क्या आपने कभी मखाने को मोमेज खाएं हैं? शायद ही आपने नाम सुना होगा। दरअसल, मखाने से अभी तक खीर, नमकीन या दूसरी कई चीजें ही बनाई जाती है। हालांकि आपने अभी तक मखाने के मोमोज नहीं खाएं होंगे। इस बार अपने घर पर मखाने के मोमोज को जरुर ट्राई करें। यह बनाने में भी काफी आसान है, इनका स्वाद ही लाजवाब होता और ऊपर से यह हेल्दी भी है। वैसे इस मोमोज बनाने का तरीका बाकी मोमोज जैसा ही होता है। बस सारा आटे में ही है। आइए आपको बताते हैं मखाने के मोमोज को घर पर कैसे बनाएं।
मखाने के मोमोज की सामग्री
-मखाने- दो कप
-मैदा- 2 से 3 बड़े चम्मच
-चावल का आटा- 1 से 2 बड़े चम्मच
-पानी- जरूरत के अनुसार
-तेल- 1 से 2 छोटे चम्मच
-पत्ता गोभी- 1 कप बारीक कटी हुई
-गाजर- आधी कप बारीक कटी हुई
-शिमला मिर्च- आधी कप बारीक कटी हुई
-लहसुन- 1 छोटा चम्मच
-बारीक कटा हुआ
-अदरक- आधा छोटा चम्मच बारीक कटा हुआ
-काली मिर्च- आधा छोटा चम्मच
-नमक- स्वादानुसार
मखाने मोमोज बनाने की विधि
- सबसे पहले आप मखानों को एक कड़ाही में डालकर लो टू मीडियम फ्लेम पर ड्राई रोस्ट कर लें। अब इन्हें लगातार चलाते रहे जिससे यह जले नहीं। मखाने कुरकुरे हो जाएं तो गैस बंद कर दें और इन्हें थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
- इसके बाद भुने हुए मखानों को मिक्सर में डालकर पीस लें। ध्यान रहे कि मखानों को पाउडर जितना हो सके फाइन हो, क्योंकि मोटा पाउडर होने पर मोमोज का आटा आसानी से बेलने में दिक्कत होगी। तैयार है आपका मखाने का आटा।
- अब एक कटोरी में मखाने का पाउडर लें। इसमें थोड़ा मैदा और चावल का आटा जरुर डालें। यहां मैदा और चावल का आटा सिर्फ आटे को बांधने और उसे बेलने लायक बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालें और नरम आटा गूंथ लें।
- इस आटे को करीब 10 मिनट के लिए ढक्कर रख दें। इसमें आटा सेट हो जाएगा और इसे बेलना आसान रहेगा। इसके बाद ही आप मोमोज की फिलिंग को तैयार कर सकते हैं।
- फिलिंग के लिए आप एक कड़ाही में थोड़ा-सा तेल गर्म करें। इसमें चॉप किया हुआ लहसुन और अदरक डालकर कुछ सेकंड के लिए भून लें। अब बारीक कटी पत्ता गोभी, गाजर, शिमला मिर्च और अपनी पसंद की दूसरी सब्जियां डाल सकते हैं।
- अब सब्जियों को तेज आंच पर कुछ मिनट के लिए चलाते हुए पकाएं। इसमें थोड़ा नमक और काली मिर्च का पाउडर डालें। इस बात का ध्यान रखें कि सब्जियों को बहुत अधिक न पकाएं, ऐसा करने से फिलिंग फिलिंग में स्वाद नहीं आएगा। वैसे भी फिलिंग में क्रंच होना जरुरी है।
- इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को थोड़ा-सा सूखा आटा लगाकर पतला बेल लें। इसे बहुत अधिक मोटा न रखें, लेकिन इतना पतला न बेलें कि फिलिंग डालते समय ये फटने लगे।
- बेली हुई शीट के बीच में तैयार सब्जियों की फिलिंग रखें। इसके किनारों के थोड़ा गीला करके मोमोज की तरह मोड़कर बंद कर दें। अपने पसंद के मोमोज को अपनी पसंद के शेप में बना सकते हैं।
- इसके बाद स्टीमर में पानी गर्म करें। स्टीमर में ट्रे या प्लेट पर थोड़ा सा तेल लगा लें, जिससे मोमोज चिपके नहीं। अब मोमोज को थोड़ी-थोड़ी दूर पर रख दें।
- इन्हें ढककर करीब 10 से 15 मिनट तक स्टीम कर लें। इसके बाद चेक कर लें कि जब मोमोज की बाहर की लेयर अच्छी तरह पक जाए तो गैस बंद कर दें। इन्हें कुछ मिनट ठंडा होने दें और फिर चटनी के साथ सर्व करें।
इन बातों का रखें ध्यान
-मखाने का पाउडर बहुत मोटा न रखें। क्योंकि फाइन पाउडर से आटा गूंथना और उसे बेलना आसान होता है।
- मैदा और चावल के आटे का बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करें क्योंकि ये सिर्फ बाइंडिंग के लिए यूज करना सही रहेगा।
- मोमोज की लोई बहुत मोटी नहीं होनी चाहिए वरना मोटी परत होने पर मोमोज के स्टीम करने से ज्यादा समय लगेगा और मोमोज खाने में भी अच्छा नहीं लगेगा।
- फिलिंग तैयार करते समय सब्जियों में से सारा पानी सूख जाए, तब ही डाले,वरना ज्यादा गीली फिलिंग से मोमोज का बाहरी लेयर सॉफ्ट हो जाएगा।
- इसे आप गरमा-गरम चटनी के साथ सर्व न करें।
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पकौड़े खाना आखिर किसको अच्छा नहीं लगता। अक्सर लोग मेहमानों के आने पर या फिर शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े खाना काफी पसंद करते हैं। पकौड़े खाने में तो बेहद ही टेस्टी लगते हैं, लेकिन इनके साथ एक समस्या यह होती है कि वे बहुत अधिक ऑयली बन जाते हैं।
अमूमन यह माना जाता है कि तेल पर्याप्त गर्म ना होने या फिर बहुत ज्यादा तेल कड़ाही में होने की वजह से ऐसा हुआ। लेकिन हर बार ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। आपको शायद जानकर हैरानी हो, लेकिन पकौड़े कितना तेल सोखेंगे, इसमें बैटर का टेक्सचर और उसमें की गई छोटी-सी गलती भी बड़ी भूमिका निभाती है। जो चलिए जानते हैं ऐसी कौन-सी बैटर गलतियां हैं, जिनकी वजह से पकौड़े कुरकुरे होने के बजाय हैवी और ऑयली हो जाते हैं-
बहुत पतला बैटर होना
पकौड़े के बैटर को लेकर की जाने वाली यह सबसे आम गलती है। जब बेसन में जरूरत से ज्यादा पानी डाल दिया जाता है, तो बैटर सब्जी की सतह पर एक मजबूत परत बनाने के बजाय पतली कोटिंग करता है। ऐसे में तलते समय यह कोटिंग जल्दी सिकुड़ सकती है और उसकी संरचना में छोटे-छोटे खाली स्थान बन सकते हैं। यही जगह बाद में तेल को पकड़ने लगती है। बैटर हमेशा इतना गाढ़ा हो कि सब्जी को डुबोने पर उसके चारों तरफ एक समान परत चढ़े, लेकिन इतना भी गाढ़ा न हो कि बेसन की मोटी, आटे जैसी परत बन जाए।
बैटर को बहुत ज्यादा गाढ़ा कर देना
कुछ लोग पतले बैटर से परेशान होकर उसमें बार-बार बेसन डालते जाते हैं और यह गलती भी तेल सोखती जाती है। दरअसल, ऐसा करने से बैटर इतना भारी हो जाता है कि पकौड़े की बाहरी परत मोटी बनने लगती है। मोटी परत के अंदर मौजूद नमी को बाहर निकलने में ज्यादा समय लगता है। अगर पकौड़ा सही तरीके से नहीं पकता, तो बाहर से तैयार दिखने के बावजूद अंदर नमी रह सकती है।
बैटर में नमक बहुत पहले डाल देना
यह एक छोटी-सी गलती नजर आती है, लेकिन सब्जी वाले पकौड़ों में इससे बड़ा फर्क पड़ सकता है। दरअसल, नमक सब्जियों से पानी बाहर खींचता है। अगर प्याज या दूसरी नमीयुक्त सब्जियों को नमक डालकर काफी देर तक छोड़ दिया जाए, तो वे अतिरिक्त पानी छोड़ सकती हैं और आपका बैटर धीरे-धीरे पतला हो सकता है। इसलिए, आप यह तरीका आजमाएं। बेसन की मात्रा शुरुआत में जरूरत से बहुत ज्यादा न रखें, बल्कि प्याज के नमी छोड़ने के बाद बैटर की वास्तविक कंसिस्टेंसी देखकर जरूरत के अनुसार बेसन एडजस्ट करें।
- मिताली जैन
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