20 अगस्त को बंद रहेंगे स्कूल? मूसलाधार बारिश के बीच क्या कल रहेगा अवकाश, IMD का ताजा अपडेट
20 अगस्त को स्कूल बंद रहेंगे या नहीं? IMD ने भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है। अपने राज्य का हाल जानें।
MP Board Exam Pattern 2026-27: मध्य प्रदेश बोर्ड ने बदला 9वीं से 12वीं का परीक्षा पैटर्न, अब सीबीएसई की तर्ज पर होंगे सवाल
MP Board exam pattern 2026-27: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। बोर्ड ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए सीबीएसई (CBSE) की तर्ज पर नया प्रश्न पत्र प्रारूप पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में रटने की प्रवृत्ति को कम करके तार्किक तर्क (लॉजिकल रीजनिंग) और विषय की समझ पर अधिक जोर देना है।
एमपीबीएसई के सचिव बुद्धेश कुमार वैद्य ने स्पष्ट किया कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाएं अब सीबीएसई मानकों पर आधारित होंगी और इनमें तार्किक व विश्लेषणात्मक प्रश्न शामिल किए जाएंगे। हालांकि, बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि एमपी बोर्ड ने सीबीएसई के सिलेबस को पूरी तरह अपना लिया है, बल्कि राज्य बोर्ड अपने स्वयं के पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली के साथ ही आगे बढ़ेगा। बोर्ड ने अपनी आधिकारिक एकेडमिक्स पोर्टल पर सत्र 2026-27 का नया पाठ्यक्रम और विषयवार मार्किंग स्कीम भी अपलोड कर दी है।
कक्षा 10वीं के पैटर्न में क्या हुआ बदलाव?
नया संशोधित पैटर्न आने के बाद छात्रों को चुनिंदा तैयारी करने और रटकर परीक्षा पास करने का मौका कम मिलेगा, जिससे पूरे पाठ्यक्रम को गहराई से पढ़ना अनिवार्य हो गया है।
कक्षा 10वीं के लिए संशोधित पैटर्न के तहत लिखित परीक्षा 75 अंकों की होगी, जिसमें 30 अंक वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रकार के प्रश्नों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस पेपर में 2-2 अंकों के 12 अति लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे। इसके अलावा, दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या को चार से घटाकर तीन कर दिया गया है, जबकि बिना किसी पूर्व विकल्प व्यवस्था के तीन लघु उत्तरीय प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
कक्षा 12वीं की परीक्षा का नया स्वरूप
गैर-प्रायोगिक (नॉन-प्रैक्टिकल) विषयों के लिए कक्षा 12वीं की लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी। इस प्रश्न पत्र में 10 अति लघु उत्तरीय, चार लघु उत्तरीय और चार दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल होंगे। वहीं, जिन विषयों में प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) का प्रावधान है, उनमें यह प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी।
छात्रों और शिक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
परीक्षा पैटर्न में हुए इस बदलाव को लेकर विद्यार्थियों और शिक्षकों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कक्षा 11 की छात्रा सुनिधि मंडोली ने रटने की संस्कृति से दूर ले जाने वाले इस कदम का स्वागत किया है। हालांकि, कक्षा 10 की छात्रा जिनिशा जैन ने आशंका जताई है कि इससे प्रश्न पत्र कठिन हो सकते हैं, जबकि कक्षा 9 के छात्र अमन के. ने कहा कि वह अभी इस बदलाव के परिणामों को लेकर असमंजस में हैं।
दूसरी ओर, स्कूल की प्रधानाचार्य सुनंदा यादव ने इस बदलाव को एक सकारात्मक कदम बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों के मिले-जुले और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी।
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