पंजाब में रिटायर्ड टीचर ने थाने की जमीन बेच दी:फिजियोथेरेपिस्ट कब्जा लेने पहुंचा तो पता चला; पिता बोला- पूरा परिवार स्प्रे पीकर मर जाएगा
पंजाब के मानसा जिले में रिटायर्ड टीचर ने फिजियोथेरेपिस्ट को पुलिस थाने की जमीन ही बेच डाली। इसका खुलासा तब हुआ, जब फिजियोथेरेपिस्ट जमीन का कब्जा लेकर दुकान बनाने पहुंचा। नींव खोदते ही जमीन के मालिक आ गए और उसे भगा दिया। फिजियोथेरेपिस्ट उन्हें कहता रहा कि रिटायर्ड टीचर ने यही जमीन दिखाई थी। जब विवाद बढ़ने पर पटवारखाने से रिकॉर्ड निकलवाया गया तो पता चला कि यह जमीन तो थाना सिटी बरेटा की है। इसके बाद फिजियोथेरेपिस्ट ने उसी पुलिस थाने में इसकी शिकायत की है। उसका कहना है कि 32 लाख जमीन मालिक ने लिए और 4 लाख उसकी रजिस्ट्री वगैरह में लग गए। जब उसने रिटायर्ड टीचर से बात की तो वह उल्टा गालियां देने लगा। फिर उसने फोन बंद कर लिया। वह 6 बार जमीन पर कब्जा लेने जा चुका है लेकिन उसे हर बार भगा देते हैं। 6 पाइंट में जाने थाने की जमीन बेचने की कहानी… 1. आरोपी की दुकान के साथ दुकान, वहीं से जमीन बिकने का पता चला सतबीर ने बताया कि वह बरेटा मंडी में फिजियोथेरिपी की दुकान चलाता है। उसकी दुकान के साथ ही आरोपी की दुकान है। वहीं से उसे 6 महीने पहले बस स्टेंड बरेटा के पास 3 बिस्वा जमीन बिकने का पता चला। दलाल डालकर बात की तो पता चला कि जमीन रिटायर्ड टीचर बिलास चंद की है। बिलास चंद ने जमीन दिखाई और सौदा कर लिया। 2. 32 लाख का सौदा, रजिस्ट्री में निकली दूसरी जमीन विक्रेता रिटायर टीचर विलास से संपर्क के बाद आरोपी पक्ष के साथ 32 लाख रुपए में जमीन खरीदने का सौदा तय हुआ। सौदा तय करते समय जमीन का नंबर 9 दिया गया और सब कुछ सही होने का भरोसा दिया गया। लेकिन रजिस्ट्री के बाद प्रशासनिक टीम ने निशानदेही की तो जमीन नंबर 13 में निकली। 3. कब्जा लेने गया तो मालिकों ने भगा दिया, जांच में जमीन थाने की हद में निकली इसके बाद उसने विक्रेता से बात की और वही जमीन होने की बात कही। जब वह नींव खोदने पहुंचा तो मालिकों ने उसे भगा दिया। इसके बाद रजिस्ट्री की फर्द में दिखाए गए नंबर की खोज शुरू की और पटवारी से पूरा रिकॉर्ड निकलवाया। पड़ताल में पता चला कि जमीन पुलिस थाने की हद में आती है। बिलास से दोबारा बात की तो उसने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और कह दिया कि वह जो चाहे कार्रवाई कर ले। 4. 36 लाख खर्च, छह बार कब्जा लेने की कोशिश पीड़ित सतबीर सिंह ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री, कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया में अब तक कुल 36 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। उन्होंने लगभग छह बार निशानदेही करवाकर कब्जा लेने का प्रयास किया, लेकिन हर बार जमीन के मालिक और आरोपी पक्ष उन्हें डरा-धमकाकर या कानूनी अड़चनें डालकर रोक देते हैं। इतने बड़े आर्थिक नुकसान के बाद भी वह अपनी ही जमीन नहीं ले पा रहा है। 5. पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं पीड़ित ने धोखाधड़ी के संबंध में पुलिस थाना बरेटा में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। उसका कहना है कि शिकायत दिए एक महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वह लगातार थाने के चक्कर काटने को मजबूर है। गांव की पंचायत या गणमान्य लोगों को साथ लेकर बातचीत की कोशिश करने पर आरोपी पक्ष मौके से भाग जाता है। 6. विवादित जमीन नहीं चाहिए, मुझे पैसे लौटाएं जमीन और जमा पूंजी दोनों गंवाने के बाद सतबीर सिंह ने कहा कि वह भाग-भागकर थक चुका है और मानसिक रूप से भी हार चुका है। वह किसी भी कीमत पर विवादित जमीन नहीं लेना चाहता और आरोपी पक्ष से पूरे पैसे वापस चाहता है। उसने पुलिस और उच्च अधिकारियों से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और 36 लाख रुपए वापस दिलवाने की अपील की है। पीड़ित के पिता ने बताया कितनी मेहनत से खरीदी जमीन पीड़ित बोला- पुलिस झूठ बोल रही, थाने ने जमीन दबाई पीड़ित गुरनाम सिंह से जब कहा गया कि थाना प्रभारी का कहना है कि आपका नंबर तो थाने में बोलता ही नहीं तो इस पर उसने कहा कि पुलिस लगातार इस मामले में झूठ बोल रही है। उन्होंने एक-एक कागज निकाला है। अब तो ये भी पता चला है कि थाना जिस जमीन पर बना हुआ है, वो जमीन भी 9 करम ज्यादा दबाई गई है। SSP बोले- जांच कराएंगे वहीं, मानसा के एसएसपी भगीरथ सिंह मीणा ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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