Poonch में LoC पर दिखा संदिग्ध पाकिस्तानी Drone, सुरक्षा बलों ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे अग्रिम इलाकों में एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार तड़के इलाके में व्यापक तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन को शुक्रवार देर शाम मेंढर सेक्टर में बालाकोट इलाके के बह्रूटी गांव में देखा गया।
यह सीमा के पास मंगलनार-डबरोत की ओर बढ़ा और फिर पाकिस्तान लौट गया। उन्होंने बताया कि नियंत्रण रेखा की निगरानी कर रहे सेना के जवानों ने सतर्कता बढ़ाते हुए सुबह पहली किरण के साथ ही तलाश अभियान शुरू कर दिया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन से कोई संदिग्ध सामग्री गिराई गई है या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि तलाश अभियान अभी जारी है और सीमा पर सुरक्षा बल अत्यधिक सतर्कता बरत रहे हैं।
इसके साथ ही, पुलिस ने सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद ऊधमपुर, कठुआ और राजौरी जिलों के विशाल वन क्षेत्रों में बड़ा तलाशी अभियान चलाया है। अधिकारियों के अनुसार, ऊधमपुर-कठुआ वन क्षेत्र के खुबान, नगाइन, खत्रैल, गोडू फलाल, पडेतर, चोर मोट्टू, किया, खेबा, भेड, जोफर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार शाम संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया गया था, जो अभी जारी है। वहीं राजौरी के गैबास, मिठियानी, मोगला और नरला इलाकों में दो संदिग्ध हथियारबंद लोगों के देखे जाने की सूचना ग्रामीणों से मिलने के बाद एक अलग तलाश अभियान चलाया गया।
इन हथियारबंद संदिग्धों को आतंकवादी बताया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि अभी तक किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सामना नहीं हुआ है।
Kishtwar Hospital की नर्स गिरफ्तार, आदिवासी किशोरी दुष्कर्म और मौत मामले में कार्रवाई
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आदिवासी किशोरी से दुष्कर्म और बाद में उसकी मौत के मामले में जिला अस्पताल की एक नर्स को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि किश्तवाड़ जिला अस्पताल में तैनात नर्स सोनिका को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी का उसके विद्यालय के एक शिक्षक ने कई महीनों तक कथित रूप से बार-बार यौन उत्पीड़न किया, जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बाद में छत्रू इलाके में गर्भपात कराने की कथित कोशिश के दौरान किशोरी की मौत हो गई।
पुलिस ने 20 अगस्त को सरकारी शिक्षक और उसके भाई को गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के दौरान सामने आया कि शिक्षक ने अपने भाई के साथ मिलकर गर्भपात कराने के इरादे से किशोरी को दवाएं दी थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले किशोरी को छत्रू स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
इसके बाद अस्पताल के एक सफाईकर्मी की कथित मिलीभगत से उसे किश्तवाड़ के जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां किशोरी ने मृत शिशु को जन्म दिया और इसके बाद उसकी भी मौत हो गई। प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि किशोरी का गर्भपात कराने में नर्स सोनिका की भूमिका थी।
इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल नाबालिग की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों और मामले में सामने आए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की गहन, वैज्ञानिक, निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित जांच कर रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी गिरफ्तारियां संभव है तथा मामले में संलिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले बृहस्पतिवार को किश्तवाड़ जिला अस्पताल में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत एक आरोपी को अपराध की जानकारी छिपाने की साजिश में उसकी कथित भूमिका के लिए सेवा से हटा दिया गया था।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









