Bhagalpur Flood: बाढ़ की मार से बेहाल भागलपुर, आशियाना छोड़ पॉलिथीन के नीचे जागकर रात गुजारने को मजबूर हुए लोग
Bhagalpur Flood: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर निचले और दियारा इलाकों के लोगों के लिए आफत खड़ी कर दी है. उफनती गंगा का पानी गांवों और बस्तियों में तेजी से घुसने लगा है, जिसके चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. दियारा क्षेत्र के कई गांव इस समय चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं और उनका शहर से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग अपने बच्चों, मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने लगे हैं. प्रशासन की तरफ से मुकम्मल व्यवस्था न होने के कारण पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे प्लास्टिक और पॉलिथीन तानकर किसी तरह अपनी जिंदगी बचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं.
बाढ़ के पानी से घिरे दियारा के गांव और टूटा संपर्क
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से शंकरपुर और दिलदारपुर दियारा समेत कई अन्य बस्तियों में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं. घरों के भीतर कई फीट पानी जमा हो चुका है, जिससे लोगों का वहां टिके रहना नामुमकिन हो गया. ग्रामीण अपने जरूरी घरेलू सामान, अनाज और मवेशियों को साथ लेकर आनन-फानन में गांव छोड़ने को मजबूर हो गए. रास्ते पूरी तरह डूब चुके हैं, जिससे शहर तक पहुंचना भी चुनौती बन गया है. लोग नाव या फिर पानी में तैरते हुए किसी तरह सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं. इस अचानक आई विपदा ने दियारा के बाशिंदों को बेघर कर दिया है और चारों ओर सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है.
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Uttarakhand: साढ़े 6 लाख से अधिक महिलाएं उठाएंगी निशुल्क रोडवेज बस यात्रा का लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान किए जाने का लाभ प्रदेश की साढ़े छह लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा. इससे पूर्व सरकार, महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए, सरकारी नौकरियों में महिला आरक्षण, लखपति दीदी, एकल महिला स्वरोजगार, महालक्ष्मी किट जैसी सफल योजनाएं लागू कर चुकी है.
60 साल से अधिक उम्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा बंधन के मौके पर 60 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है. यानि प्रदेश की 60 साल से अधिक उम्र की किसी भी महिला को रोडवेज की बस में सफर करने के कोई किराया नहीं चुकाना होगा. इससे जहां पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को विशेष तौर पर लाभ मिलेगा, वहीं मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षित और आरामदायक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने की घोषणा की है, जिसे बाद में पूरे प्रदेश में विस्तार दिया जाएगा.
लखपति दीदी अब बनेगी उद्यमी
धामी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए लखपति दीदी योजना संचालित कर रही है, इसके लिए तहत अब तक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख से अधिक हो चुकी है. अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को उद्मी बनाने के लिए महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये करने की घोषणा की है. इससे महिलाएं अपना कारोबार शुरू करने या मौजूदा स्वरोजगार को विस्तार देने के लिए अधिक पूंजी जुटा सकेंगी. इसी कड़ी में सरकार एकल महिला स्वरोजगार योजना भी संचालित कर रही है, जिसके जरिए जरिए अकेले परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है.
सशक्तिकरण से गरिमा तक
प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए, प्रदेश की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है. इसके बाद सरकारी सेवाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढा है. महिला सशक्तिकरण के बाद मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक हाईटेक टॉयलेट बनाने की धोषणा की है.
उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. हमारी सरकार हर उम्र की महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. मुझे उम्मीद है कि रोडवेज की बस में निशुल्क यात्रा और पिंक ई बस सेवा के जरिए महिलाएं, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सकेंगी.
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