हल्द्वानी मामले में राहुल गांधी पर एफआईआर का कानूनी तरीके से जवाब देगी कांग्रेस: कुमारी सैलजा
कांग्रेस ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के आयोजन स्थल पर कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी के सिलसिले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सोमवार को निशाना साधा और कहा कि जातिवादी मानसिकता के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी जाएगी। कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने सोमवार को कहा कि उत्तराखंड में प्राथमिकी दर्ज होने से राहुल गांधी और उनकी पार्टी डरने वाले नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।
उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धीकरण’ के मामले को लेकर की गयी ‘विवादित टिप्पणी’ के सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस ने रविवार को बताया कि हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े हुए हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल पर हुए एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग दिया। इस मामले पर कांग्रेस महासचिव सैलजा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद ‘शुद्धीकरण’ करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन इस कृत्य के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। क्या यही भाजपा सरकार का न्याय है?’’ उन्होंने कहा कि पहले ‘शुद्धीकरण’ किया गया, फिर भाजपा की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष ने खुले तौर पर उसका बचाव किया और अब राहुल गांधी द्वारा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग किए जाने पर भाजपा सरकार ने उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ‘‘दलित विरोधी और संविधान विरोधी सोच’’ का बेहद गंभीर उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने वही सवाल उठाया जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं संसद में उठा चुके हैं कि ‘शुद्धीकरण’ के इस कृत्य ने उन्हें छुआछूत का एहसास कराया और उनका अपमान किया।’’ सैलजा ने कहा, ‘‘लेकिन भाजपा सरकार का तरीका देखिए। ‘शुद्धीकरण’ करने वालों पर सवाल उठाओ तो प्राथमिकी, दलित सम्मान की बात करो तो प्राथमिकी, संविधान के लिए आवाज उठाओ तो प्राथमिकी।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि वह पूरे मामले पर चुप क्यों हैं।
सैलजा ने कहा कि भाजपा और आरएसएस इस भ्रम में न रहें कि मुकदमों के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे हट जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह गांधी परिवार है, जिसका देश के लिए त्याग और बलिदान का इतिहास रहा है। प्राथमिकी और सत्ता का दबाव इस आवाज को न डरा सकता है, न दबा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से जवाब देगी तथा ‘शुद्धीकरण’ की जातिवादी मानसिकता के खिलाफ और दलितों के सम्मान एवं संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
पुणे में Ganeshotsav के दौरान DJ पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन
पुणे के सैकड़ों निवासियों ने आगामी गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज में संगीत बजाने और डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अत्यधिक शोर के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और दो-तीन दिन के लिए शहर से बाहर जाना पड़ता है। हालांकि, कुछ गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि तेज आवाज में संगीत के मुद्दे पर केवल गणेश मंडलों को निशाना बनाया जा रहा है।
इस वर्ष गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। रविवार को शहर के प्रमुख स्थल गुडलक कैफे चौक के पास सैकड़ों लोग एकत्र हुए और गणेश मंडलों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले तेज आवाज के साउंड सिस्टम के खिलाफ नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से इस्तेमाल किए जा रहे ये अत्यधिक तेज ध्वनि वाले संगीत उपकरण हमें बीमार कर रहे हैं।
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गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हमें दो से तीन दिन के लिए शहर छोड़ना पड़ता है। हम डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध चाहते हैं।’’ एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह विरोध किसी विशेष धर्म या जाति के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ध्वनि प्रदूषण के अत्यधिक स्तर के खिलाफ एकजुट हुए हैं, जिससे आसपास के लोग परेशान हैं।
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कोई भी त्योहार हो, शहर में जगह-जगह साउंड सिस्टम का अत्यधिक इस्तेमाल किया जाता है। यह बिल्कुल असहनीय है।’’ दूसरी ओर, एक गणेश मंडल के प्रतिनिधि ने डीजे और साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध की मांग करने वाले लोगों पर पर्यावरण प्रदूषण की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, ‘‘मुठा नदी प्रदूषित हो चुकी है, लेकिन इस मुद्दे को कौन उठा रहा है?
वे केवल गणेश मंडलों को निशाना बनाना चाहते हैं।’’ मंडल के एक अन्य सदस्य ने बताया कि गणेश मंडलों ने साउंड में ‘प्रेशर-मिड’ और ‘प्लाज्मा’ जैसे उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने का संकल्प लिया है। इससे ध्वनि की तीव्रता कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी गणेश मंडल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
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