Explainer: 19 विकेट...एक मैच..., टेस्ट क्रिकेट का वो 'अजेय' रिकॉर्ड, जब जिम लेकर की उंगलियों पर नाचने लगी थी ऑस्ट्रेलियाई टीम
Test Records: आज के क्रिकेट की बात करें तो यह पूरी तरह से बदल चुका है. अब क्रिकेट पर टी20 हावी हो चुका है और टेस्ट क्रिकेट 3 या 4 दिन में ही समाप्त हो जाता है, क्योंकि आज बल्लेबाजों पर टी20 का खुमार चढ़ा हुआ है. इसी के कारण वे टेस्ट क्रिकेट में भी पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी करते हैं और मैच को जल्दी खत्म करते हैं. आज के आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाज पहली गेंद से डिफेंस करना नहीं सोचते हैं, बल्कि वे बड़े-बड़े शॉट्स लगाने और रिवर्स स्वीप या रैंप शॉट खेलने से भी नहीं हिचकते हैं. आज के टेस्ट क्रिकेट में कोई गेंदबाज दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट भी लेता है, तो उसे एक बड़ी और शानदार गेंदबाजी कहा जाता है; लेकिन क्रिकेट इतिहास के पन्नों में एक ऐसा जादुई रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन है. या यूं कहें तो विशेषज्ञों ने इसके टूटने की संभावना को सिर्फ 0.01% ही रखा है. टेस्ट क्रिकेट इतिहास की यह वो कहानी है, जब एक गेंदबाज ने अपनी उंगलियों के जादू से वर्ल्ड क्रिकेट को हैरान कर दिया था. हम बात कर रहे हैं इंग्लैंड के ऑफ-स्पिनर जिम लेकर की, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जो आज भी कायम है. तो आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि उन्होंने यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड कब और किसके खिलाफ बनाया था.
जिम लेकर ने एक टेस्ट मैच में वो कारनामा किया, जिसे करना आज के क्रिकेट में नामुमकिन सा है. उन्होंने एक टेस्ट मैच में कुल 19 विकेट लेकर वो अटूट वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जिसे आज की तारीख में तोड़ना किसी चमत्कार से कम नहीं है. 70 साल बाद भी क्रिकेट जगत का सबसे अकल्पनीय रिकॉर्ड माना जाता है.
26 जुलाई 1956 को शुरू हुआ इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया को वो ऐतिहासिक टेस्ट मैच
इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जा रहा था. यह सीरीज का चौथा टेस्ट मैच था, जो दोनों टीमों के लिए काफी अहम था; क्योंकि सीरीज 1-1 की बराबरी पर थी. इस चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पीटर मे के शानदार शतक (101 रन) और डेविड शेफर्ड के 113 रनों की बदौलत इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 452 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया. उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम में रिची बेनो, नील हार्वे और कीथ मिलर जैसे दिग्गज बल्लेबाज शामिल थे. ऐसे में इंग्लैंड के कप्तान पीटर मे को एक ऐसे गेंदबाज की जरुरत थी, जो ऑस्ट्रेलिया की इस खतरनाक बल्लेबाजी को ध्वस्त कर सके और रनों की गति पर अंकुश लगा सके. इंग्लैंड के लिए वो गेंदबाज जिम लेकर साबित हुए.
जिम लेकर वो चमत्कारी स्पेल जब फ्रीज ऑस्ट्रेलियाई टीम को गई नहस-नहस
जिम लेकर ने जब गेंद थामी, तो ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाजों को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में उनके साथ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर क्या होने वाला है. खुद इंग्लैंड की टीम ने भी नहीं सोचा होगा कि जिम लेकर वर्ल्ड क्रिकेट में एक नया इतिहास रचने जा रहे हैं. जब ऑस्ट्रेलियाई टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो पिच पर स्पिनरों को मदद मिलनी शुरू हो चुकी थी. जिम लेकर ने इसका पूरा फायदा उठाया. उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ और फ्लाइट से कुछ ही घंटों में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. एक समय ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना किसी नुकसान के 48 रन था, लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी 10 विकेट सिर्फ 36 रन बनाने में ही गंवा दिए.
ऑस्ट्रेलिया के आखिरी 8 विकेट तो सिर्फ 22 रनों के अंदर और महज 35 मिनट के खेल में ही गिर गए थे. जिम लेकर ने पहली पारी में 16.4 ओवर में सिर्फ 37 रन देकर 9 विकेट चटकाए और ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम को महज 84 रनों पर समेट दिया. ऑस्ट्रेलिया के एकमात्र बल्लेबाज जिम बर्क का विकेट इंग्लैंड के दूसरे स्पिनर टोनी लॉक ने लिया था, जबकि बाकी के सभी 9 विकेट लेकर जिम लेकर ने कंगारू बल्लेबाजों को रुला दिया था. इस तरह इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर कर दिया.
जिम लेकर ने 19 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को रुलाया
फॉलोऑन खेलने उतरी ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी भी बेहद खराब रही, लेकिन नील हार्वे और कॉलिन काउड्री ने कुछ संघर्ष करने की कोशिश की; मगर जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रनों के लिए रुला दिया. जिम लेकर ने दूसरी पारी में और भी खतरनाक गेंदबाजी की. उन्होंने दूसरी पारी में 51.2 ओवर की मैराथन गेंदबाजी की और 53 रन देकर ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट अपने नाम किए. वह टेस्ट इतिहास में एक पारी में सभी 10 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बने. ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 205 रनों पर सिमट गई और इंग्लैंड ने यह मैच एक पारी और 170 रनों से जीत लिया.
पिच का विवाद और जिम लेकर लेकर की महानता
इस मैच के बाद पिच को लेकर काफी चर्चाएं हुईं. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और विशेषज्ञों का मानना था कि ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच को जानबूझकर स्पिनरों के मददगार बनाया गया था, जिसे 'टर्निंग डस्टबाउल' कहा गया. लेकिन इसी पिच पर इंग्लैंड के दूसरे महान स्पिनर टोनी लॉक भी गेंदबाजी कर रहे थे. लॉक ने पूरे मैच में 69 ओवर फेंके, लेकिन उन्हें सिर्फ 1 विकेट मिला. यह साबित करता है कि पिच भले ही मददगार थी, लेकिन 19 विकेट लेना जिम लेकर की महान गेंदबाजी का नतीजा था.
इस रिकॉर्ड का महत्व और आधुनिक क्रिकेट में मायने
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में जिम लेकर के बाद सिर्फ 2 ही गेंदबाज एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा दोहरा पाए हैं. भारत के अनिल कुंबले ने साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में 10 विकेट लेने का कारनामा किया था, जबकि न्यूजीलैंड के एजाज पटेल ने साल 2021 में भारत के खिलाफ यह कमाल किया था. लेकिन टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दोनों पारियों को मिलाकर आज भी 19 विकेट लेने का ऐतिहासिक कारनामा कोई दूसरा गेंदबाज नहीं कर पाया है. एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लेने का रिकॉर्ड आज भी सिर्फ जिम लेकर के नाम ही दर्ज है. क्रिकेट विशेषज्ञों की माने तो इस रिकॉर्ड की टूटने की संभावना सिर्फ 0.01% है.
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