‘मुंह छिपाए बिना घर से बाहर निकलना मुश्किल’, PM मोदी को गाली देने वाली नाबालिग बोली- मेरी फ्रीडम खत्म हो गई
जेन-जी प्रदर्शन के दौरान, दिल्ली के जंतर-मंतर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देने वाली 15 साल की नाबालिग लड़की का जीना दूभर हो गया है. वह अब घर से बाहर भी नहीं निकल पा रही है. उसे मुंह छिपाकर घूमना पड़ रहा है. दरअसल, आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें यही नाबालिग अपना दुख बता रही है. 39 सेंकेड के वीडियो में पीड़ित लड़की ने क्या कहा आइये जानते हैं….
वीडियो में पीड़िता ने कहा, "मेरी जिंदगी नर्क बन गई है. मुझे हर जगह टॉर्चर किया जा रहा है. मेरे पास जो था, वो सब चला गया मेरा. न मैं कहीं जा सकती हूं. न कहीं रह सकती हूं. ने मेरे पास कोई फ्रीडम है. मुझे हर जगह अपना मुंह छिपा-छिपाकर रहना पड़ रहा है. इसके बाद लड़की ने पीएम के लिए आपत्तिजनक शब्द कहे."
“Kisi ko itna bhi mat darao ki uska darr hi khatam ho jaaye”
— AAP (@AamAadmiParty) August 30, 2026
Remember this viral 15 years old minor girl from Jantar Mantar protest?
She was hounded, threatened and forced to apologise to Modi.
Even after apologising, witch-hunt against her didn’t stop and now she has… pic.twitter.com/k7QEHxAuso
FIR दर्ज होने के बाद माफी मांगी थी
नाबालिग लड़की ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान, पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. इसी वीडियो पर आपत्ति जताते हुए गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी. इसके बाद 30 जुलाई को नाबालिग के खिलाफ पुलिस ने जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि के आरोप में एफआईआर दर्ज कर लिया था. कॉकरोच जनता पार्टी ने इस एफआईआर का विरोध भी किया था.
एफआईआर दर्ज होने के बाद नाबालिग ने पुलिस से माफी मांग ली थी. हाथ जोड़ते हुए उसने कहा कि मैंने जो किया था, वह माफी के लायक बिल्कुल नहीं था. मैं सिर्फ 15 साल की हूं. यह मेरी पहली और अंतिम गलती है. मैं आज के बाद ऐसा दोबारा नहीं कहूंगीं. मैं अपने किए पर शर्मिंदा हूं. मैं किसी से भी नजर नहीं मिला पा रही हूं. प्लीज मुझे माफ कर दीजिए.
एफआईआर दर्ज होने के बाद नाबालिग ने कहा था कि मैं अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस गई थी, जहां प्रदर्शन चल रहा था. वहां कई समूह पीएम मोदी को गालियां दे रहे थे. मैं उनके बहकावे में आ गई और मैंने भी कई गलत बातें कह दीं.
पीएम ने कहा था- जंतर-मंतर पर मुझे गालियां दीं
नाबालिग की माफी से पहले पीएम मोदी ने एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक कल्चरल शॉक जैसा है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है. इन्हें माफ करना चाहता हूं.
पीएम मोदी ने कहा था- जंतर-मंतर पर कुछ शरारती बच्चों ने मुझे और मेरी मां को भद्दी-भद्दी गालियां दीं, लेकिन बचपन में गलतियां होती हैं. बचपन गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. ये गुमराह बच्चे हैं, इन्हें राह दिखाने का समय है, इन्हें माफ करना चाहता हूं. उन्होंने कहा- वहां जो कुछ भी हुआ, उसे दुनिया ने देखा है. यह सभ्य समाज के लिए शोभा नहीं देता है. मैं समाज के अंदर मौजूद आक्रोश को भली-भांति समझ सकता हूं. उनको सजा देने से हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएंगे. मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं, आप आगे बढ़िए.
36 दिन चला CJP का प्रदर्शन, प्रधान के इस्तीफे से खत्म हुआ
20 जून को सीजेपी और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे और 25 जुलाई को यानी 36 दिन बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ. प्रधान ने अपने बयान में इस्तीफे की घोषणा की और कहा कि पिछले 10 दिन की घटनाओं ने उनको बहुत दुखी किया है. यह मुद्दा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है. बता दें, 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने बेरोजगारों को कॉकरोच कहा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी बनी. 6 जून को इस पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके अमेरिका से पहुंचे.
Nepal Flash Flood Update: नेपाल के Rasuwa में महातबाही, लोगों ने बताया कैसा था खौफनाक मंजर
नेपाल के रसुआ में न्यूज़ नेशन की टीम पहुंची है और चीन में ग्लेशियर झील फूटने के बाद रसुआ जो है तबाह हो गया था. वहां पर न्यूज नेशन की टीम पहुंची है. न्यूज नेशन पर देखिए रसुआ में तबाही की तस्वीर. किस तरीके से रसवा में स्थितियां जो है वो विपरीत देखने को मिली. रसवा वही इलाका जहां सबसे ज्यादा त्रासदी हुई है. यहां से वरिष्ठ संवाददाता सैयद आमिर ने बताया कि बड़ी लंबी दूरी तय की हमने यहां पहुंचे.
रसवा में आया सैलाब
आपको हम बोर्ड के जरिए दिखा रहे हैं कि हम इस समय कहां खड़े हैं. यह है समरथली रसवा. यहां पर यह ऊंचाई है. यहां पर पहाड़ हैं और इतना खराब रास्ता है. जिस रास्ते से हम आए हैं. हमने बाइक के जरिए यहां तक पहुंचने की कोशिश की और नवाकोट से लेकर के यहां तक का सफर बहुत ही कष्टदाई रहा है, लेकिन क्या हालात थे उस समय जब रसवा में इस तरह का सैलाब आया था.
हमारी टीम पहुंच चुकी है रसवा
पहले तो हम आपको तस्वीरें दिखाते हैं कि आखिर हम हमारी मौजूदगी कहां पर है. यहां से अगर आप देखेंगे थोड़ा सा अगर हम कहें कि क्लोज करके दिखाइए तो आपको आगे एक पूरी लेयर दिखाई दे रही होगी नदी की. उसी नदी में बड़ा सैलाब जो है वो आया था और यहीं से आगे बढ़े नवाकोट की तरफ. मगर किस तरह के हालात हैं यह समझने के लिए. क्योंकि बड़ी संख्या में लोग जो हैं ऊपरी इलाकों में आकर के रहने लगे हैं अपने आप को सेफ करने के लिए. तो रसवा से जो लोग भागे वो पहाड़ी इलाकों में आ गए. हम हमारा सफर आगे भी जारी रहेगा. लेकिन हमारी टीम पहुंच चुकी है रसवा. हम यह बताना चाहते हैं कि जिम्मेदार चैनल होने के नाते हम तमाम उन इलाकों में जाएंगे जहां पर त्रासदी हुई.
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