आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी देना पड़ सकता है पैसा? आगरा में डिस्चार्ज के बाद 15 दिन का नियम क्यों बना मुसीबत, जानें पूरा मामला
UP News: आयुष्मान भारत योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान है, लेकिन आगरा में 15 दिन की डिस्चार्ज समय सीमा मरीजों के लिए आफत बन रही है. अस्पताल से छूटने के बाद उसी बीमारी के इलाज के लिए दोबारा भर्ती होने में आ रही दिक्कतों का पूरा सच जानें.
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Income Tax Penalty Rules: 31 अगस्त की डेडलाइन मिस होने पर क्या होगा? जानें पेनल्टी, ब्याज और नुकसान का पूरा हिसाब
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार 31 अगस्त की समयसीमा बीत जाने के बाद भी टैक्सपेयर्स को राहत दी जाती है, लेकिन इसके साथ कई तरह की वित्तीय पाबंदियां और पेनल्टी लागू हो जाती हैं। अगर आप भी इस डेडलाइन को चूक गए हैं या चूकने वाले हैं, तो जानिए इसके बाद क्या-क्या वित्तीय प्रभाव और नियम लागू होंगे।
31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने का मौका
समय सीमा मिस होने के बाद टैक्सपेयर आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिलेटेड ITR भरने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 तय की गई है।
धारा 234F के तहत लगेगी लेट फीस की पेनल्टी
नियत तिथि के बाद रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को धारा 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस का भुगतान करना होगा। यदि आपकी कुल वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक है तो आपको 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। वहीं, अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये तक है, तो लेट फीस की राशि 1,000 रुपये रहेगी।
बकाये टैक्स पर हर महीने 1% का अतिरिक्त ब्याज
यदि आपका कोई टैक्स बकाया है और आप 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो धारा 234A के तहत 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से साधारण ब्याज की गणना शुरू हो जाएगी। यह ब्याज 1 सितंबर से तब तक वसूला जाएगा जब तक आप बिलेटेड रिटर्न दाखिल नहीं कर देते।
बिजनेस और कैपिटल लॉस कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म
अगर आप अपने शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस में हुए घाटे को अगले वित्तीय वर्षों के मुनाफे से एडजस्ट करना चाहते हैं, तो 31 अगस्त से पहले रिटर्न भरना अनिवार्य था। बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर इन घाटों को आगे ले जाने का वैधानिक अधिकार समाप्त हो जाता है।
ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने का अधिकार होगा सीमित
कारोबारी या पेशेवर आय वाले टैक्सपेयर्स जो नए टैक्स रिजीम से बाहर निकलकर पुराने टैक्स रिजीम को चुनना चाहते हैं, उन्हें फॉर्म 10-IEA तय सीमा में जमा करना होता है। 31 अगस्त के बाद बिलेटेड रिटर्न भरते समय आप नया टैक्स रिजीम बदलकर ओल्ड टैक्स रिजीम का चुनाव नहीं कर सकेंगे।
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