MPCA ने क्रिकेटरों को बांटे ₹2.94 करोड़:इंदौर में BCCI ने भी दिए ₹50 लाख, कूच बिहार ट्रॉफी जीती; महिला टीम रही रनर-अप
मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के पुरुष और महिला क्रिकेटरों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 2.94 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और आईसीसी मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ तथा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मुख्य रूप से मौजूद रहे। एमपीसीए की ओर से हर साल विभिन्न आयु वर्ग और श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार गत सत्र में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह में प्रदेश के बड़ी संख्या में पूर्व और वर्तमान क्रिकेटर, एमपीसीए पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। सभी खिलाड़ी एमपी के हैं। इनमें वरिष्ठ क्रिकेटर, कोच व जूनियर खिलाड़ी भी शामिल हैं। बीसीसीआई के साथ एमपीसीए भी देता है पुरस्कार बीसीसीआई के टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन के आधार पर बोर्ड की ओर से पुरस्कार राशि दी जाती है। इसी तरह एमपीसीए भी अपनी ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देता है। पुरस्कार की राशि टीम और व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है। गत सत्र में मध्यप्रदेश की टीम कूच बिहार ट्रॉफी की विजेता रही थी, जबकि महिला सीनियर टीम उपविजेता रही। इन उपलब्धियों के आधार पर बीसीसीआई की ओर से भी मध्यप्रदेश को करीब 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली थी। एमपीसीए की ओर से इस बार कुल 2.94 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एमपीसीए पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए भविष्य में भी प्रदेश के क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। पुरस्कारों में वरिष्ठ खिलाड़ियों से लेकर जूनियर क्रिकेटरों तक को नकद राशि और सिल्वर प्लाक दिए गए। सबसे बड़े व्यक्तिगत पुरस्कारों में माधवराव सिंधिया लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रशांत मेहता और सी.टी. सरवटे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड आनंद पटेल को दिया गया। दोनों को 5-5 लाख रुपए और सिल्वर प्लाक प्रदान किए गए। PM मोदी की सीख: हर 2-3 हफ्ते टीम से पूछें- क्या ठीक नहीं हुआ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रधानमंत्री की एक सीख का जिक्र करते हुए कहा कि हर दो-तीन हफ्ते में अपनी टीम के साथ बैठकर यह जरूर पूछना चाहिए कि क्या अच्छा हुआ और क्या ठीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अपनी कमियों पर ईमानदार फीडबैक लेकर उसमें सुधार करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। प्रधानमंत्री ने एक कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों से कहा था कि अपनी टीम के साथ नियमित रूप से बैठें और उनसे पूछें कि पिछले कुछ हफ्तों में क्या ठीक हुआ और क्या सुधार किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा, “भाई, जरा बताओ, पिछले दो-तीन हफ्तों में क्या ठीक हुआ?” टीम के सदस्य शायद यह कहें कि सब अच्छा चल रहा है। लेकिन इसके साथ यह पूछना भी जरूरी है कि “क्या ठीक नहीं हुआ? क्या परिवर्तन मुझे करना चाहिए? कहां कमी रह गई? ‘क्रिकेट कोई स्प्रिंट नहीं, मैराथन है’ क्रिकेट कोई स्प्रिंट नहीं, बल्कि मैराथन है। जीवन की तरह क्रिकेट में भी उतार-चढ़ाव, कठिनाइयां और चुनौतियां आती हैं। लेकिन लक्ष्य के प्रति जुनून और विश्वास बना रहे तो सफलता का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि अगर दिल में जुनून की ज्वाला और लक्ष्य पर विश्वास है, तो क्रिकेट के इतिहास में खिलाड़ी अपना उचित स्थान जरूर बना सकता है। श्रीनाथ की गेंदबाजी को किया याद सिंधिया ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ की तेज और आक्रामक गेंदबाजी को याद किया। उन्होंने कहा कि श्रीनाथ की धारदार गेंदबाजी ने बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा किया। श्रीनाथ के temperament, demeanor और commitment की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि उन्होंने श्रीनाथ में बचपन से लेकर क्रिकेट करियर और आईसीसी मैच रेफरी के रूप में भी लगातार सीखने की जिज्ञासा देखी है। महाआर्यमन सिंधिया ने पिता की बात का किया जिक्र एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया ने बातचीत के दौरान अपने पिता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की कही बात का भी खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब घर में उनकी उपलब्धियों को लेकर चर्चा होती है तो उनके पिता कहते हैं, बेटा, तुमने एक साल में इतना कुछ कर दिया। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर एक साल में बहुत कुछ हुआ और कई उपलब्धियां हासिल हुईं, लेकिन इसका श्रेय अकेले खुद को नहीं देता। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे साथ एक बहुत अच्छी टीम खड़ी है।
MP TET 2026 का शेड्यूल जारी: 12 अक्टूबर को होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा, 21 अगस्त से आवेदन शुरू
मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब आगे बढ़ गई है। कर्मचारी चयन मंडल ने TET परीक्षा की तारीख और आवेदन से जुड़ा शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके मुताबिक परीक्षा 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
इस परीक्षा में करीब 1.5 लाख शिक्षक शामिल होने की संभावना है। खास तौर पर वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त किए गए शिक्षकों के लिए यह पात्रता परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
21 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन
TET परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त 2026 से शुरू होगी। इच्छुक शिक्षक 4 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन भरने के बाद यदि किसी शिक्षक से फॉर्म में गलती हो जाती है तो उसमें सुधार का अवसर भी दिया जाएगा।
आवेदन में संशोधन की प्रक्रिया 21 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी। इसलिए शिक्षकों को सलाह है कि फॉर्म जमा करने से पहले अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी अच्छी तरह जांच लें।
1000 रुपये होगा परीक्षा शुल्क
TET परीक्षा में शामिल होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 1000 रुपये परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा।
किन शिक्षकों को देनी होगी TET?
जानकारी के अनुसार 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल होना होगा। यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत कराई जा रही है।
परीक्षा में सफल होने के लिए शिक्षकों को निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना होगा। परीक्षा से जुड़े विस्तृत नियम, पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और अन्य निर्देश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से जारी आधिकारिक सूचना में देखे जा सकेंगे।
शिक्षकों के लिए जरूरी तारीखें
विवरण तारीख
आवेदन शुरू - 21 अगस्त 2026
आवेदन की अंतिम तारीख - 4 सितंबर 2026
आवेदन में संशोधन - 21 अगस्त से 9 सितंबर 2026
TET परीक्षा - 12 अक्टूबर 2026
परीक्षा शुल्क - 1000 रुपये
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रही परीक्षा
मध्य प्रदेश में TET परीक्षा का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद किया जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक इस परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारी कर रहे शिक्षकों को सलाह है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।
मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा के पैटर्न और पासिंग मार्क्स की जानकारी होना बेहद जरूरी है। परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होंगे और हर सवाल एक अंक का रहेगा। इस तरह प्रश्नपत्र कुल 150 अंकों का होगा।
अभ्यर्थियों को सभी सवाल हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। परीक्षा में गलत जवाब देने पर अंक नहीं काटे जाएंगे, यानी निगेटिव मार्किंग लागू नहीं होगी।
कितने अंक लाने पर होंगे पास?
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्ण अंक अभ्यर्थी की श्रेणी के आधार पर निर्धारित किए गए हैं।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता परीक्षा पास करने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। 150 अंकों की परीक्षा में इसका मतलब 90 अंक है।
वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। 150 अंकों के पेपर में इन वर्गों के अभ्यर्थियों को कम से कम 75 अंक हासिल करने होंगे।
नोट: परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, शुल्क और पात्रता से संबंधित अंतिम जानकारी के लिए कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक अधिसूचना को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।
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