नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भारत ने भेजी स्पेशल टीम! #nepalflood #india #rescueoperation
नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारत ने नेपाल के अनुरोध पर विशेष टनल-रेस्क्यू और मेडिकल टीम भेजी है, ताकि प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
वैश्विक तनावों के बीच लगातार तीसरे सप्ताह गिरा बाजार, निफ्टी और सेंसेक्स में आई 0.36 प्रतिशत तक की गिरावट
मुंबई, 29 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक ब्याज दरों की दिशा को लेकर बनी अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता के बीच भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की। हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में मजबूत वापसी देखने को मिली, लेकिन साप्ताहिक आधार पर प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे।
सप्ताह के दौरान निफ्टी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि शुक्रवार को इसमें 0.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 24,175 अंक पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स अंतिम कारोबारी सत्र में 330 अंक या 0.43 प्रतिशत चढ़कर 77,264 अंक पर बंद हुआ, लेकिन पूरे सप्ताह में इसमें 0.36 प्रतिशत की गिरावट रही।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) शेयरों में क्लोजिंग ऑक्शन सत्र (सीएएस) लागू किए जाने को लेकर बनी अस्थिरता ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दौरान क्लोजिंग ऑक्शन में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे विशेषकर बड़े शेयरों में अल्पकालिक अस्थिरता और मूल्य विसंगतियों को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
शुक्रवार को आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते घरेलू बाजार को सहारा मिला। वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र से मिले सकारात्मक संकेतों और एनवीडिया के बेहतर परिणामों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप निफ्टी आईटी इंडेक्स सप्ताह भर में लगभग 2.45 प्रतिशत मजबूत हुआ और यह सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा।
इसके विपरीत, चुनिंदा बैंकिंग और उपभोक्ता क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिसका असर व्यापक बाजार पर पड़ा। दवा और कुछ धातु कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली।
बाजार की दिशा पर सबसे बड़ा प्रभाव अमेरिका से आने वाले संकेतों का रहा। जैक्सन होल सम्मेलन में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष की टिप्पणियों के बाद निवेशक भविष्य की ब्याज दर नीति को लेकर सतर्क बने रहे। बाजार अब इस संभावना का आकलन कर रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक पहले की तुलना में कम उदार मौद्रिक नीति अपना सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति और बॉन्ड यील्ड को लेकर बढ़ती अनिश्चितता उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश प्रवाह को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।
वहीं, इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने कुछ राहत जरूर प्रदान की। ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग 88 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही में सुधार की उम्मीदों के कारण ऊर्जा बाजार में नरमी देखने को मिली, जिससे ऊर्जा लागत पर निर्भर उद्योगों को राहत मिली।
हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव अभी भी ऊंचे स्तर पर है और यदि ऊर्जा आपूर्ति में फिर से किसी प्रकार का व्यवधान आता है तो कच्चे तेल की कीमतें दोबारा तेजी पकड़ सकती हैं।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 से 23,800 अंक का क्षेत्र निकटतम सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बाजार में दबाव बढ़ सकता है। वहीं ऊपर की ओर 24,300 से 24,400 अंक का क्षेत्र प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है।
बैंक निफ्टी के लिए 56,900 से 56,500 अंक का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 57,800 से 58,000 अंक का क्षेत्र प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है।
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की निगाहें घरेलू आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेंगी। विशेष रूप से भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े और अमेरिका से आने वाले रोजगार संबंधी आंकड़े तथा अगस्त की गैर-कृषि रोजगार रिपोर्ट, जो 4 सितंबर को जारी होने वाली है, बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक ब्याज दरों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद और चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी की रुचि बाजार को बड़े नुकसान से बचाने का काम कर रही है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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