Ground Report: त्रासदी का दर्दनाक मंजर: शवों की हालत इतनी खराब कि अपनों को पहचानना मुश्किल, नेपाल में मातम पसरा
Ground Report: नेपाल में आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया है. इस आसमानी और जमीनी आफत ने ऐसी तबाही मचाई है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. त्रासदी में अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. जिन परिवारों के अपने इस सैलाब में गुम हो गए हैं, वे बेहाल हैं, उन्हें यह नहीं पता कि उनके रिश्तेदार किस हाल में हैं या जिंदा भी हैं या नहीं. काठमांडू के सबसे बड़े त्रिभुवन अस्पताल के बाहर का मंजर बेहद हृदय विदारक है. अस्पताल की दीवारों पर दर्जनों पोस्टर लगे हुए हैं जिनमें लापता लोगों की तस्वीरें हैं. परिजनों ने ये पोस्टर इस उम्मीद में लगाए हैं कि शायद कोई उनके अपनों की खबर लेकर आए. न्यूज नेशन के संवाददाता सैयद आमिर ने जब यहां परिवारों से बात की, तो दर्द और बेबसी साफ छलक रही थी. तबाही का आलम यह है कि जो शव बरामद हो रहे हैं, वे इतनी खराब हालत में हैं कि उनके अपने परिजन भी उन्हें पहचान नहीं पा रहे हैं. अस्पताल में कई लोग सिर्फ शरीर के अंगों को देखकर अपने परिजनों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रहे हैं.
एनबीबीएल के भारत कनेक्ट पर फॉरेक्स ट्रांजैक्शन में तेज बढ़ोतरी, चार महीनों में 10 करोड़ रुपए से अधिक का लेनदेन
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड (एनबीबीएल) ने सोमवार को कहा कि उसके भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म पर विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) लेनदेन (ट्रांजैक्शन) का कुल मूल्य अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 10 करोड़ रुपए (100 मिलियन रुपए) से अधिक हो गया है। यह उपलब्धि भारत में विदेशी मुद्रा सेवाओं के डिजिटलीकरण और पारदर्शी मूल्य निर्धारण की दिशा में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
एनबीबीएल ने एक बयान में कहा कि ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में शुरू की गई फॉरेक्स सेवा ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.706 करोड़ रुपए (27.06 मिलियन रुपए) के ट्रांजैक्शन दर्ज किए थे। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में ही प्लेटफॉर्म पर 11.19 करोड़ रुपए (111.91 मिलियन रुपए) के विदेशी मुद्रा लेनदेन हुए। इस तरह कुल संचयी लेनदेन मूल्य बढ़कर 13.89 करोड़ रुपए (138.97 मिलियन रुपए) तक पहुंच गया है।
यह सेवा एनबीबीएल के भारत कनेक्ट प्लेटफॉर्म को क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीसीआईएल) द्वारा विकसित एफएक्स-रिटेल प्रणाली से जोड़ती है, जिसके माध्यम से ग्राहकों को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और वास्तविक समय के विदेशी मुद्रा विनिमय दरों तक पहुंच मिलती है।
परंपरागत रूप से विदेशी मुद्रा खरीदने की प्रक्रिया में ग्राहकों को सीमित दरों की जानकारी मिलती थी और उन्हें विशेष बैंकों या अधिकृत डीलरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया कई बार ऑफलाइन या खंडित होती थी, जिससे विभिन्न विकल्पों की तुलना करना और वास्तविक लागत समझना कठिन होता था।
भारत कनेक्ट ने इन चुनौतियों का समाधान एक इंटरऑपरेबल डिजिटल मार्केटप्लेस के माध्यम से किया है, जहां ग्राहक विभिन्न अधिकृत प्रदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई दरों की तुलना कर सकते हैं और बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।
एनबीबीएल ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर बड़े मूल्य वाले ट्रांजैक्शन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रियल टाइम में उपलब्ध पारदर्शी दरों के कारण ग्राहक अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर बचत कर पा रहे हैं और अधिक भरोसे के साथ विदेशी मुद्रा सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं।
कंपनी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक के मार्गदर्शन और सीसीआईएल के एफएक्स-रिटेल प्लेटफॉर्म के सहयोग से विकसित यह व्यवस्था विदेशी मुद्रा बाजार में खुले, पारदर्शी और बाजार आधारित मूल्य निर्धारण को बढ़ावा दे रही है। इससे ग्राहकों को अधिक विकल्प, बेहतर पहुंच और सुविधा मिल रही है।
इस इकोसिस्टम में कई प्रमुख बैंक शामिल हैं। विदेशी मुद्रा सेवा उपलब्ध कराने वाले भागीदारों में एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
वहीं ग्राहकों तक सेवाएं पहुंचाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म में भीम, बैंक ऑफ बड़ौदा, क्रेड, फेडरल बैंक, मोबिक्विक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं, जिनके माध्यम से ग्राहक डिजिटल तरीके से विदेशी मुद्रा सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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