FIR Against Rahul Gandhi: राहुल गांधी पर FIR को लेकर कांग्रेस का मार्च | Top News | Aaj Tak
हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद में अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने से मामला और गरमा गया है...दलित समाज से जुड़े अमित कुमार की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है....आरोप है कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण के मामले को जातिगत रंग देते हुए इसे छुआछूत से जोड़ दिया... शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान से दलित समाज की भावनाएं आहत हुईं... #firagainstrahulgandhi #rahulgandhi #fir #haldwani #uttarakhand #purificationrow #rahulgandhinews #mallikarjunkharge #bjp #congress #rss #politicalcontroversy #haldwaniNews #breakingnews #latestnews #indianews #aajtaknews #aajtakdigital #atwebvideos #tvchunks Haldwani purification row, FIR Against Rahul Gandhi, Haldwani, BJP, Congress, SC , Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, purification row आजतक के साथ देखिये देश-विदेश की सभी महत्वपूर्ण और बड़ी खबरें | Watch the latest Hindi news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube. #LatestNews #Aajtak #HindiNews Aaj Tak News Channel: आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल है । आज तक न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें । #hindinews #newsinhindi #hindisamachar #breakingnews #aajtak #samachar #news अधिक समाचारों के लिए यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/@aajtak?sub_confirmation=1 About Channel: Aaj Tak is India's Best Hindi News Channel. Aaj Tak News Channel Covers The Latest News, Breaking News, Politics, Entertainment News, Business News and Sports News. Stay tuned for all the News in Hindi. Join Aaj Tak Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Va7Rxc32ER6hBAuIL222 Watch Our Prime Shows on Aaj Tak: Vardaat — Real-life crime stories that shook the nation https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_WLJqwFuJlwfhAepqcOd3I&si=tJXqsrKVHOvxy4BJ Black & White with Anjana Om Kashyap - Big debates, sharp opinions, and political analysis https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa_aLomcIgk-c_dRhuYOBphp&si=1wAaQfSUIfZ0OrIy Halla Bol — The nation’s most powerful debate on today’s top issues https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa-ZT2YKfqzI-ayeZV0n8qAh&si=nnRN8_9u02p8QlG_ DasTak 2025: https://youtube.com/playlist?list=PLP-nGFpz3fa9q68r5rws67UxSUdhcHupG&si=QMiiUiKyXUP76DUk ताज़ा खबरों और LIVE अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Aaj Tak के साथ - https://youtube.com/live/Nq2wYlWFucg?feature=share https://youtube.com/live/gH6ftEJDLGo?feature=share Download Aaj Tak APP, India’s No.1 Hindi News App: https://play.google.com/store/apps/details?id=in.AajTak.headlines&hl=hi Subscribe to Aaj Tak YouTube Channel: https://www.youtube.com/c/aajtak Visit Aaj Tak website: https://www.aajtak.in/ Follow us on Facebook: https://www.facebook.com/aajtak Follow us on Twitter: https://twitter.com/aajtak Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/aajtak/ Subscribe our other Popular YouTube Channels: India Today: https://www.youtube.com/c/indiatoday SoSorry: https://www.youtube.com/c/sosorrypolitoons Good News Today: https://www.youtube.com/c/GoodNewsTodayOfficial AajTak AI: https://www.youtube.com/channel/UClZU5ouD9LkfgrelmL2auTg
नेपाल में बाढ़ के फर्जी वीडियो पर कार्रवाई, 72 सोशल मीडिया यूजर को हटाने का निर्देश
नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद देश राहत एवं बचाव अभियान के साथ-साथ गलत सूचनाओं की बाढ़ से भी जूझ रहा है। सोशल मीडिया पर फर्जी और कृत्रिम मेधा (एआई) से तैयार तस्वीरों एवं वीडियो की भरमार के बीच सरकार ने पिछले कुछ दिनों में 72 सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ की सोमवार की खबर के अनुसार, देश के मीडिया नियामक ‘नेपाल प्रेस काउंसिल’ ने ‘‘भोटेकोशी घटना पर विशेष शिकायतें’’ नाम से एक पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए आम लोग आपदा से संबंधित गलत सूचना और आपत्तिजनक दृश्य सामग्री की शिकायत कर सकते हैं।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सोशल मीडिया मंचों पर हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही दिखाने का दावा करने वाले नाटकीय वीडियो और तस्वीरें बड़ी संख्या में प्रसारित हो रहे हैं। खबर के अनुसार, इनमें से कुछ फुटेज वास्तविक हैं, लेकिन तथ्य-जांचकर्ताओं ने पाया है कि व्यापक रूप से प्रसारित कई वीडियो और तस्वीरें दूसरे देशों में हुई आपदाओं की हैं, दोबारा प्रसारित की गई हैं या कृत्रिम मेधा की मदद से तैयार की गई हैं अथवा उनमें बदलाव किया गया है। भ्रामक सामग्री के तेजी से प्रसार ने सूचना तंत्र को और जटिल बना दिया है क्योंकि कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में परेशान हैं और अधिकारी आपदा से हुए नुकसान का पूरा आकलन करने में जुटे हैं।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने और सामग्री को वायरल करने की कोशिश में यह त्रासदी कमाई का जरिया भी बन गई है। इससे अधिकारियों, पत्रकारों और तथ्य-जांचकर्ताओं की चिंता बढ़ गई है। नेपाल प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष उमेश श्रेष्ठ के अनुसार, 72 सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया गया है।
इनमें से अधिकतर ने अपने निजी खातों के जरिए सामग्री पोस्ट की थी। श्रेष्ठ ने कहा कि शनिवार शाम पांच बजे तक काउंसिल के विशेष पोर्टल पर 101 शिकायतें मिली थीं, जिनमें भयावह दृश्य पोस्ट करने वाले 67 निजी खातों के खिलाफ शिकायतें शामिल थीं। उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह कुछ ऑनलाइन समाचार पोर्टलों और उनके सोशल मीडिया पृष्ठों के खिलाफ भी शिकायतें दर्ज की गई हैं।’’ उन्होंने कहा कि मुख्यधारा के मीडिया संगठनों ने बड़े पैमाने पर भ्रामक सूचनाएं और अत्यधिक भयावह दृश्य प्रकाशित करने से परहेज किया है।
श्रेष्ठ ने कहा, ‘‘यह एक सकारात्मक बात है।’’ सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में कथित तौर पर गृह मंत्री सुदान गुरूंग को आपदा स्थल पर एक सुरंग के अंदर बचाव अभियान में मदद करते हुए दिखाया गया था। हालांकि, पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो भारत के उत्तराखंड में सुरंग बचाव अभियान का है और इसे मूल रूप से 14 अगस्त को अग्निशमन सेवा उत्तराखंड पुलिस ने पोस्ट किया था। गत 27 अगस्त को ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक अन्य वीडियो में कथित तौर पर भयंकर बाढ़ दिखाई गई थी और इसे 70 लाख से अधिक बार देखा गया।
एआई का पता लगाने वाले उपकरण ‘हाइव मॉडरेशन’ ने इसके 97.2 प्रतिशत संभावना के साथ एआई से तैयार होने का आकलन किया। ‘एक्स’ के कम्युनिटी नोट्स ने भी इसे फर्जी बताया। नेपाल-तिब्बत बाढ़ के दौरान एक पुल के ढहने का दावा करने वाले एक अन्य वीडियो को भी पूरी तरह एआई से तैयार पाया गया।
तथ्य-जांचकर्ताओं का कहना है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल ने पुरानी आपदा संबंधी फुटेज को दोबारा प्रसारित करने और उसे गलत घटना से जोड़ने की लंबे समय से चली आ रही समस्या को एक नया आयाम दे दिया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, सरकार की सोशल मीडिया नियमन एवं प्रबंधन समिति ने भी सोशल मीडिया मंचों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इस समिति को आपत्तिजनक सामग्री, एआई से तैयार गलत सूचनाओं, फर्जी क्यूआर कोड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के अन्य तरीकों से निपटने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस संकट ने शवों, घायलों और तबाह हुए समुदायों के भयावह दृश्य बिना किसी चेतावनी या पीड़ितों और उनके परिवारों की भावनाओं का ध्यान रखे बिना प्रसारित किए जाने को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के ढहने या हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आ गई। 26 अगस्त को इसने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई।
अधिकारियों के अनुसार, आपदा में 900 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 4,245 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
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