सामने आई डेट! अफगानिस्तान सीरीज के लिए इस दिन होगा भारतीय स्क्वाड का ऐलान, जानिए किन खिलाड़ियों को मिलेगा चांस?
IND vs AFG : भारत बनाम अफगानिस्तान के बीच अगले महीने से टी20 सीरीज खेली जाने वाली है. इन दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की टी20 सीरीज खेली जाने वाली है. भारत में दोनों टीमों तीन मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेलते हुए नजर आएंगे. इस सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान किस दिन होगा और किन-किन खिलाड़ियों को स्क्वाड में जगह मिलेगी. आइए आज हम आपको इसके बारे में बताने वाले हैं.
भारत बनाम अफगानिस्तान के बीच तीन टी20 मैच खेले जाने वाले हैं. पहला मुकाबला 13 सितंबर को होगा, जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मैच 17 सितंबर को खेला जाने वाला है. ये सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान की मेजबानी में खेले जाएंगे. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया ने अभी तक अपने स्क्वाड का ऐलान नहीं किया है. अब वो तारीख सामने आ गई है, जिस दिन इस सीरीज के लिए स्क्वाड का ऐलान हो सकता है.
इन दिन होगा टीम इंडिया का ऐलान
दरअसल, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति एक बैठक करने वाली है. इस बैठक के बाद टीम का ऐलान कर दिया जाएगा. भारतीय चयन पैनल की मीटिंग 3 सितंबर को होने वाली है. मुंबई में होने वाली इस बैठक के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ 3 टी20 मुकाबलों के टीम का ऐलान आधिकारिक तौर पर किया जाएगा.
???? UPDATE ON TEAM INDIA. [TOI]
— Johns. (@CricCrazyJohns) August 30, 2026
- Selectors are likely to retain the team selected for Asian Games
- Fitness reports of Hardik, Nitish, Bumrah are awaited
- Varun Chakaravarthy has regained full fitness
- Selectors are likely to pick the squad for Afghanistan T20s on Sept 3rd pic.twitter.com/iuD3LnSAiT
कैसा होगा टीम इंडिया का स्क्वाड
अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने वाली टी20 सीरीज में उन्हीं खिलाड़ियों के खेलने की उम्मीद है, जो एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाली टीम के दल का हिस्सा हैं. इसका मतलब अफगानिस्तान सीरीज में श्रेयस अय्यर टीम इंडिया की कप्तानी संभालेंगे. उनके साथ वैभव सूर्यवंशी,अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा को टीम में बरकरार रखा जा सकता है.
वरुण चक्रवर्ती पूरी तरह से फिट हो चुके हैं और उनकी टीम में वापसी हो सकती है. वहीं, हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार है. इस बॉलिंग यूनिट में हर्षित राणा का भी नाम जुड़ सकता है. उन्होंने भी फिटनेस हासिल कर ली है. अब वो भी इस स्क्वाड में वापसी कर सकते हैं.
???? BIG UPDATES ON TEAM INDIA SQUAD AGAINST AFG ????
— Vikas (@Vikas662005) August 29, 2026
- Team India squad announced in next week.
- Jasprit Bumrah is fully fit.
- Hardik Pandya comeback in this series.
- Varun & Prince is also fully fit.
- Sanju Samson is likely back in the squad.
- Bumrah, Mayank, Arshdeep &… pic.twitter.com/qUHiNTAAUd
इस सीरीज के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट टीम अपना स्क्वाड पहले ही ऐलान कर चुकी है. अफगानिस्तान क्रिकेट की कप्तानी इब्राहिम जादरान को दी गई है. वहीं टीम में विस्फोटक बल्लेबाज और विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज को जगह दी गई है. मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी टीम में शामिल हैं. वहीं अजमतुल्लाह उमरजई और गुलबदीन नायब बतौर ऑलराउंडर स्क्वाड में शामिल हुए हैं.
अफगानिस्तान का स्क्वाड
इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, नूर रहमान, मोहम्मद नबी, रशीद खान, नांग्याल खरोटी, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी, नवीन-उल-हक, अब्दुल्ला अहमदजई.
रिजर्व खिलाड़ी: शाहिदुल्लाह कमाल, फरीद अहमद मलिक, इजाज अहमदजई.
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Expressway: विंध्य एक्सप्रेसवे पर बढ़ी रफ्तार, किसानों की सहमति से जमीन लेने की तैयारी
Expressway: विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है. एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि जुटाने की प्रक्रिया में प्रशासन ने पहले चरण के तहत 45 गांवों को चिह्नित किया है. इन गांवों में छह हजार से अधिक किसानों की जमीन परियोजना के दायरे में आने की बात सामने आई है. सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाने के बजाय किसानों की सहमति से जमीन लेने पर जोर दिया है. इसके लिए संबंधित किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन का बैनामा कराने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेजी से पूरी हो सकेगी.
अभिलेखों की जांच के बाद किसानों से होगा संपर्क
परियोजना के लिए चिह्नित गांवों में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड जुटाने का काम चल रहा है. प्रशासन संबंधित अभिलेखों की जांच कर यह सुनिश्चित करेगा कि किस किसान की कितनी भूमि एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रस्तावित है. रिकॉर्ड सत्यापन के बाद किसानों से संपर्क कर सहमति के आधार पर बैनामे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. पहले चरण में शामिल 45 गांवों में छह हजार से ज्यादा किसानों की जमीन प्रभावित होने की संभावना है. जमीन की उपलब्धता और किसानों की सहमति के अनुसार बैनामा कराया जाएगा। इसके बाद परियोजना के अन्य हिस्सों के लिए भी भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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जल्द तैयार होगा डीपीआर
विंध्य एक्सप्रेसवे को प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में माना जा रहा है. इसका उद्देश्य पूर्वांचल क्षेत्र को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना है. परियोजना की विस्तृत योजना तैयार करने के लिए डीपीआर यानी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जानी है. परियोजना को लेकर शासन स्तर पर भी लगातार निगरानी की जा रही है. माना जा रहा है कि निर्माण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसके शिलान्यास की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा सकता है. प्रयागराज जिले की तीन तहसीलों से होकर प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के गुजरने की योजना है.
बारिश ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की व्यवस्था पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, बारिश के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. कई स्थानों पर सड़क दबने के कारण पानी जमा हो गया है। जलभराव की वजह से वाहन चालकों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि पानी के नीचे सड़क की सतह सामान्य है या कहीं क्षतिग्रस्त हो चुकी है. इसका असर यातायात की रफ्तार पर भी पड़ रहा है. लखनऊ से कानपुर और कानपुर से लखनऊ आने-जाने वाली दोनों दिशाओं में कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आने की बात कही जा रही है.
200 मीटर हिस्से में दिखा जलभराव
लखनऊ से कानपुर की ओर जाने वाली लेन में किलोमीटर 66.6 के आसपास हाई-स्पीड लेन के करीब 200 मीटर हिस्से में पानी जमा होने की जानकारी सामने आई है. डिवाइडर के पास जमा पानी के बीच सड़क के दबे हुए हिस्से भी दिखाई दे रहे हैं. बारिश के दौरान बार-बार पानी जमा होने से सड़क की गुणवत्ता और मजबूती को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. लगातार जलभराव रहने की स्थिति में सड़क को और नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. वहीं, डिवाइडर के बिल्कुल पास पानी जमा होने के कारण तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है. एक तरफ विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ मौजूदा एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद सामने आ रही समस्याएं सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता पर चर्चा का विषय बन गई हैं.
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