Ludhiana Police ने ISI जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, आरोपी रशपाल सिंह गिरफ्तार
लुधियाना पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की जासूसी की कथित कोशिश को नाकाम करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि 27 अगस्त को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक टीम ने आरोपी को रोका, जिसकी पहचान गुरदासपुर के फतेहगढ़ चूड़ियां के सराफकोट निवासी रशपाल सिंह के तौर पर हुई है।
आयुक्त ने बताया कि आरोपी ने लुधियाना-फिरोजपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर न्यू सुंदर नगर में एक अस्पताल के सामने दुकान किराए पर ली थी। उन्होंने बताया कि उसने दुकान के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे और पाकिस्तान में अपने आकाओं को उनकी पूरी लाइव-स्ट्रीमिंग का लिंक उपलब्ध कराया था। आरोप है कि पाकिस्तानी गुर्गों ने सुरक्षा गतिविधियों पर नजर रखने और अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकियां देने के लिए इस फुटेज का इस्तेमाल किया।
शर्मा ने बताया कि आरोपी राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा एजेंसियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी भी साझा कर रहा था। सराभा नगर थाने में ‘शासकीय गोपनीयता अधिनियम’ और ‘भारतीय न्याय संहिता’ की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां उसे छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि उसके पास से दो सीसीटीवी कैमरे, एक वाई-फाई राउटर, एक पावर एडॉप्टर और एक मेमोरी कार्ड बरामद किया गया। शर्मा ने कहा, “कितनी संवेदनशील जानकारी भेजी गयी, इसका पता लगाने के लिए गहन पूछताछ की जा रही है।
Nepal Floods: हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइटों के 573 कर्मचारी अभी भी लापता, 361 को किया गया रेस्क्यू
Nepal Floods: नेपाल में बुधवार (26 अगस्त) आई बाढ़ ने भारी कहर बरपाया. जिसकों 650 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 2400 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स साइटों के 573 कर्मचारी भी शामिल हैं. जिनसे बाढ़ आने के बाद से कोई पता नहीं चला है और ना ही उनसे कोई संपर्क हो पाया है.
बता दें कि नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जोंलों में बुधवार को आई अचानक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइटों और सुरंगें हैं. जिनमें कम से कम 573 कर्मचारी फंसे हुए हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. नेपाल में कुदरत का ये कहर बर्फ, चट्टान और पानी की एक विशाल लहर के ल्हेन्डे-भोटे कोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली से होकर गुजरने के कुछ दिनों बाद देखने को मिला है.
11 प्रोजेक्ट साइटों के 934 कर्मचारी थे लापता
बता दें कि नेपाल सरकार के डेटा के मुताबिक, शुक्रवार देर रात तक कम से कम 11 प्रोजेक्ट साइटों पर 934 कर्मचारी लापता थे. इनमें से 361 लोगों को बचाव दल ने रेस्क्यू कर लिया या वे खुद बाहर निकल आए. हालांक बारी कर्मचारियों का अभी तक कुछ पता नहीं चला है. इनमं अधिकांश कर्मचारी चार हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं.
#WATCH | Nepal: Rescue operations continue at Hydropower Tunnel in Trishuli amid the flash floods in the country.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: Nepal PMO) pic.twitter.com/oMmCdjMjLO
कर्मचारियों में ज्यादातर भारतीय नागरिक
बता दें कि इन प्रोजेक्ट्स में काम करने वालों में अक्सर विदेशी, जिनमें ज्यादातर भारतीय शामिल हैं. कुछ प्लांट्स के अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है. उनका कहना है कि 11 में से पांच साइटें ऐसी हैं जो अभी बन रही हैं और वहां ऐसे कर्मचारी हो सकते हैं जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है. नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि फंसे हुए लोगों में भारतीयों के अलावा नेपाल, दक्षिण कोरिया, चीन और जर्मनी के नागरिक भी शामिल हैं.
आंकड़ों के मुताबिक, फंसे हुए ज्यादातर लोग चार प्रोजेक्ट्स पर थे. इनमें अपर त्रिशूली 1 (216MW) में कम से कम 322 लोगों के लापता होने की खबर है. अपर त्रिशूली 3B में 122, अपर त्रिशूली 3A में 43 और रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (111MW) में 44 लोग लापता हैं.
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