत ने यह अर्जी खारिज कर दी हालांकि बाद में एजेंसी ने मामला स्थानांतरित कराने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया लेकिन न्यायालय ने मामले में दखल देने से इनकार कर दिया। तब से यह मुद्दा छत्तीसगढ़ में राजनीति का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल बार-बार आरोप लगाते रहे हैं कि हमले के पीछे की बड़ी साजिश की जांच नहीं की गई।

बघेल ने यह भी आरोप लगाया था कि साजिश के सिलसिले में एनआईए की प्राथमिकी में शुरुआत में माओवादी नेताओं गणपति और रमन्ना के नाम शामिल थे लेकिन आरोपपत्र में उनके नाम नहीं थे। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया था कि 2014 में केंद्र में राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद एनआईए की जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। इस बीच, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार ने छह नवंबर 2021 को तत्कालीन राज्यपाल अनुसुइया उइके को झीरम घाटी जांच आयोग की रिपोर्ट सौंपी थी।

उस समय मुख्यमंत्री रहे बघेल ने बाद में राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपने के तरीके पर सवाल उठाए और कहा कि राज्य सरकार को राजभवन से इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। बाद में कांग्रेस सरकार ने एक नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति कर न्यायिक आयोग का पुनर्गठन किया और उसका कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया। इसके बाद छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पुनर्गठित आयोग की कार्यवाही पर रोक लगा दी, क्योंकि 2013 के हमले की जांच के लिए उसके अधिकार क्षेत्र का विस्तार किया गया था।

यह रोक भाजपा के वरिष्ठ विधायक और तत्कालीन विपक्ष के नेता धर्मलाल कौशिक द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान लगाई गई थी।

Continue reading on the app

एटा में दो पक्षों में हिंसक झड़प में एक युवक की मौत, सात अन्य घायल

एटा में दो पक्षों में हिंसक झड़प में एक युवक की मौत, सात अन्य घायल

Continue reading on the app

  Sports

Women's Asia Cup: बड़े उलटफेर से बच गया पाकिस्तान, थाईलैंड के खिलाफ गिरते-पड़ते जीता एशिया कप मैच

pakistan women vs thailand women: पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप की शुरुआत जीत से की है. हालांकि, थाईलैंड जैसे छोटी टीम के खिलाफ उसे अपने पहले मुकाबले में उसे जीत के लिए काफी पसीना बहाना पड़ा. मुनीबा अली ने अर्धशतक जड़कर पाकिस्तान को लाज बचाई वरना थाईलैंड की टीम बड़ा उलटफेर करने की तरफ बढ़ चुकी थी. Wed, 2 Sep 2026 00:06:21 +0530

  Videos
See all

Nepal Tragedy | नेपाल त्रासदी के बीच फिर मंडराया दहशत का साया!Rescue Operation | India Help #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T20:00:22+00:00

Rapidly expanding Flock AI surveillance network facing growing US backlash. #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T20:12:39+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers