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नेपाल में आकस्मिक बाढ़ से 700 से अधिक मौतें, भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से अलर्ट जारी

शिरीष बी प्रधान काठमांडू, 30 अगस्त नेपाल में विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ के कुछ दिन बाद रविवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया जिसके बाद बाढ़ प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों और बचावकर्मियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को 700 के पार पहुंच गई, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट हिमनद के टूटने के बाद हिमस्खलन जैसी घटना से आई।

इसने मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने एक बयान में बताया कि नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है।

प्राधिकरण ने रविवार को कहा, ‘‘बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। सभी संबंधित लोगों से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया जाता है।’’ एनडीआरआरएमए ने कहा कि और जानकारी मिलने पर स्थिति के बारे में सूचना दी जाएगी। बारिश रुक-रुक कर होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच नेपाल में शव मिलने का सिलसिला जारी है।

खोज और बचाव अभियान भी लगातार संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा के बाद करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस आपदा में चीन की ओर भी सात लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग लापता हैं।

नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बाढ़ के बाद 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि 108 अन्य लोगों को बचा लिया गया है। इस बीच, नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान के लिए करीब 20,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है। फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर लगातार उड़ानें भर रहे हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने शनिवार को बताया कि 4,500 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है और खोज तथा पुनर्वास अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि देश अब भी “हाई अलर्ट” पर है। नेपाल के मौसम विभाग ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिर से गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी थी।

इससे जारी बचाव और राहत कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई। राजधानी काठमांडू को पोखरा और पश्चिमी नेपाल से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पृथ्वी राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कृष्णभीर में त्रिशूली नदी के तेज बहाव से सड़क का एक हिस्सा बह गया है।

उन्होंने कहा कि राजमार्ग को दोबारा खोलने में समय लगेगा और लोगों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजना स्थलों पर सैकड़ों श्रमिकों के फंसे होने की आशंका है। नेपाली सुरक्षा बल अब तक 191 श्रमिकों को बचा चुके हैं, जबकि कई लोगों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

भारत की 11 सदस्यीय टीम फंसे हुए श्रमिकों के बचाव अभियान में सहायता कर रही है। नेपाल सेना के सूत्रों के अनुसार, त्रिशूली जलविद्युत परियोजना स्थल पर भारतीय सुरंग विशेषज्ञों की मदद से नेपाली सुरक्षाकर्मी सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। शनिवार आधी रात के बाद भी भारी बारिश के बावजूद सुरंग का प्रवेश द्वार तलाशने का काम जारी रहा।

एनडीआरआरएमए के अनुसार, भोटेकोशी बाढ़ में घायल हुए 242 लोगों को शनिवार शाम तक अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें काठमांडू के त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, बीर अस्पताल और धुंचे स्थित रसुवा जिला अस्पताल शामिल हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नेपाल सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए रसुवा और नुवाकोट जिलों में 1 करोड़ नेपाली रुपये, धादिंग में 50 लाख नेपाली रुपये और विभिन्न नगरपालिकाओं को 6.75 करोड़ नेपाली रुपये की नकद सहायता वितरित की है।

अब तक प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री से भरे 37 ट्रक और खाद्य एवं अन्य राहत सामग्री लेकर सात हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं। रसुवा के उत्तरगया और धुंचे में दो टन खाद्य सामग्री पहुंचाई गई है। भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत ने भी 68.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध कराई है और खोज एवं बचाव अभियान में सहायता के लिए तकनीकी दल, फॉरेंसिक विशेषज्ञ तथा उपकरण भेजे हैं।

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DUSU Election 2026: ABVP ने बनाई चुनाव समिति, 11 सितंबर को प्रत्याशियों का ऐलान

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के लिए ABVP ने चुनाव समिति गठित कर दी है. समिति संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन कर रही है. केंद्रीय पैनल का ऐलान 11 सितंबर को होगा.

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  Sports

Lords Test में हार के बाद भड़के Rashid Latif, Babar Azam और Selection Committee पर साधा तीखा निशाना

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में 194 रन से मिली करारी हार के बाद पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और उसके मौजूदा अध्यक्ष मोहसिन नकवी पर तीखा हमला बोला है। लतीफ का कहना है कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठने चाहिए।

लतीफ ने पाकिस्तान की मौजूदा टीम को पिछले 50 वर्षों की सबसे कमजोर विदेशी दौरा करने वाली टीम बताए जाने की चर्चा से सहमति जताई। हालांकि, उन्होंने इसी के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कार्यप्रणाली को भी निशाने पर लिया। जियो न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस तरह टीम को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसी तरह मौजूदा बोर्ड को भी पिछले 70 वर्षों में सबसे खराब बोर्ड के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा कि चयन समिति और प्रशिक्षकों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा जरूरी है। उनके मुताबिक टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के पीछे कई स्तरों पर फैसलों की कमजोरी दिखाई दे रही है। लतीफ ने कहा कि अगर टीम, बोर्ड, चयन समिति और प्रशिक्षकों से जुड़े सभी पहलुओं को एक साथ देखा जाए तो यह समझना आसान होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

गौरतलब है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में पाकिस्तान की बल्लेबाजी सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। टीम अब तक एक बार भी 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी पाकिस्तान की दूसरी पारी 194 रन पर सिमट गई, जबकि जीत के लिए उसे 389 रन बनाने थे।

कप्तान बाबर आजम की वापसी से पाकिस्तान की बल्लेबाजी को मजबूती मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में आठ और छह रन बनाए। दूसरी पारी में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर की उछाल लेती गेंद के सामने बाबर काफी असहज नजर आए और जल्द ही पवेलियन लौट गए।

बता दें कि लॉर्ड्स टेस्ट मैदान के बाहर के विवादों के कारण भी चर्चा में रहा। मुकाबले के दौरान प्रसारणकर्ता स्काई स्पोर्ट्स ने इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान का माइकल एथर्टन के साथ साक्षात्कार प्रसारित किया था। रिपोर्टों में दावा किया गया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इससे नाराज था और उसने मैच के दूसरे सत्र में टीम को मैदान पर नहीं भेजने की चेतावनी तक दी थी।

हालांकि, बाबर आजम और मुख्य प्रशिक्षक सरफराज अहमद दोनों ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला का तीसरा और अंतिम टेस्ट नौ सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा, जहां पाकिस्तान की टीम हार के सिलसिले को रोकने के साथ अपनी प्रतिष्ठा बचाने की कोशिश करेगी।
Mon, 31 Aug 2026 20:10:00 +0530

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