Tibet Flash Flood से भारी तबाही, 7 की मौत और 260 विदेशियों समेत 554 लोग लापता
के जे एम वर्मा बीजिंग, 29 अगस्त नेपाल सीमा के पास तिब्बत में आई अचानक बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। तिब्बत आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल अपने प्रयासों को तेज कर रहे हैं।
अचानक आई बाढ़ ने बुधवार को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के जिरोंग काउंटी में कहर बरपाया, जिससे नेपाल सीमा के पास के कई गांव और कस्बे जलमग्न हो गए। विभाग ने बताया कि क्षेत्र में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है और 554 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में से 260 की पहचान विदेशी नागरिकों के रूप में की गई है, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता के बारे में जानकारी साझा नहीं की गई है।
भारत और चीन के बीच संबंधों में तनाव कम होने के बाद बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा में भाग लेने के लिए तिब्बत की यात्रा कर रहे हैं। खबरों के अनुसार जब अचानक आई बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई, उस वक्त कुछ भारतीय श्रद्धालु तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित आव्रजन भवन में मौजूद थे। चीन की सरकार भारतीय दूतावास सहित बीजिंग स्थित संबंधित दूतावासों को फंसे और लापता पर्यटकों के बारे में जानकारी देने की प्रक्रिया में है।
सरकारी मीडिया की खबरों के अनुसार, तिब्बत के आपदा प्रभावित क्षेत्र में चीन के कुल 2,141 बचाव कर्मियों और प्राकृतिक संसाधनों व अन्य संबंधित क्षेत्रों के 86 विशेषज्ञों को तैनात किया गया है। बचाव अधिकारी जौ मिंगकी ने सरकारी मीडिया को बताया, ‘‘जहां तक मैं देख पा रहा हूं, वहां अब मलबा ही मलबा है।
Nepal Floods में फंसे महाराष्ट्र के 100 श्रद्धालुओं को बिहार सरकार ने सुरक्षित निकाला
बिहार सरकार ने नेपाल में आई अचानक आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला और उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्य भेज दिया। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि यह निकासी महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर की गई।
बयान में कहा गया, ‘‘बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने शुक्रवार को नेपाल सीमा से श्रद्धालुओं को सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया।’’ यह बचाव अभियान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल की देखरेख में चलाया गया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि महाराष्ट्र के ये श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर या नेपाल के अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए गए थे या नहीं।
बयान में कहा गया, ‘‘उन्हें शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे पटना लाया गया और एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया, जहां उन्हें भोजन, चिकित्सा जांच और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं।’’ बिहार के मुख्य सचिव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के बीच समन्वय के बाद श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गए। एक अधिकारी ने बताया कि श्रद्धालु शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गए। अधिकारी ने यह भी बताया कि कुछ श्रद्धालुओं ने संबंधित रेलवे और राज्य सरकार के अधिकारियों को राखियां भी बांधीं।
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