ईरान से वित्तीय लेन-देन रोकने के लिए एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका: स्कॉट बेसेंट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान के साथ वित्तीय लेन-देन पर लगाम कसने के लिए इस सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को यह जानकारी दी। उत्तर कैरोलाइना के एशविल में होने वाली जी-20 सम्मेलन में बेसेंट दुनिया की प्रमुख और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिका के प्रयास में उनका सहयोग हासिल करने की कोशिश करेंगे।
बेसेंट ने इन बैठकों से पहले एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘अगर जरूरत पड़ी तो वित्तीय मोर्चे पर सख्त कार्रवाई होगी। हम लोगों को यह दिखा रहे हैं कि हमें पता है कि आप कौन हैं, आपको भी पता है कि आप कौन हैं और यह सब अब बंद होना चाहिए।’’ बेसेंट ने हाल में एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य उन देशों पर दबाव बनाना है, जो पहले से ही अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के साथ अब भी कारोबार कर रहे हैं।
ऐसे देशों से ईरान के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ने या फिर अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई का सामना करने को कहा गया है। वित्त विभाग ने इस अभियान के तहत शुक्रवार को पहली आधिकारिक कार्रवाई की। विभाग ने एक प्रस्तावित नियम जारी किया, जिसके अंतिम रूप लेने पर मिस्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक ‘बैंक मिस्र’ की संयुक्त अरब अमीरात स्थित शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच खत्म हो जाएगी।
हालांकि, मिस्र के बैंक पर सीधे प्रतिबंध लगाने से बचते हुए ट्रंप प्रशासन ने यह संकेत दिया कि वह ईरान के साथ कारोबार करने वाले बड़े व्यापारिक साझेदारों पर प्रतिबंध लगाने से हिचक रहा है। इनमें चीन और भारत भी शामिल हैं, जिनके अधिकारियों के साथ बेसेंट इस सप्ताह बैठक करने वाले हैं। बेंसेंट ने कहा कि वह जी-20 बैठक में अपने चीनी समकक्षों से बातचीत करेंगे।
उन्होंने साथ ही कहा कि बीजिंग द्वारा ईरान से लगातार तेल खरीदने के मद्देनजर उस पर प्रतिबंध लगाने समेत सभी विकल्प खुले हैं।
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