Rahul Gandhi FIR Haldwani: राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज; 'शुद्धिकरण विवाद' पर टिप्पणी से भड़का मामला
उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुई एक घटना को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम अब कानूनी मोड़ ले चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मैदान में किए गए 'शुद्धिकरण यज्ञ' पर राहुल गांधी की बयानों और टिप्पणियों के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने बिना जांच-परख के धार्मिक और सामाजिक आयोजन को जातीय रंग देकर छुआछूत से जोड़ दिया।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने जवाहर नगर निवासी और वाल्मीकि समाज के अमित कुमार की तहरीर पर राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने और धारा 299 के तहत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के प्रावधान लागू किए हैं।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) और 3(1)(u) के तहत भी मामला पंजीकृत कर जांच डिप्टी एसपी को सौंपी गई है।
क्या है विवाद की पूरी कहानी?
उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली आयोजित हुई थी, जिसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया था।
रैली समाप्त होने के दो दिन बाद ग्यारह अगस्त को स्थानीय हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय लोगों ने मैदान में सफाई अभियान चलाया और हवन-पूजन किया। इस आयोजन में खुद अनुसूचित जाति समाज के कई लोगों ने भाग लिया था।
राहुल गांधी का हमला और शिकायतकर्ता की दलील
उनतीस अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने इस आयोजन को छुआछूत और दलित विरोधी मानसिकता का प्रतीक करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की। इसके जवाब में शिकायतकर्ता अमित कुमार ने कहा कि रैली के बाद मैदान में गंदगी और शराब की बोतलें पड़ी हुई थीं, जिसे साफ करके धार्मिक स्थल की पवित्रता लौटाने के लिए हवन किया गया था।
राहुल गांधी के बयान ने खुद सफाई अभियान में शामिल वाल्मीकि समाज के लोगों को ही छुआछूत फैलाने वाला बताकर उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
सीएम धामी का पलटवार और पुलिस जांच
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि रामलीला मैदान में किसी व्यक्ति या जाति का नहीं, बल्कि रैली के बाद फैली गंदगी और वहां लगे अवांछित नारों का शुद्धिकरण किया गया था।
उन्होंने कांग्रेस पर मुद्दाविहीन राजनीति करने का आरोप लगाया। फिलहाल हल्द्वानी पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर कानूनी जांच शुरू कर दी है।
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