नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद रसुवा जलविद्युत परियोजना में कार्यरत कुशीनगर के चार लोग लापता
नेपाल के रसुवा जिले में बिजली परियोजनाओं में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के चार लोग 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता हैं। उनके परिजनों ने रविवार को यह जानकारी दी। कुशीनगर निवासी 34 वर्षीय करण शर्मा के शनिवार को लापता होने की जानकारी सामने आई थी।
करण नेपाल के रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना में फोरमैन के पद पर कार्यरत थे। इसके बाद कुशीनगर के दो और निवासियों अरुण कुमार सिंह और रविंद्र सिंह के भी लापता होने की जानकारी मिली है। वहीं, एक अन्य कर्मचारी सुनील के परिवार ने भी बताया कि आपदा के बाद से उनका संपर्क उनसे नहीं हो पा रहा है।
एक अन्य मामले में बिहार के मोतिहारी निवासी 11 वर्षीय धर्म कुमार अपने पिता नंदलाल साहनी की तलाश में कुशीनगर में गंडक नदी के किनारे भटक रहा है। नंदलाल नेपाल के रसुवा में कबाड़ की दुकान चलाते थे। धर्म और उसके तीन भाइयों ने भीषण बाढ़ से किसी तरह बच निकलने के बाद प्रशासन की मदद से कुशीनगर में प्रवेश किया था, लेकिन नंदलाल का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
धर्म कुमार अब अपने पिता की तलाश उस गंडक नदी के किनारे कर रहा है, जिसे नेपाल में नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है। ऐसा बताया जा रहा है कि उफनती नदी में बहकर आए शव कुशीनगर के कुछ हिस्सों तक पहुंच गए हैं, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। लापता चार स्थानीय लोगों में शामिल अरुण कुमार सिंह (32) कप्तानगंज क्षेत्र के अमडिहा गांव के रहने वाले हैं।
वह वर्ष 2024 से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक बिजली परियोजना में स्टोर प्रभारी के रूप में काम कर रहे थे। उनके परिवार की उनसे आखिरी बातचीत 26 अगस्त को सुबह करीब छह बजे हुई थी। इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद है।
मध्यप्रदेश में काम करने वाले अरुण के बड़े भाई अनिल सिंह ने बताया, ‘‘मेरा छोटा भाई मई में नेपाल गया था। वह 2024 से वहां स्टोर प्रभारी के रूप में काम कर रहा था।’’ उन्होंने बताया कि अरुण की पत्नी सौम्या सिंह और उनकी 10 महीने की बेटी उनके सुरक्षित लौटने या कम से कम उनकी कुशलता की खबर मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। बोदरवार क्षेत्र के मुंडेरा गांव निवासी रविंद्र सिंह भी उसी कंपनी में काम करते थे।
उनके 22 वर्षीय बेटे अंकित ने बताया कि आपदा वाले दिन सुबह करीब छह बजे उनकी पिता से आखिरी बार बात हुई थी। हाटा थाना क्षेत्र के पिपरा तिवारी गांव निवासी सुनील नेपाल की एक बिजली परियोजना में स्टोरकीपर के रूप में काम करते थे। उनके परिवार के अनुसार, जिस कंपनी में वह कार्यरत थे, उसने सुनील को सुरक्षित बताया है, लेकिन परिजन अब भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं और उनके ठिकाने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।
सुनील के पिता सूरज गोड़ ने कहा कि बेटे के सुरक्षित होने की खबर से परिवार को कुछ उम्मीद जगी है, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। सुनील की पत्नी रेखा देवी ने बताया कि उन्होंने त्रासदी से दो दिन पहले पति से आखिरी बार बात की थी। उन्होंने कहा, ‘‘घटना से दो दिन पहले हमारी बात हुई थी।
वह बिल्कुल ठीक थे। इसके बाद कोई संपर्क नहीं हो पाया।’’ कप्तानगंज तहसील के मलुकही गांव निवासी करण शर्मा नेपाल की अपर त्रिशूली-1 परियोजना में इलेक्ट्रिशियन फोरमैन के रूप में कार्यरत थे। उनके परिवार की उनसे आखिरी बातचीत 26 अगस्त की रात हुई थी।
बाद में उनका नाम लापता कर्मचारियों की सूची में शामिल किया गया। परिजन नेपाल में परियोजना अधिकारियों और संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। नेपाल इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाली एंड्रिट्ज हाइड्रो कंपनी के 76 कर्मचारी आपदा के बाद लापता बताए गए हैं।
आकस्मिक बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन से नेपाल का रसुवा जिला बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़ में कई जलविद्युत परियोजनाएं, सड़कें और पुल बह गए हैं तथा बड़ी संख्या में लोग लापता हैं।
चुनाव से कुछ महीने पहले 1 लाख नौकरी क्यों? Akhilesh Yadav ने योगी सरकार और BJP पर लगाए कई आरोप
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगले कुछ महीनों में एक लाख युवाओं को नौकरी देने के हालिया बयान पर तंज कसा है। रविवार को लखनऊ में सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही समय बचा है और इसी दौरान एक लाख नौकरियां देने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी के बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
बीजेपी ने गरीबों को निराश किया
अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों को निराश किया है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों के बाहर भीख मांगने के लिए मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग मंदिरों के अंदर से ही चोरी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिरों के बाहर बड़ी संख्या में लोग दान मांगते दिखाई देते हैं, लेकिन कोई भिखारी मंदिर के अंदर से चोरी नहीं करता। अखिलेश ने भाजपा को ‘अधर्मी’ बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी भगवान को चढ़ाए गए चढ़ावे में भी चोरी कर रही है।
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ई20 पेट्रोल के मुद्दे पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उसे ‘मिलावटी’ बताया। उन्होंने ई20 पेट्रोल को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि इन ‘मिलावटी लोगों’ ने पेट्रोल में भी मिलावट कर दी है। उनका इशारा पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण वाले ई20 ईंधन को लेकर चल रही बहस की ओर था।
सत्ता में आए तो 26 हजार स्कूल खोलेंगे
सपा प्रमुख ने कहा कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में दोबारा सत्ता में आती है तो भाजपा शासन के दौरान बंद किए गए 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि स्कूल बंद होने का सबसे ज्यादा असर पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों पर पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि पीडीए समुदाय के लोग शिक्षित हों। अखिलेश ने कहा कि गांवों में स्कूल बंद होने से खासतौर पर लड़कियों की शिक्षा प्रभावित हुई है।
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जातीय जनगणना और प्रतिनिधित्व की मांग दोहराई
अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने और पिछड़े वर्गों को समान अधिकार देने की अपनी मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जिस तरह बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में समाज के हर वर्ग के हितों को जगह दी, उसी तरह समाजवादी पार्टी आबादी के आधार पर अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व और अधिकार दिलाने की कोशिश करेगी।
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