Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन जा रहे हैं? दर्शन से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी मनाने और ठाकुर जी के दर्शन के लिए लोग मथुरा-वृंदावन जाते हैं। अगर आप भी इस दिन जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातें जान लीजिए।
सेमीकॉन 2.0 योजना अधिसूचित, चिप विनिर्माण और डिजाइन को मिलेगा 1.27 लाख करोड़ का बढ़ावा
सरकार ने सेमीकॉन 2.0 योजना को सोमवार को अधिसूचित किया। इसके साथ ही 1,27,500 करोड़ रुपये की इस योजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। योजना का उद्देश्य चिप विनिर्माण से आगे बढ़कर स्वदेशी डिजाइन तथा बौद्धिक संपदा (आईपी), उपकरण, सामग्री, उन्नत पैकेजिंग, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) और प्रतिभा विकास सहित समग्र सेमीकंडक्टर परिवेश तैयार करना है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दुनियाभर में सेमीकंडक्टर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संसाधन बन गए हैं। कृत्रिम मेधा (एआई) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल से उन्नत चिप व मेमोरी की मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को लेकर बढ़ती चिंताओं और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों ने वैश्विक कंपनियों को सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता बढ़ाने तथा कुछ सीमित उत्पादन केंद्रों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित किया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई, 2026 को सेमीकॉन 2.0 योजना को मंजूरी दी थी। सोमवार को जारी अधिसूचना में नई योजना का खाका स्पष्ट किया गया है। इसमें 1,27,500 करोड़ रुपये के परिव्यय को लागू करने के तरीके, प्रोत्साहनों की संरचना और विभिन्न श्रेणियों के लिए पात्रता मानदंड का ब्योरा दिया गया है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा, ‘‘अब सेमीकॉन 2.0 के जरिये सेमीकंडक्टर परिवेश के विकास के अगले चरण में जाने का समय आ गया है। योजना का उद्देश्य आत्मनिर्भरता हासिल करना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्योग को बढ़ावा देना है।’’ वाणिज्यिक क्षेत्र के लिए चिप डिजाइन के मामले में स्टार्टअप और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) के स्वामित्व वाली कंपनियां पात्र होंगी। स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहायता अनुदान और शेयर सह-निवेश के रूप में होगी।
कंपनियों को रॉयल्टी वित्तपोषण या शेयर सह-निवेश के रूप में सहायता दी जाएगी। अधिक सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाइयां (फैब) स्थापित करने के मामले में नई योजना ‘सिलिकॉन फैब’ के लिए 40 प्रतिशत और कंपाउंड, डिस्प्ले (एलसीडी, ओएलईडी, माइक्रो एलईडी) तथा अन्य विशेष विनिर्माण इकाइयों के लिए 35 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। एटीएमपी/ओएसएटी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग एंड पैकेजिंग/आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) को मजबूत करने के लिए उन्नत और पारंपरिक पैकेजिंग को समर्थन दिया जाएगा।
उन्नत पैकेजिंग के लिए पूंजीगत व्यय का 35 प्रतिशत एवं पारंपरिक पैकेजिंग के लिए पूंजीगत व्यय का 25 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के पहले चरण के तहत सरकार ने छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। इनमें माइक्रॉन की एटीएमपी इकाई, कायन्स सेमीकॉन और सीजी सेमी की ओएसएटी इकाई समेत तीन संयंत्रों ने इस साल की शुरुआत में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
prabhasakshi







