गुरनूर बरार की किस्मत चमकी, अचानक मिली इस बड़ी टीम में एंट्री, सीधे सेमीफाइनल में खेलेंगे!
Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी 2026 सीजन के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले 30 अगस्त से खेले जाएंगे. पहला सेमीफाइनल मैच सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन की टीमों के बीच खेला जाएगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल मैच में नॉर्थ जोन और साउथ जोन की भिड़ंत होगी. इस सेमीफाइनल मैचों से पहले भारतीय टीम श्रीलंका दौरे से वापस देश लौट आई है. श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम इंडिया के स्क्वाड में जगह मिली थी, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिला था. अब गुरनूर बरार को दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले के लिए नॉर्थ जोन के स्क्वाड में शामिल किया गया है. ऐसे में अब उनके पास दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में खुद को साबित करने का शानदार मौका होगा.
न्यूजीलैंड दौरे से पहले तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर रहेगी BCCI की नजरें
भारतीय टीम को अपनी अगली टेस्ट सीरीज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है. इस टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया नवंबर में न्यूजीलैंड का दौरा करेगी, जहां के हालात गेंदबाजों के अनुकूल माने जाते हैं. ऐसे में बीसीसीआई ने घरेलू टूर्नामेंट्स पर भी नजर बनाई हुई है, जिनमें गुरनूर पर भी टीम इंडिया के सेलेक्टर्स की नजर रहने वाली है. पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले गुरनूर बरार को हाल ही में श्रीलंका दौरे पर खेली गई 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया था, हालांकि उन्हें टेस्ट डेब्यू करने का मौका नहीं मिला. भारतीय टीम श्रीलंका दौरे पर अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के साथ उतरी थी, लेकिन दिलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में गुरनूर को को नार्थ जोन की प्लेइंग 11 में मौका मिलने की उम्मीद है.
Gurnoor Brar has been added to the North Zone squad for their Duleep Trophy semi-final against South Zone beginning on Sunday at the BCCI Centre of Excellence in Bengaluru
— Cricinfo (@cricinfo) August 29, 2026
Meanwhile, Auqib Nabi is exploring a short stint in the English county circuit, subject to his visa… pic.twitter.com/wDH3KGwlzN
सेमीफाइनल से पहले नार्थ जोन टीम की बढ़ गई है मुश्किलें
30 अगस्त से शुरू होने वाले दलीप ट्रॉफी 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले से पहले नॉर्थ जोन के खेमे से कई चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं. दरअसल इस नॉकआउट मुकाबले से पहले टीम कॉम्बिनेशन, खिलाड़ियों की फिटनेस और सेलेक्शन को लेकर मैदान के बाहर काफी हलचल देखी जा रही है.
रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले सनत सांगवान को पिछले मैचों में मौका न देने पर नॉर्थ जोन के थिंक-टैंक की काफी आलोचना हुई थी. अब उम्मीद है कि सेमीफाइनल में सनत सांगवान को टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह दी जाएगी. वहीं टीम के उपकप्तान आयुष बडोनी पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार और टॉन्सिल की समस्या से परेशान हैं. हालांकि, टीम के मेडिकल स्टाफ और मैनेजमेंट के लिए राहत की बात यह है कि बडोनी की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि वो सेमीफाइनल से पहले पूरी तरह रिकवर हो जाएंगे और मैदान पर उतरेंगे.
यश ढुल भी हैमस्ट्रिंग में खिंचाव से परेशान हैं. हालांकि उन्होंने ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लिया है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर संशय बरकरार है. अगर ढुल मैच के लिए फिट घोषित होते हैं, तो वे सनत सांगवान के साथ पारी का आगाज करते नजर आ सकते हैं.
दिलीप ट्रॉफी 2026 सेमीफाइनल के लिए नार्थ जोन का स्क्वाड
कन्हैया वाधवान (कप्तान व विकेटकीपर), आयुष बडोनी (उपकप्तान), यश ढुल, अब्दुल समद, सनत सांगवान, आयुष दोसेजा, कामरान इकबाल, निशांत संधू, अर्जुन शर्मा, आबिद मुश्ताक, साहिल लोत्रा, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह, अंशुल कंबोज, निखिल कश्यप, सुनील कुमार.
Everest हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश, FSSAI की जांच में सैंपल फेल
FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने दो बड़े मसाला ब्रांड्स एवरेस्ट और लालजी गोधू के कम्पाउंडेड हींग की बिक्री को रोकने का आदेश दिया है. यह फैसला दोनों कंपनियों के हींग के सैंपल जांच में मानकों के नीचले स्तर पर पाए जाने पर लिया गया. एजेंसी के अनुसार, यह बैन सिर्फ हींग प्रोडक्ट्स पर है. अभी इन कंपनियों के अंडा करी मसाला, चिकन करी मसाला या गरम मसाला जैसे बाकी प्रोडक्ट्स पर किसी तरह की रोक नहीं है. यह जांच एक उपभोक्ता की शिकायत के बाद सामने आई. इसके बाद पूरे बाजार में मौजूद हींग ब्रांड्स की जांच की गई.
मानकों पर नहीं पाए गए
मामले की शुरुआत तक शुरू हुई जब एक ग्राहक ने किसी खास ब्रांड की हींग की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद FSSAI ने बाजार में मौजूद सभी बड़े हींग ब्रांड्स की जांच आरंभ कर दी। शुरुआती लैब रिपोर्ट में सामने आया कि एवरेस्ट और लालजी गोधू, दोनों कंपनियों के कंम्पाउंडेड हींग तय मानकों पर नहीं पाए गए। इसके बाद मुंबई में मौजूद इन दोनों कंपनियों की सेंट्रल लाइसेंस वाली यूनिट्स से सैंपल लिए गए। इन्हें जांच के लिए भेजा गया। इतना ही नहीं, गुजरात के उम्बरगांव में एवरेस्ट की एक अन्य यूनिट पर गुजरात राज्य के खाद्य विभाग के साथ मिलकर सैंपलिंग की गई. जांच में सभी सैंपल घटिया गुणवत्ता के पाए गए।
नियमों के मुताबिक कम्पाउंडेड हींग बनाने के लिए असली हींग को गोंद, स्टार्च और आटे के साथ मिलाया जाता है, लेकिन इसमें कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट होना जरूरी है। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों के प्रोडक्ट्स में यह मात्रा सिर्फ 0 से 3 प्रतिशत ही थी। असली हींग तय मात्रा से करीब 30 से 40 प्रतिशत कम मिलाई जा रही थी. इसके अलावा लालजी गोधू की यूनिट से ली गई। असली हींग की छह किस्मों की भी जांच हुई.
स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई
नियम के अनुसार असली हींग में स्टार्च की मात्रा एक प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, लेकिन जांच में इन छह किस्मों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत तक पाई गई, जो तय सीमा से कहीं ज्यादा है. इन गंभीर गड़बड़ियों को देखते हुए FSSAI ने दोनों कंपनियों पर बिक्री प्रतिबंध का आदेश जारी किया है. पूरे देश में एवरेस्ट और लालजी गोधू के हिंग पर बैन लगा दिया गया है. यह कदम उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए एक एहतियाती कार्रवाई है. साथ ही दोनों कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे यह बताएं कि वे किस तरह अपनी गलती सुधारेंगी और आगे से मानकों के मुताबिक हींग बनाएंगी. कंपनियों को यह सलाह दी गई है कि वे बाजार में मौजूद घटिया हींग को खुद ही वापस मंगवा लें.
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