नेपाल में बाढ़ से अब तक 160 मौतें, 133 भारतीय लापता, पहाड़ खिसकने से लगा 5.2 तीव्रता जैसा झटका
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में घर, गाड़ियां और सरकारी ढांचे बह गए। बाढ़ में 19 पुल, करीब 40 किलोमीटर सड़कें और 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई इलाकों में पानी का स्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया, जिससे राहत और बचाव कार्य मुश्किल हो गया।
वहीं बाढ़ के बाद खराब मौसम और टूटे रास्तों के बीच राहत टीमें मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। कई प्रभावित इलाके अब भी सड़क संपर्क से कटे हुए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी इस आपदा की चपेट में आ गए।
नेपाल बाढ़ की वजह क्या रही?
दरअसल बुधवार सुबह नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस हुए थे। शुरुआत में इसे भूकंप माना गया, लेकिन बाद की जांच में पता चला कि चीन की ओर ल्हेंदे नदी के पास पहाड़ और ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया था। इसी लैंडस्लाइड से 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा कंपन पैदा हुआ। पहाड़ से गिरे मलबे और पानी ने ल्हेंदे नदी का बहाव तेज कर दिया। इसके बाद यही सैलाब भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंच गया, जिससे नेपाल के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई। बहाव इतना तेज था कि मलबा और लोग करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक पहुंच गए। चितवन में अब तक 33 शव बरामद किए जा चुके हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक घटना में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा भी टूटकर नीचे आया हो सकता है। हालांकि इसकी पूरी वजह जानने के लिए विस्तृत जांच जारी है।
133 भारतीय समेत 1000 से ज्यादा लोग लापता
वहीं बाढ़ के बाद नेपाल में लापता लोगों की संख्या 1000 से ज्यादा बताई गई है। इनमें 466 विदेशी और 113 नेपाली शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 133 भारतीय और 37 एनआरआई भी हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े कई लोग भी प्रभावित हुए हैं। रसुवा जिले में जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 133 से ज्यादा कर्मचारी और श्रमिक भी लापता बताए गए हैं। नेपाल विद्युत प्राधिकरण की टीमें स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर उनकी तलाश कर रही हैं। बाढ़ से बेट्रावती से रसुवागढ़ी सीमा चौकी तक जाने वाली सड़क का करीब 42 किलोमीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। कई पुल बह जाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
बाढ़ से कितना नुकसान हुआ
दरअसल नेपाल में अब तक 157 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें 8 चालू और 5 निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं। इनकी कुल क्षमता करीब 748 मेगावाट बताई गई है। कम से कम 19 बड़े पुल बह गए हैं और कई स्थानीय झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 105 भारतीय लापता, बिहार में भी बढ़ा खतरा, अमित शाह ने सीएम सम्राट चौधरी से की बात
तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है।लेन्दे खोला (भोटेकोशी) में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से पूरी तरह तहस-नहस हो गए हैं। विनाशकारी बाढ़ में 16 लोगों की मौत की खबर है साथ ही सैकड़ों लोगों के बहने की भी आशंका है। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। बाढ़ में 105 भारतीयों सहित कई अन्य विदेशी पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, बचाव दल लोगों की मदद में लगे हैं, पीएम बालेंद्र शाह ने हालात को देखते हुए आपात बैठक बुलाई है।
नेपाल में स्थित भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ में लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान जारी है, नदी के किनारे स्थित सड़कें, पुल, बाजार और सुरक्षा चौकियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, राहत और बचाव अभियान में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और नेपाल पुलिस के जवान जुटे हुए हैं, बचाव दल में 14 हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया है, ताकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक तेजी से पहुंचा जा सके। सरकार ने नदी के बहाव वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम बालेंद्र शाह रख रहे हालात पर नजर
हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री शाह सीधे ही प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं और हर पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भारत और चीन से भी सहायता मांगी है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारी अचानक आई बाढ़ के कारणों की जांच में जुट गए हैं, शुरूआती तौर पर बताया जा रहा है कि पूर्वानुमान प्रभाग को सूचना मिली थी कि तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित हो गया था संभवतः पानी का दबाव बढ़ने के कारण ही ये विनाशकारी बाढ़ आई है।
105 भारतीय पर्यटकों के लापता होने की खबर
बाढ़ में सैंकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, इसमें 105 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं, लापता होने वाले पर्यटकों में 291 अन्य विदेशी पर्यटक भी शामिल बताये गए हैं जो ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, यूनाइटेड किंग और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक बताये जा रहे हैं, ये सब प्रकृति की गोद में बसे खूबसूरत देश नेपाल घूमने आये थे लेकिन बाढ़ की चपेट में आ गये। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने इन सभी पर्यटकों की जानकरी साझा की है जिसे न्यूज़ एजेंसी ANI ने X पर शेयर की है।
अमित शाह में बिहार के सीएम सम्राट चौधरी से की बात
उधर नेपाल से लगे भारत के राज्य बिहार में भी इस बाढ़ के कारण खतरा बढ़ गया है, हालाँकि अभी हालात सामान्य हैं, इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की, गृह मंत्री ने राज्य सरकार को संभावित संकट से निपटने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को तैनात किया जा रहा है।
Around 105 Indians among the foreign nationals reported missing after the flash flood in Nepal’s Rasuwa area: Nepal Tourism Board pic.twitter.com/TTZgt4ZSHv
— ANI (@ANI) August 26, 2026
In view of the flood threat in Bihar due to heavy rainfall in Nepal, Union Home Minister Amit Shah spoke to Bihar Chief Minister Samrat Choudhary over the phone.
The Home Minister assured the state government of all possible assistance to deal with the potential crisis. The… pic.twitter.com/wAlQM04Gmc
— ANI (@ANI) August 26, 2026
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