Responsive Scrollable Menu

Aaj Ki Taaza Khabar LIVE: 30 August 2026 | Nepal Flash Flood Updates |China | Rahul Gandhi | PM Modi

Aaj Ki Taaza Khabar LIVE: 30 August 2026 | Nepal Flash Flood Updates |China | Rahul Gandhi | PM Modi | Breaking News | Top News | Trump | Rubika Liyaquat | Latest News | UP Politics | CM yogi | Weather Update | Delhi NCR Rain | World News | live News | POJK Protest Update | Taaza Khabar #live #aajkitaajakhabar #taajakhabar #taazakhabar #rahulgandhi #pmmodi #newskipathshala #hindinewslive #timesnownavbharat #worldnews #pakistan #breakingnews #nepalflood #weather You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat

Continue reading on the app

ऐसा शहर जिसने झेले हैं 115 से ज्यादा युद्ध और 44 बार तबाही... फिर भी नहीं टूटा यह शहर

Explainer: आज दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध की तस्वीरें सामने आती हैं तो तबाही का मंजर दिल दहला देता है. गाजा में मलबे के बीच उठता धुआं हो, यरूशलम में बजते सायरन हों या कीव में मिसाइल हमलों की खबरें—युद्ध हमेशा अपने पीछे मौत, विनाश और दर्द की लंबी कहानी छोड़ता है. लेकिन क्या आपको पता है कि यूरोप में एक ऐसा शहर भी है, जिसने सदियों से लगातार युद्ध और हमलों का सामना किया है? यह शहर है सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड. इतिहास के मुताबिक, बेलग्रेड 115 से अधिक युद्धों का गवाह रहा है और करीब 44 बार इसे भारी तबाही का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद हर बार इस शहर ने खुद को दोबारा खड़ा किया. यही वजह है कि बेलग्रेड को आज सिर्फ एक ऐतिहासिक शहर नहीं, बल्कि संघर्ष और पुनर्निर्माण की मिसाल के तौर पर भी देखा जाता है.

दो नदियों के संगम पर बसा ‘सफेद शहर’

बेलग्रेड सावा और डैन्यूब नदियों के संगम पर बसा हुआ है. सर्बियाई भाषा में इसे ‘बीओग्राद’ कहा जाता है, जिसका अर्थ ‘सफेद शहर’ होता है. हालांकि, इस शहर का इतिहास जितना खूबसूरत इसके नाम में दिखाई देता है, उतना ही संघर्षों से भरा हुआ है. बेलग्रेड की भौगोलिक स्थिति ही इसकी सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी दोनों रही है. यूरोप के पूर्व और पश्चिम के बीच महत्वपूर्ण स्थान पर होने के कारण प्राचीन काल से ही अलग-अलग साम्राज्यों की नजर इस शहर पर रही. व्यापार और सैन्य दृष्टि से इसकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण थी और इसी वजह से यहां बार-बार सत्ता संघर्ष हुए.

ये भी पढ़ें: Breaking News Today Live Updates: फरीदाबाद में रक्षाबंधन का पर्व मनाकर लौट रहे दो भाइयों की कार से कुचलकर मौत

रोमनों से ऑटोमन साम्राज्य तक, बदलते रहे शासक

बेलग्रेड का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है. ईसा पूर्व चौथी सदी में केल्टिक लोगों के यहां बसने के बाद यह क्षेत्र रोमन साम्राज्य के नियंत्रण में आया और इसे ‘सिंगिदुनम’ के नाम से जाना गया. समय के साथ शहर पर कई शक्तियों का कब्जा हुआ. गोथ, बाइजेंटाइन, फ्रैंक्स और बुल्गारियाई शासकों के दौर से गुजरते हुए बेलग्रेड लगातार सत्ता संघर्षों का केंद्र बना रहा. पांचवीं सदी में अत्तिला द हुन के हमले ने भी शहर को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद भी बेलग्रेड का संघर्ष खत्म नहीं हुआ. 1521 में ऑटोमन साम्राज्य ने शहर पर कब्जा कर लिया। इसके बाद लंबे समय तक यह ऑटोमन और ऑस्ट्रियाई शक्तियों के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना रहा. रणनीतिक महत्व इतना अधिक था कि बेलग्रेड पर कब्जे को लेकर बार-बार युद्ध हुए और शहर को कई बार भारी नुकसान उठाना पड़ा.

आजादी के बाद भी नहीं थमा तबाही का सिलसिला

19वीं सदी में बेलग्रेड ने ऑटोमन शासन से मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखे और आगे चलकर यह आधुनिक सर्बिया का प्रमुख राजनीतिक केंद्र बना. लेकिन युद्धों से इसका रिश्ता यहीं खत्म नहीं हुआ. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेलग्रेड पर भारी बमबारी हुई. इसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी के हमलों ने शहर को फिर से तबाही के दौर में पहुंचा दिया. युद्ध के बाद बेलग्रेड समाजवादी युगोस्लाविया की राजधानी बना और तेजी से विकसित हुआ. लेकिन 1990 के दशक में युगोस्लाविया के विघटन के दौरान एक बार फिर क्षेत्र हिंसा और संघर्ष की चपेट में आ गया। 1999 में नाटो की बमबारी ने बेलग्रेड को आधुनिक दौर में भी युद्ध की भयावहता का सामना कराया.

ये भी पढ़ें: संग्राम सिंह और मुधरिमा तुली ने 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' को सरकार की बेहतरीन पहल बताया

हर बार मलबे से उठ खड़ा हुआ शहर

बेलग्रेड की सबसे खास बात यही है कि इतिहास ने जितनी बार इसे गिराया, उतनी ही बार शहर ने खुद को दोबारा खड़ा किया. अलग-अलग दौर में इसके नाम और राजनीतिक पहचान भी बदलती रही. इसके इतिहास में सिंगिदुनम और बीओग्राद जैसे नाम प्रमुख रूप से सामने आते हैं. आज करीब 17 लाख की आबादी वाला बेलग्रेड पूरी तरह एक आधुनिक यूरोपीय राजधानी की तस्वीर पेश करता है. शहर में सैकड़ों सांस्कृतिक स्मारक, संग्रहालय, थिएटर और पुरातात्विक स्थल मौजूद हैं, जो इसकी हजारों साल पुरानी विरासत को सामने रखते हैं.

न्यू बेलग्रेड ने बदली शहर की तस्वीर

सावा नदी के उत्तरी किनारे पर विकसित न्यू बेलग्रेड शहर के आधुनिक रूप की पहचान बन चुका है। ऊंची इमारतें, आधुनिक कारोबारी केंद्र, वैश्विक कंपनियों के दफ्तर और शॉपिंग मॉल आज बेलग्रेड की बदलती तस्वीर को दिखाते हैं. यह इलाका इस बात का उदाहरण है कि युद्धों से बुरी तरह प्रभावित रहा कोई शहर भी समय के साथ अपने बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत कर सकता है.

ये भी पढ़ें: NCR में इस जगह बसेगा नया शहर! 4500 एकड़ जमीन पर होगा मेगा डेवलपमेंट

बेलग्रेड किला इतिहास का जीवंत दस्तावेज

बेलग्रेड के इतिहास को समझने के लिए यहां स्थित बेलग्रेड फोर्ट्रेस बेहद महत्वपूर्ण है. सावा और डैन्यूब के संगम के पास स्थित यह किला सदियों से शहर की रक्षा और संघर्षों का केंद्र रहा है. इसकी दीवारों ने रोमन, सर्ब, हंगेरियन, ऑटोमन और ऑस्ट्रियाई सेनाओं के दौर देखे हैं. किले के भीतर मौजूद सैन्य संग्रहालय में पुराने हथियारों और युद्ध से जुड़े उपकरणों का बड़ा संग्रह शहर के सैन्य इतिहास की याद दिलाता है. आज यही किला पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षणों में शामिल है.

स्काडारलिया में सुनाई देती है पुराने बेलग्रेड की धुन

बेलग्रेड का एक और चर्चित इलाका स्काडारलिया है. 19वीं सदी की पत्थर वाली गलियां, पारंपरिक रेस्तरां और पुराने जमाने का माहौल इसे शहर के सांस्कृतिक इतिहास से जोड़ता है. यह इलाका खासतौर पर अपनी बोहेमियन संस्कृति और संगीत के लिए जाना जाता है. यहां मौजूद पारंपरिक रेस्तरां पुराने बेलग्रेड की जीवनशैली की झलक देते हैं.

कभी गोलियों और बमों की आवाज, आज नाइटलाइफ के लिए मशहूर

जिस शहर ने कभी युद्धों और बमबारी की आवाज सुनी थी, वही बेलग्रेड आज अपनी जीवंत नाइटलाइफ के लिए भी जाना जाता है. सावा और डैन्यूब नदियों के किनारे बने तैरते रेस्तरां और क्लब, जिन्हें स्थानीय तौर पर ‘स्पलावोवी’ कहा जाता है, पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं. यही बदलाव बेलग्रेड की कहानी को खास बनाता है. कभी जिस शहर के लिए रणनीतिक स्थिति अभिशाप बन गई थी, आज वही भौगोलिक स्थिति पर्यटन और शहरी जीवन का बड़ा आकर्षण है.

बेलग्रेड की कहानी दुनिया को देती है उम्मीद

बेलग्रेड का इतिहास सिर्फ युद्धों की गिनती नहीं है. यह उस शहर की कहानी है जिसने बार-बार विनाश देखा, लेकिन हर बार पुनर्निर्माण का रास्ता चुना. 115 से अधिक युद्धों और कई बड़ी तबाहियों के बावजूद आज बेलग्रेड एक आधुनिक, जीवंत और तेजी से आगे बढ़ती राजधानी है. इसकी पुरानी दीवारें अतीत के संघर्षों की याद दिलाती हैं, जबकि न्यू बेलग्रेड की ऊंची इमारतें भविष्य की ओर बढ़ते शहर की तस्वीर पेश करती हैं. बेलग्रेड की कहानी यही संदेश देती है कि युद्ध किसी शहर की इमारतों को नुकसान पहुंचा सकता है, उसकी गलियों को वीरान कर सकता है और उसकी पहचान तक बदल सकता है, लेकिन लोगों में दोबारा खड़े होने की इच्छा हो तो शहर की आत्मा को खत्म करना आसान नहीं होता.

ये भी पढ़ें: Nepal Flash Flood Live Update: नेपाल के लिए भारत का बड़ा राहत अभियान, 11 टन सामान के साथ रेस्क्यू टीम भेजी
 

Continue reading on the app

  Sports

Video: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए एशिया कप 2026, स्मृति मंधाना का नज़रिया जानिए

भारतीय क्रिकेटर ने एशिया कप 2026 पर कहा कि इसे सामान्य मैच की तरह खेलना चाहिए ताकि दबाव कम हो और खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें। भारत का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है, खासकर बड़े टूर्नामेंट में। #AsiaCup2026 #TeamIndia #CricketNews #खेलसमाचार Tue, 1 Sep 2026 16:37:01 +0530

  Videos
See all

Bengal Ki Badi Khabar LIVE | O1 Sep 2026 | Mamata Banerjee | UCC in Bengal | Suvendu Adhikari | TMC #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T11:15:30+00:00

AAJTAK 2 LIVE | MILK CNG PRICE HIKE | MUMBAI के लोगों पर दोहरी मार! महंगाई ने डराया! AT2 #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-01T11:13:41+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers